इस कानून की वजह से बदल सकता है LIC को शेयर बाजार में लिस्ट करने का तरीका?

इस कानून की वजह से बदल सकता है LIC को शेयर बाजार में लिस्ट करने का तरीका?
LIC के आईपीओ की लिस्टिंग होगी बेहद खास!

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC-Life Insurance Corporation of India) के आईपीओ (IPO-Initial Public Offer) को लेकर सरकार ने इसके प्रोसेस को तेज कर दिया है. लेकिन इसकी लिस्टिंग कंपनी के तौर पर नहीं बल्कि कॉर्पोरेशन के रूप में हो सकती है.

  • Share this:
नई दिल्ली. देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी-भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC-Life Insurance Corporation of India) के आईपीओ लाने के प्रोसेस को सरकार ने  तेज कर दिया है. लेकिन शेयर बाजार में इसकी लिस्टिंग कुछ अलग हो सकती है. CNBC TV18 को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार एलआईसी को एक कंपनी के रूप में लिस्ट ना कराकर इसे कॉर्पोरेशन के तौर पर लिस्ट कराने का फैसला कर सकती है. क्योंकि कंपनी एक्ट के तहत LIC अभी सरकार की ओर से सभी पॉलिसी की गारंटी लेती है. इसीलिए इसको कॉर्पोरेशन के तौर पर लिस्ट कराया जा सकता है.

क्यों अन्य कंपनियों से अलग होगी LIC की लिस्टिंग! - सरकार की गारंटी LIC को सबसे बेहतर और अलग बनाता है. इसी वजह से LIC निजी सेक्टर की अन्य कंपनियों के मुकाबले बहुत आगे है. सरकारी गारंटी की वजह से एलआईसी आसानी से सॉल्वेंसी मार्जिन आवश्यकताओं को पूरा कर देती है. इस तरह की गारंटी के अभाव में, सरकार को 30 करोड़ पॉलिसीधारकों के लिए 28 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के पॉलिसीधारक फंड की आवश्यकता होगी.

CNBC TV18 सूत्रों के मुताबिक, एलआईसी को कॉर्पोरेशन के रूप में लिस्ट करने के लिए, सरकार को एलआईसी अधिनियम में संशोधन करना होगा. हालांकि एलआईसी अधिनियम में संशोधन पर औपचारिक चर्चा शुरू होनी बाकी है, लेकिन एलआईसी के साथ कॉर्पोरेशन शब्द को बनाए रखने के लिए सरकार के भीतर आम सहमति है.



ये भी पढ़ें- आयकर विभाग ने PAN और Aadhaar को लिंक करने की समयसीमा बढ़ाई, जानें क्‍या है आखिरी तारीख 
एलआईसी एक्ट क्या है (What is LIC Act)- एलआईसी एक्ट में कहा गया है कि कॉर्पोरेशन द्वारा जारी की गई सभी पॉलिसी द्वारा सुनिश्चित रकम, जिसमें उसके संबंध में घोषित किए गए बोनस और धारा 14 में शामिल प्रावधानों के अधीन, किसी भी बीमा कंपनी द्वारा जारी की गई सभी पॉलिसी द्वारा सुनिश्चित की गई रकम, जिनके अंतर्गत देय हैं. इस अधिनियम के तहत कॉर्पोरेशन, और उसके संबंध में घोषित सभी बोनस, चाहे नियत दिन से पहले या बाद में, केंद्र सरकार द्वारा नकद में भुगतान के रूप में गारंटी दी जाएगी .

आखिर क्यों LIC को लिस्ट करना चाहती है सरकार?- वित्त वर्ष 2020-21 के लिए केंद्र सरकार ने विनिवेश (Disinvestment) का लक्ष्य 1.20 लाख करोड़ रुपये का रखा है. माना जा रहा है कि LIC का IPO देश का सबसे बड़ा IPO साबित हो सकता है. LIC के IPO से राजको​षीय घाटे (Fiscal Deficit) की भरपाई करने में मदद मिलेगी. बजट में सरकार ने राजकोषीय घाटे का अनुमान वर्तमान में GDP के 3.3 फीसदी से बढ़ाकर 3.8 फीसदी रखा है. अगले वित्त वर्ष के लिए यह अनुमान 3.5 फीसदी का है.

आपने भी ली है LIC पॉलिसी तो क्या होगा असर?- भारत के तीन चौथाई बीमा बाजार पर LIC की पकड़ है. हालांकि, पिछले साल ही निवेश को लेकर LIC के कुछ गलत फैसलों पर सवाल भी उठाया गया था. अब सरकार द्वारा LIC IPO लाने के फैसले को लेकर माना जा रहा है कि LIC की लिस्टिंग के बाद कंपनी के कामकाज में पहले से अधिक पारदर्शिता आएगी.

अगर कंपनी बेहतर प्रदर्शन करती है तो इसका फायदा बीमाधारकों को भी मिलेगा. जानकारों का कहना है कि LIC की अधिकतर पॉलिसी नॉन यूनिट लिंक हैं.

इसका मतलब है कि अगर शेयर बाजार में कोई उतार-चढ़ाव आता है तो इसका असर पॉलिसी पर नहीं देखने को मिलेगा. वहीं, कंपनी के बेहतर प्रदर्शन का असर लोगों के निवेश पर सकारात्मक रूप में देखने को मिलेगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज