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LIC IPO: केंद्र सरकार 10 लाख करोड़ रुपये का चाहती है वैल्यूएशन, जुटने वाले फंड से किस घाटे को किया जाएगा पूरा

केंद्र सरकार एलआईसी आईपीओ से जुटने वाली रकम से कुछ घाटे पाटेगी.

केंद्र सरकार एलआईसी आईपीओ से जुटने वाली रकम से कुछ घाटे पाटेगी.

सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी लाइफ इंश्‍योरेंस कॉरपोरेशन के आईपीओ (LIC IPO) के जरिये मोदी सरकार 400 अरब रुपये से लेकर 1 लाख करोड़ रुपये तक जुटा सकती है. सरकार बीमा कंपनी में अपनी 5 से 10 फीसदी तक हिस्‍सेदारी बेचने (Government Stake Sale) की योजना पर काम कर रही है.

  • News18Hindi
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    नई दिल्‍ली. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Modi Government) पब्लिक ऑफर लाने से पहले लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC IPO) की वैल्यू 8 से 10 लाख करोड़ रुपये के बीच तय कराने की कोशिश कर रही है. हालांकि, एलआईसी की संभावित वैल्यू (LIC Valuation) को शुरुआती बातचीत, बातचीत के बाद किए गए बदलावों, कागजी जांच पड़ताल और आधिकारिक वैल्यूएशन रिपोर्ट आने के बाद तय किया जाएगा. बताया जा रहा है कि सरकार कंपनी में अपनी 5 से 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचने (Government Stake Sale) की योजना पर काम कर रही है.

    राजकोषीय घाटे के अंतर को कम करेगी सरकार
    एलआईसी का वैल्यूएशन 10 लाख करोड़ रुपये होने पर सरकार आईपीओ के जरिये 400 अरब रुपये से लेकर 1 लाख करोड़ रुपये तक जुटा सकती है. माना जा रहा है कि यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा. केंद्र सरकार एलआईसी के आईपीओ से जुटने वाले फंड के जरिये राजकोषीय घाटे के अंतर को कम करना चाहती है. केंद्र ने इस वित्त वर्ष में विनिवेश के जरिये 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है. केंद्र सरकार एलआईसी में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI in LIC) को भी मंजूरी देने पर विचार कर रही है. पिछले हफ्ते कुछ बैंकरों ने सरकार और एलआईसी के अधिकारियों से मुलाकात की थी, ताकि औपचारिक तौर पर आईपीओ की प्रक्रिया शुरू की जा सके.

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    आईपीओ के लिए नियुक्‍त हो गए 10 मर्चेंट बैंकर्स
    एलआईसी आईपीओ के प्रबंधन के लिए 10 मर्चेंट बैंकर्स (Merchant Bankers) की नियुक्ति हो गई है. इनमें गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया और नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज इंडिया शामिल हैं. डिपार्टमेंट ऑफ इंवेस्‍टमेंट एंड पब्लिक असेट्स मैनेजमेंट (DIPAM) के मुताबिक, इस आईपीओ के प्रबंधन के लिए चुने गए बैंकरों में एसबीआई कैपिटल मार्केट, जेपी मॉर्गन इंडिया, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज और कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड भी हैं.

    कानूनी सलाहकार के लिए बोली भेजने का आज अंतिम दिन
    दीपम हिस्सेदारी बिक्री के लिए कानूनी सलाहकार (Legal Advisors) की नियुक्ति की भी प्रक्रिया में है. इसके लिए बोली भेजने की अंतिम तिथि 16 सितंबर 2021 यानी आज है. कंपनी का आईपीओ जनवरी-मार्च 2022 तिमाही में आने की उम्मीद है.

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    पॉलिसीधारकों के लिए 10% हिस्सा रहेगा रिजर्व
    देश के सबसे बड़े आईपीओ में पॉलिसीहोल्डर्स के लिए 10 फीसदी हिस्सा रिजर्व रहेगा. इसलिए LIC ने पॉलिसीधारकों के लिए IPO में अलॉटमेंट की प्रक्रिया शुरू कर दी है. कंपनी ने योग्य पॉलिसीधारकों का डेटा बेस बनाना शुरू कर दिया है, क्योंकि कंपनी के 29 करोड़ से ज्यादा पॉलिसी होल्डर हैं.

    वित्तमंत्री ने बजट भाषण में दी थी ये जानकारी
    इस साल अपने बजट भाषण में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा था कि इस फिस्कल ईयर में BPCL, एयर इंडिया, शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, कंटेनर कॉर्प ऑफ इंडिया, IDBI Bank, BEML, पवन हंस, नीलाचल इस्पात निगम सहित कई दूसरी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने की योजना है.

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