अपनी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी से खुश नहीं है तो ऐसे करें कैंसिल, मिल जाएगा रिफंड

अपनी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी से खुश नहीं है तो ऐसे करें कैंसिल, मिल जाएगा रिफंड
लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी ​कैंसिल कराने पर रिफंड भी मिल जाता है.

Insurance Cancellation: नई लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के बाद भी इसे कैंसिल कराकर ​रिफंड प्राप्त किया जा सकता है. लेकिन, किसी भी पॉलिसी को कैंसिल कराने के लिए ठोस कारण होना चाहिए. कैंसिलेशन के लिए कुछ शर्तें होती है, जिसे पूरा करना अनिवार्य होता है.

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नई दिल्ली. लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी (Life Insurance Policy) खरीदने के बाद कई बार ऐसा होता है कि उसके बेनिफिट आपको पर्याप्त नहीं लगते या ये पॉलिसी जरूरत के हिसाब से नहीं होती है. ऐसे में अगर आप चाहते हैं तो इस पॉलिसी को कैंसिल कर नई पॉलिसी खरीद सकते हैं. हालांकि, लंबी अवधि के बाद आपको कोई भी इंश्योरेंस पॉलिसी कैंसिल (Cancel Insurance Policy) करने में दिक्कतें आ सकती हैं और कुछ मामलों में आप कैंसिल भी न कर पाएं. लेकिन, हर पॉलिसी खरीदने के शुरुआत में एक 'ग्रेस पीरियड' होता है जिसका फायदा उठाकर आप इसे कैंसिल कर रिफंड प्राप्त कर सकते हैं.

कैंसिल कराने के फैसले से पहले कारण पर करें विचार
हालां​कि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी कैंसिल कराने से पहले आपको बेहतर तरीके से विश्लेषण कर लेना चाहिए कि आखिर क्यों इस पॉलिसी को कैंसिल कराना चाहते हैं. आमतौर पर एक पॉलिसी को कैंसिल कर बेहतर ​बेनिफिट वाली दूसरी पॉलिसी को खरीदने का फैसला सबसे वैलिड कारणों में से एक होता है.

Iassure के CEO अभिषेक तिवारी बताते हैं कि किसी भी पॉलिसी को कैंसिल करने का सबसे बेहतर तरीका इंश्योरर को लेटर/ईमेल लिखकर रिक्वेस्ट करना होता है. इसके बाद अगर रिफंड बनता है तो आप इसे भी क्लेम कर सकते हैं.
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लाइफ इंश्योरेंस एक लंबी अवधि का कॉन्ट्रैक्ट होता है. हालांकि, इसपर पॉलिसी खरीदने के बाद अगले 15 से 30 दिन की अवधि में पॉलिसीहोल्डर इसे कैंसिल करा सकता है. उन्हें रिफंड भी मिल सकता है.

पॉलिसी कैंसिल कराने के लिए देनी होंगी कई जानकारियां
PolicyX के संस्थापक व CEO नवल गोयल बताते हैं, 'पॉलिसी कैंसिल करने के​ लिए पॉलिसीहोल्डर को एक लिखित रिक्वेस्ट देनी होती है. इसमें पॉलिसी की रिसीप्ट तारीख समेत अन्य जुड़ी जानकारियां भी होनी चाहिए. कैंसिलेशन का कारण बताने के साथ पॉलिसी एजेंट की डिटेल भी देनी होती है. रिक्वेस्ट मिलने के बाद इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि पॉलिसीहोल्डर से संपर्क करता है ताकि वो कैंसिलेशन का कारण जान सके और संभवत: उसका समाधान निकाल सके.'

जरूरी चार्जेज कटने के बाद रिफंड मिलता है
उन्होंने आगे कहा, 'अगर पॉलिसीहोल्डर अभी भी इसे कैंसिल कराना चाहता है तो कंपनी रिक्वेस्ट को आगे के लिए प्रोसेस कर देती है. इसके बाद अनिवार्य चार्जेज की कटौती के बाद रिफंड कर दिया जाता है.' इन चार्जेज में इंश्योरेंस कंपनी द्वारा मेडिकल परीक्षण खर्च, प्रो-रेटेड रिस्क प्रीमियम और स्टैम्प ड्यूटी चार्ज को काटा जाता है.

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अगर देर से कैंसिल कराते हैं तो क्या होगा?
जब एक बार फ्री लुक पीरियड ख्त्म हो जाता है तो पॉलिसी को सरकेंडर कर ही कैंसिल कराया जा सकता है. ऐसे मामलों में इंश्योरेंस कंपनी अन्य तरह के चार्जेज की भी कटौती करती है और इसके बाद ही कोई रिफंंड का भुगतान करती है. यह अलग-अलग मामलों के​ लिए भिन्न होता है. हालांकि, कई पॉलिसीहोल्ड ऐसी स्थिति में प्रीमियम जमा करना छोड़ देते हैं और फिर इंश्योरेंस कंपनी की तरफ से रिटेंशन की कोशिशे की जाती हैं.
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