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LIC IPO: रूस-यूक्रेन युद्ध ने बढ़ाई सरकार की टेंशन, कम हो सकता है एलआईसी का वैल्यूएशन

LIC IPO: रूस-यूक्रेन युद्ध ने बढ़ाई सरकार की टेंशन, कम हो सकता है एलआईसी का वैल्यूएशन

लिस्ट होने के बाद एलआईसी देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल हो जाएगी.

लिस्ट होने के बाद एलआईसी देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल हो जाएगी.

LIC IPO : रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक शेयर बाजारों में अनिश्चितता के कारण घरेलू बाजार में भारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए सरकार LIC की वैल्यूएशन में कटौती पर विचार कर रही है. इसकी वैल्यूएशन करीब 30 फीसदी तक कम की जा सकती है. आईपीओ में निवेशकों का आकर्षण बढ़ाने के लिए सरकार यह कदम उठा रही है.

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नई दिल्ली. रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक शेयर बाजारों में अनिश्चितता के कारण घरेलू बाजार में भारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए सरकार भारतीय जीवन बीमा कंपनी (LIC) की वैल्यूएशन में कटौती पर विचार कर रही है. इसकी वैल्यूएशन करीब 30 फीसदी तक कम की जा सकती है. एलआईसी के आईपीओ में निवेशकों का आकर्षण बढ़ाने के लिए सरकार यह कदम उठा रही है.

लाइव मिंट के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि सरकार देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC की वैल्यूएशन (Valuation of LIC) करीब 11 लाख करोड़ रुपये रखना चाहती है. पहले 16 लाख करोड़ रुपये के वैल्यूएशन की योजना बनाई गई थी. वैल्यूएशन में कटौती के बावजूद यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ होगा. इससे पहले मार्च में एलआईसी के आईपीओ को लाया जाना था. 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद दुनियाभर के शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव के बाद सरकार ने योजना टाल दी.

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सरकार इसलिए घटा रही है वैल्यूएशन
विशेषज्ञों का कहना है कि वैल्यूएशन घटाने से एलआईसी के आईपीओ में निवेशकों का आकर्षण बढ़ सकता है. इससे निवेशकों के लिए लिस्टिंग गेंस की संभावना बढ़ जाएगी. सीएनबीसी-टीवी18 के सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस आईपीओ के लिए सेबी के पास अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा करा सकती है. पहले भेजे गए डीआरएचपी में सरकार ने एलआईसी में 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई थी.

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कई मायनों में होगा खास
देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी का आईपीओ कई मायनों में खास होगा. निवेशकों को इसका काफी इंतजार है. लिस्ट होने के बाद एलआईसी देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल हो जाएगी. रिलायंस इंडस्ट्रीज अभी देश की सबसे बड़ी कंपनी है, जबकि टीसीएस दूसरे स्थान पर है. हालांकि, एचडीएफसी के विलय के बाद एचडीएफसी बैंक भी सबसे बड़ी कंपनियों की कतार में आ जाएगा.

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अगले महीने आ सकता है आईपीओ
सरकार अगले महीने यानी मई तक एलआईसी के आईपीओ को बाजार में लाने की योजना बना रही है. इसमें सरकार पांच फीसदी हिस्सेदारी यानी 31.6 करोड़ शेयर बेच सकती है. इससे करीब 63000 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है. पहले यह आईपीओ मार्च में आने वाला था.

पॉलिसीहोल्डर्स के क्या है खास
इस इश्यू का एक हिस्सा एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित होगा. बीमा कंपनी अपने पॉलिसीधारकों को भी निवेश करने का अवसर देगी. उनके लिए 10 फीसदी शेयर आरक्षित रखे जा सकते हैं. अगर सरकार सेबी के बास नया डीआरएचपी जमा नहीं कराती है तो उसे 12 मई तक बाजार में आईपीओ को उतारना ही होगा.

Tags: Central government, LIC IPO, Life Insurance Corporation of India (LIC), SEBI

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