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LIC पर सरकार ने लिया अब तक का सबसे बड़ा फैसला, आपने भी ली है पॉलिसी तो जान लें ये बात

LIC की लिस्टिंग करेगी केंद्र सरकार

LIC की लिस्टिंग करेगी केंद्र सरकार

बजट भाषण (Budget Speech 2020) में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने ऐलान किया, 'केंद्र सरकार LIC को स्टॉक एक्सचेंज (Stock Exchange) पर लिस्ट करेगी. इसके साथ ही LIC में केंद्र सरकार अपनी हिस्सेदारी कम करेगी. लेकिन, इससे पहले सरकार के लिए एक बड़ा पेंच फंस सकता है.'

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    नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) के बजट भाषण में जिस बात ने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा वो ये था कि अब सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की कुछ हिस्सेदारी शेयर मार्केट में लिस्ट (Stock Market Listing) की जाएगी. वर्तमान में, LIC की 100 फीसदी हिस्सेदारी केंद्र सरकार के पास है. सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि उसके विनिवेश का लक्ष्य पूरा हो सके और झोली में कुछ पूंजी आ सके.

    सबसे अधिक मार्केट कैप वाली कंपनी बन सकती है LIC
    भारतीय जीवन बीमा निगम देश की सबसे बड़ी वित्तीय संस्थान (Financial Institution) है और ऐसे में अगर इस कंपनी को स्टॉक एक्सचेंज (Stock Exchange) पर लिस्ट किया जाता है तो निश्चित ही यह देश की सबसे बड़ी लिस्‍टेड कंपनी बन सकती है. इस कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन यानी बाजार पूंजीकरण भी सबसे अधिक हो जाएगा. वर्तमान में, मार्केट कैप (Market Capitalization) के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रील लिमिटेड (RIL) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) देश की सबसे बड़ी कंपनियां हैं. LIC का मार्केट कैप ये संभावना इसलिए भी है, क्योंकि 5 करोड़ रुपये के कैपिटल पर अंतिम बार एलआईसी ने 48,436 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था. यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2018 का है.

    घट जाएगा सरकार का मालिकाना हक
    पिछले साल ही कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि केंद्र सरकार LIC की कुछ हिस्सेदारी लिस्ट कर सकती है. इस लिस्टिंग के साथ ही LIC में केंद्र सरकार का मालिकाना हक भी घट जाएगा. याद दिला दें कि जुलाई 2019 के बजट में ही केंद्र सरकार ने कहा था कि लिस्टेड कंपनियों में केंद्र सरकार मिनिमम पब्लिक होल्डिंग को घटाकर 35 फीसदी करेगी. सरकार ने जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन आफ इंडिया और न्यू इंडिया एश्योरेंस ने तीन साल पहले आईपीओ के जरिए लिस्ट किया था.

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    मार्केट के लिए बढ़ सकती है चिंता
    केंद्र सरकार द्वारा देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी को लिस्ट करने से एक बात की चिंता बढ़ सकती है. दरअसल, माना जाता था कि मार्केट को सपोर्ट करने के ​लिए भारी गिरावट के दौर में शेयर्स खरीदती है. साथ ही, जब किसी भी सरकारी कंपनी का विनिवेश होता है मार्केट में उसके लिए खरीदारों में दिलचस्पी नहीं होती है तो ऐसे वक्त भी LIC ही बचाव के लिए काम आती है.



    हर साल स्टॉक मार्केट में सबसे अधिक निवेश करती है LIC
    LIC ने कई कंपनियों की IPO में निवेश किया है. ONGC जैसे कंपनियों में भी LIC का ​स्टेक है. आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) को भी संकट की स्थिति से बाहर निकालने के लिए LIC ही सामने आई. हर साल ​सरकारी सिक्योरिटी और स्टॉक मार्केट में भी एलआईसी ही सबसे बड़ी निवेशक होती है. औसतन, हर साल स्टॉक मार्केट में एलआईसी करीब 55-65 हजार करोड़ रुपये का निवेश करती है. भारतीय स्टॉक मार्केट में सबसे अधिक निवेश के लिहाज से भी एलआईसी ही टॉप पर है.

    डिबेंचर्स और बॉन्ड्स में भी LIC ने भारी निवेश कर रखा है. यह आंकड़ा करीब 4,34,959 करोड़ रुपये का है. वित्त वर्ष 2017-18 की सालाना रिपोर्ट में एलआईसी ने जानकारी दी थी कि इन्फ्रास्ट्रक्चर फंडिंग में मार्च 2018 तक उसने 3,76,097 करोड़ रुपये खर्च किया है.

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    क्या है लिस्टिंग से पहले पेंच?
    भारतीय जीवन बीमा निगम को पब्लिक लिस्टिंग से पहले सरकार के को एलआईसी एक्ट (LIC Act 1956) में संशोधन करना होगा. वर्तमान में, LIC इंश्योरेंस रेग्युलेटरी डेवलपमेंट अथॉरिटी आफ इंडिया (IRDA) के सुपरवाइजरी के दायरे में आ सकता है. लेकिन एलआईसी एक्ट 1956 के तहत इसका संचालन किया जाता है, जिसमें सरकारी इंश्योरेंस कंपनियां को इरडा द्वारा तय किए गए छूट से भी अधिक लाभ मिलता है. एलआईसी एक्ट के सेक्शन 37 के मुताबिक, सभी एलाआईसी पॉलिसी (LIC Policy) में एश्योर्ड की रकम के साथ ही बोनस पर भी सरकारी गारंटी मिलती है. ऐसे में पॉलिसीधारक के परिवार को वित्तीय सिक्योरिटी (Financial Security) का लाभ मिलता है.

    प्रीमियम से 5.60 लाख करोड़ रुपये की कमाई
    वित्त वर्ष 2019 में एलआईसी का इन्वेस्टमेंट का मार्केट वैल्यू 28.74 लाख करोड़ रुपये रहा, जोकि ​इसके पिछले वित्त वर्ष में 26.46 लाख करोड़ रुपये था. इस प्रकार एक वित्तीय वर्ष में एलआईसी को 8.61 फीसदी का लाभ हुआ. इसके अलावा, कंपनी की कुल संपत्तियों की वैल्यू करीब 31.11 लाख करोड़ रुपये है. वित्त वर्ष 2019 में एलआईसी ने नए प्रीमियम के जरिए 41,086.31 करोड़ रुपये कमाई की है. इस साल में नए प्रीमियम और रिन्युवल प्रीमियम को जोड़कर कुल 5,60,784 करोड़ रुपये की कमाई हुई है.

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