LIC के पास कहीं आपका पैसा तो नहीं पड़ा ऐसे करें चेक, सीधे आएगा खाते में

LIC के पास ऐसे करें अपना पैसा
LIC के पास ऐसे करें अपना पैसा

कहीं आपका पैसा तो LIC या फिर किसी अन्य इंश्योरेंस कंपनी के पास तो नहीं पड़ा हैं, और आप भूल गए हैं. तो ऐसे क्लेम कर सकते हैं...

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 20, 2020, 5:54 AM IST
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भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) अपने ग्राहकों कई इंश्योरेंश पॉलिसी मुहया कराती है. जिसमें ग्राहक को कई बेनिफिट मिलते हैं. लेकिन कई बार कुछ ऐसी पॉलिसी होती हैं जिन्हें पॉलिसीधारक भूल जाते हैं. अगर आप भी कभी एलआईसी पॉलिसीधारक हैं या थे तो उसका आसानी से घर बैठे पता कर सकते हैं कि आपका भी कोई बकाया तो नहीं. लावारिस राशि या बकाया वो अमाउंट होता है जो पॉलिसीधारक की अचानक मृत्यु हो जाने पर, पॉलिसी का क्लेम ना करने से या क्षतिपूर्ति का दावा न करने से बीमा कंपनी के पास एकत्र हो जाती है.

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) अपने ग्राहकों को अपने बकाया दावों या उसके साथ बकाया राशि को चेक करने की सुविधा देता है. व्यक्ति अपने दावों की जानकारी LIC की वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं. ग्राहकों को इसके लिए LIC वेबसाइड पर जाकर पॉलिसी नंबर, पॉलिसीधारक का नाम, जन्म तिथि और पैन कार्ड नंबर की जानकारी देनी होगी. आपको बता दें कि पॉलिसी नंबर और पैन कार्ड नंबर ऑप्शनल हैं लेकिन पॉलिसी धारक का नाम और जन्म तिथि सबसे अहम जानकारी है. जिसके बिना आप पता नहीं कर सकते.

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ऐसे चेक करें अपनी बकाया राशि
>> सबसे पहले LIC होम पेज पर जाएं.
>> आपको पेज के सबसे नीचे वाले हिस्से में लिंक की तलाश करनी होगी.
>> अगर आपको इसे खोजने में दिक्कत होती है तो होम पेज के दाएं कोने पर 'सर्च' टैब में 'लावारिस राशि' टाइप करें.
>> या इस लिंक https://customer.onlinelic.in/LICEPS/portlets/visitor/unclaimedPolicyDues/UnclaimedPolicyDuesController.jpf पर क्लिक करें.
>> अब अपनी डिटेल भर कर चेक करें.

यदि आपको पता चले कि आपकी एलआईसी पॉलिसी में आपका भी कुछ लावारिस बीमा धन हैं, तो आप या लाभार्थी सीधे एलआईसी से संपर्क कर सकते हैं और राशि के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके बाद कंपनी KYC जैसी औपचारिकताएं पूरी कर लावारिस देय भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर देती है. आपको बता दें कि किसी भी धोखाधड़ी के दावों से बचने के लिए केवाईसी अनिवार्य है.

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पॉलिसी के बारे में नॉमिनी को नहीं होता है पता-
अक्सर इस तरह की इंश्योरेंस पॉलिसी के बारे में नॉमिनी को पता ही नहीं होता है. या फिर पॉलिसी डॉक्यूमेंट नहीं मिलते हैं. इस तरह पॉलिसीधारक की मौत होने पर आश्रित इस रकम पर दावा करने की स्थिति में नहीं होते हैं. ऐसी स्थिति से बचने के लिए नॉमिनी को न केवल पॉलिसी के बारे में पता होना चाहिए, बल्कि उसे यह जानकारी भी होनी चाहिए कि पॉलिसी से जुड़े दस्तावेज कहां रखे हैं. पॉलिसी में नॉमिनेशन को अपडेट कराना भी नहीं भूलना चाहिए.
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