बॉन्ड और डिबेंचर पर समझें टैक्स की देनदारी, टैक्स एक्सपर्ट से जानिए इन पर टैक्स बचाने के तरीके

अनलिस्टेड बॉन्ड और डिबेंचर पर 36 महीने से कम की होल्डिंग पर STCG टैक्स लगता है.

अनलिस्टेड बॉन्ड और डिबेंचर पर 36 महीने से कम की होल्डिंग पर STCG टैक्स लगता है.

टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली ने स्मार्ट टैक्स प्लानिंग (Smart Tax Planning) के तरीके बताए हैं. उनके मुताबिक अगर आप 10% से कम के स्लैब में हैं तो बाॅन्ड (Bond) और डिबेंचर (Debentures) पर एक साल से पहले मुनाफा बुक कर लें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 26, 2021, 11:48 AM IST
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नई दिल्ली. वित्त वर्ष 2020-21 (FINANCIAL YEAR) 31 मार्च को खत्म हो जाएगा. ऐसे में बस चंद दिन रह गए हैं जिसमें कि आप टैक्स (Tax) बचाने के लिए निवेश (Investment)के सही तरीकों पर अमल कर सकें.

आज हम खासकर BOND और डिबेंचर (Debentures)पर लगने वाले टैक्स पर फोकस कर रहे हैं. इस मुद्दे पर सीएनबीसी-आवाज के साथ जुड़े टैक्स एक्सपर्ट शरद कोहली ने स्मार्ट टैक्स प्लानिंग के तरीके बताए हैं. उनके मुताबिक लिस्टेड BOND और डिबेंचर पर 1 साल से कम की होल्डिंग पर शार्ट टर्म कैपिटल गेन(STCG)टैक्स लगता है. बॉन्ड से कमाई आपकी आय में जोड़ी जाती है. इसके बाद स्लैब के मुताबिक आपको टैक्स देना होता है. वहीं अगर आपकी होल्डिंग 1 साल की ज्यादा की है तो लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स देना पड़ता है और ये LTCG टैक्स 10% की दर से लगता है. ध्यान रखें कि आपको इसमें INDEXATION का फायदा नहीं मिलेगा.

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अनलिस्टेड बॉन्ड और डिबेंचर तीन साल से कम होल्डिंग पर लगता है एसटीसीजी टैक्स
अनलिस्टेड बॉन्ड और डिबेंचर पर 36 महीने से कम की होल्डिंग पर STCG टैक्स लगता है. इसमें भी आपको स्लैब के मुताबिक ही टैक्स देना होता है. 36 महीने से ज्यादा की होल्डिंग पर LTCG टैक्स लगता है लेकिन यह LTCG 20% की दर से देना पड़ता है. इसमे भी आपको INDEXATION का फायदा नहीं मिलता है.

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कन्वर्टिबल डिबेंचर पर शेयर कनवर्जन भाव के मुताबिक ही लगेगा टैक्स



कन्वर्टिबल डिबेंचर (CONVERTIBLE) को शेयर में बदलने को रिडीम माना जाता है और शेयर कनवर्जन भाव के मुताबिक ही टैक्स देना होता है. वहीं, डेट एमएफ (DEBT MF) और डेट BOND, दोनों के ही टैक्स ट्रीटमेंट में अंतर होता है. BOND में INDEXATION का फायदा नहीं मिलता है जबकि INDEXATION से DEBT MF में टैक्स देनदारी कम हो जाती है.

BOND, डिबेंचर पर इस तरह से बचा सकते हैं टैक्स

अगर आप 10% से कम के स्लैब में हैं तो एक साल से पहले मुनाफा बुक कर लें. 80C, 80D, NPS में निवेश करने से टैक्स बच सकता है. 80C, 80D, NPS में 2.25 लाख तक का टैक्स बचेगा. साथ ही एजुकेशन, होम लोन के ब्याज से भी टैक्स बचा सकते हैं.

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ट्रेडर्स को इन बातों का ध्यान रखना जरूरी

अगर आप अपने खर्चे क्लेम कर रहें हैं तो उसके पूरे बिल अपने पास रखें. अगर किसी कारणवश IT विभाग का नोटिस आपको आता है तो आपके पास जमा बिल काम आएगे. बाद में आपको बिल अपलोड भी करने पड़ सकते हैं. कैश, FNO के टर्नओवर पर नजर रखें. लिमिट क्रॉस होने पर ऑडिट जरुर कराएं.
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