मैरिज रिकॉर्ड के साथ आधार को लिंक करना होगा जरूरी!

मैरिज रिकॉर्ड के साथ आधार को लिंक करना होगा जरूरी!
(फाइल फोटो)

लॉ कमीशन ने शादी के ब्यौरे के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन को आधार नंबर के साथ लिंक करने की बात की है.

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सरकार की तरफ से परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN)  को आधार के साथ लिंक करना अनिवार्य किए जाने के बाद लॉ कमीशन ने एक और सिफारिश की है. लॉ कमीशन ने शादी के ब्योरे के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन को आधार नंबर के साथ लिंक करने की बात की है. कमीशन ने बाल विवाह, दूसरी शादी और महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा को रोकने के लिए यह सिफारिश की है.

सरकार को सौंपी रिपोर्ट
कमीशन के मौजूदा चेयरमैन डॉक्टर जस्टिस बी एस चौहान ने इस मामले की व्यापक स्टडी की है और 4 जुलाई को ‘कंप्लसरी रजिस्ट्रेशन ऑफ मैरिजेज’ शीर्षक वाली रिपोर्ट सरकार को सौंपी है. मैरिज रजिस्ट्रेशन को आधार के साथ लिंक करना जरूरी क्यों है, इस बारे में कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, ‘अनिवार्य रजिस्ट्रेशन के अभाव में महिलाओं के साथ धोखाधड़ी हो रही है. धोखा देकर लड़कियों के साथ शादी करने के मामले प्रवासी भारतीयों के बीच बढ़ रहे हैं. शादियों का कंप्लसरी रजिस्ट्रेशन इस बड़ी समस्या को हल कर सकता है.’

'एक जगह मिलें शादियों के रिकॉर्ड' 



हालांकि, शादियों का रजिस्ट्रेशन नई चीज नहीं है. यह हिंदू मैरिजेज एक्ट 1955, द स्पेशल मैरिजेज एक्ट 1954, पारसी मैरिजेज एंड डायवोर्स एक्ट 1936 और इंडियन क्रिश्चियन मैरिजेज एक्ट 1872 जैसे अलग-अलग पर्सनल कानूनों के तहत अमल में लाया जा रहा है. हालांकि, लॉ कमीशन का कहना है, ‘ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो कि सभी शादियों का रिकॉर्ड रख सके और यह देश में प्रत्येक व्यक्ति को उपलब्ध हो सके.’
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