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LIC IPO: दीपम ने बताया- पब्लिक ऑफर के लिए 10 मर्चेंट बैंकरों की हुई नियुक्ति, कानूनी सलाहकार चुनने की प्रक्रिया जारी

LIC IPO में कानूनी सलाहकार के लिए 16 सितंबर  2021 तक बोली भेजी जा सकती है.

LIC IPO में कानूनी सलाहकार के लिए 16 सितंबर 2021 तक बोली भेजी जा सकती है.

दीपम (DIPAM) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने ट्वीट किया कि केंद्र ने एलआईसी आईपीओ (LIC IPO) के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर्स के साथ दूसरे कई सलाहकारों का चयन कर लिया है. विनिवेश विभाग ने मर्चेंट बैंकरों की नियुक्ति के लिए 15 जुलाई 2021 को आवेदन मांगे थे. इसके बाद 16 मर्चेंट बैंकरों ने इसमें रुचि दिखाई थी.

  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी के पब्लिक ऑफर (LIC IPO) के प्रबंधन के लिए 10 मर्चेंट बैंकर्स (Merchant Bankers) की नियुक्ति कर दी है. इनमें गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया और नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज इंडिया शामिल हैं. डिपार्टमेंट ऑफ इंवेस्‍टमेंट एंड पब्लिक असेट्स मैनेजमेंट (DIPAM) के मुताबिक, इस आईपीओ के प्रबंधन के लिए चुने गए बैंकरों में एसबीआई कैपिटल मार्केट, जेएम फाइनेंशियल, एक्सिस कैपिटल, बोफा सिक्योरिटीज, जेपी मॉर्गन इंडिया, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज और कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड भी हैं.

    कानूनी सलाहकार के लिए 16 सितंबर तक भेज सकते हैं बोली
    दीपम के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने ट्वीट किया कि केंद्र ने एलआईसी आईपीओ के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर्स के साथ दूसरे कई सलाहकारों का भी चयन कर लिया है. बता दें कि विनिवेश विभाग ने मर्चेंट बैंकरों की नियुक्ति के लिए 15 जुलाई 2021 को आवेदन मांगे थे. इसके बाद 16 मर्चेंट बैंकरों ने देश के सबसे बड़े आईपीओ के प्रबंधन में रुचि दिखाई थी. दीपम हिस्सेदारी बिक्री के लिए कानूनी सलाहकार (Legal Advisors) की नियुक्ति की भी प्रक्रिया में है. इसके लिए बोली भेजने की अंतिम तिथि 16 सितंबर 2021 है. कंपनी का आईपीओ जनवरी-मार्च 2022 तिमाही में आने की उम्मीद है.


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    कुछ महीने के अंतर पर दो किस्‍तों में आ सकता है आईपीओ
    विनिवेश विभाग ने बताया कि बीमा कंपनी मिलीमैन एडवाइजर्स एलएलपी की नियुक्ति आईपीओ से पहले एलआईसी का बिल्‍ट-इन प्राइस निकालने के लिए की गई है. माना जा रहा है कि कुछ महीने के अंतराल पर यह इश्यू दो किस्तों में आ सकता है. वहीं, पब्लिक ऑफर से पहले ही विदेशी संस्‍थागत निवेशकों (FIIs) को 20 फीसदी तक के निवेश की अनुमति देने पर विचार किया जा रहा है. वहीं, केंद्र वित्‍त वर्ष 2021-22 में ही एलआईसी को सूचीबद्ध (LIC Listing) कराने की योजना पर काम कर रहा है. केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) एलआईसी में हिस्सेदारी बेचने के लिए मंजूरी दे चुका है. केंद्र को उम्मीद है कि एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी बेचकर वह 80,000-90,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है.

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    60% बीमा कारोबार चला जाएगा सूचीबद्ध कंपनियों के पास
    सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी का आईपीओ आने के बाद देश में इंश्योरेंस बिजनेस (Insurance Business) का करीब 60 फीसदी हिस्‍सा सूचीबद्ध कंपनियों के पास होगा. बता दें कि मार्च 2022 तक सरकार को विनिवेश (Disinvestment) से 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने हैं. इसी योजना के तहत सरकार एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी घटा रही है. एलआईसी देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी है. इसके पास करीब 34 लाख करोड़ रुपये की संपत्तियां हैं. इसकी सहयोगी कंपनी सिंगापुर में है, जबकि बहरीन, केन्या, श्रीलंका, नेपाल, सऊदी अरब और बांग्लादेश में इसके ज्वाइंट वेंचर हैं.

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