आज खत्म हो जाएगी लोन EMI नहीं चुकाने की छूट! अब आप ऐसे सस्ती करें अपनी ईएमआई

आज खत्म हो जाएगी लोन EMI नहीं चुकाने की छूट! अब आप ऐसे सस्ती करें अपनी ईएमआई
RBI लोन मोरेटोरियम की छूट आज समाप्त हो रही है

Loan EMI moratorium Last Date-31 अगस्त यानी आज लोन मोरेटोरियम (Loan Moratorium) की अवधि समाप्त हो रही है. इसके बाद लोन लेने वालों को डिफॉल्ट से बचने के​ लिए अपनी EMI समय पर चुकानी होगी. लेकिन ग्राहकों के पास अभी भी EMI सस्ती करने का मौका है. आइए जानें कैसे...

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 31, 2020, 8:41 AM IST
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नई दिल्ली. कोरोना के इस संकट में आम आदमी को दी जा रही लोन पर ईएमआई नहीं चुकाने (RBI लोन मोरेटोरियम) की छूट आज समाप्त हो रही है. 1 सितंबर से आपको अपने लोन पर किश्तें चुकानी होंगी. अगर किश्तें नहीं चुकाईं तो बैंक आपको डिफॉल्टर घोषित कर कार्रवाई कर सकता है. हालांकि, रिजर्व बैंक ने बैंकों को लोन रीस्ट्रक्चरिंग की अनुमति दी है. इससे कंपनियां और व्यक्तिगत लोन की अवधि दो साल बढ़ाई जा सकती है. हालांकि, मोरेटोरियम की अवधि में लोन के ब्याज पर ब्याज का मसला अभी उलझा हुआ है. सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सुनवाई कर रहा है.

मोरेटोरियम खत्म होने के बाद अब क्या होगा- रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने हाल में कहा था कि लोन मोरेटोरियम लॉकडाउन का एक अस्थायी समाधान था. यह परमानेंट फिक्स नहीं था. नए प्लान के तहत बैंक अपने क्राइटेरिया के अनुसार अपने कस्टमर्स को मोरेटोरियम दे सकेंगे. एक्सपर्ट पैनल लोन रीस्ट्रक्चरिंग और मोरेटोरियम बढ़ाने के संबंध में गाइडलाइन तय कर रहा है. उसके आधार पर बैंकों को यह पहचान करना आसान हो जाएगा कि किस अकाउंट को रीस्ट्रक्चर किया जा सकता है. 6 सितंबर तक यह क्राइटेरिया घोषित कर दिया जाएगा.

EMI के लिए कैसे उठाएं लोन रिस्ट्रक्चरिंग का फायदा, जानिए सभी सवालों के जवाब



लोन रीस्ट्रक्चरिंग का आप उठा सकते हो फायदा- भारतीय रिज़र्व बैंक ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि वो लेंडर्स को लोन रिस्ट्रक्चरिंग (Loan Restructuring Scheme) की सुविधा देगा. इससे उन लोगों को राहत मिल सकेगा, जिन्होंने लोन लिया है लेकिन मौजूदा संकट में रिपेमेंट नहीं कर पा रहे हैं. रिस्ट्रक्चरिंग की सुविधा के तहत बॉरोवर्स लोन पेमेंट को ​नये तरीके से ​शेड्यूल कर सकेंगे.
आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ...

(1) लोन रीस्ट्रक्चरिंग का क्या किसे और क्या लाभ होगा? लोन रीस्ट्रक्चरिंग का लाभ उन सभी कर्जदारों को मिलेगा जिन्हें कोरोनावायरस की वजह से परेशानी हुई है या हो रही है. इनमें न केवल होम लोन, व्हीकल लोन या पर्सनल लोन लेने वाले व्यक्तिगत कर्जदाता है, बल्कि कंपनियां भी शामिल हैं.
यानी यदि आप मोरेटोरियम खत्म होने के बाद भी होम लोन या व्हीकल लोन नहीं चुका पा रहे हैं तो आपको अपने बैंक से संपर्क करना होगा. वह केस-टु-केस आधार पर लोन रीस्ट्रक्चर कर सकते हैं. इसके लिए आपका लोन प्रोफाइल देखा जाएगा.

वैसे, आरबीआई ने सिर्फ उन्हीं कर्जदारों के लोन को रीस्ट्रक्चरिंग करने की अनुमति दी है जिनका 1 मार्च, 2020 की स्थिति में 30 दिन से ज्यादा का डिफॉल्ट नहीं था. यानी जिन पर कोरोनावायरस-प्रेरित लॉकडाउन का सीधा असर हुआ है.

इससे पुराने डिफॉल्टर इस स्कीम में एडजस्ट नहीं हो सकेंगे. बैंकों को रीस्ट्रक्चरिंग के बाद बचे कर्ज पर अतिरिक्त प्रावधान करने होंगे. इसका मतलब यह है कि रिजॉल्युशन प्लान नए डिफॉल्टरों पर ही होगा.
ईएमआई मोरेटोरियम और लोन रीस्ट्रक्चरिंग में क्या अंतर है?

ईएमआई मोरेटोरियम में किस्तें न चुकाने की छूट थी. इस दौरान जो भी ब्याज बनता, वह बैंक आपके मूल धन में जोड़ देते. जब ईएमआई शुरू होगी तो आपको पूरी बकाया राशि पर ब्याज चुकाना होगा. यानी मोरेटोरियम अवधि के ब्याज पर भी ब्याज लगेगा.

लोन का रीस्ट्रक्चरिंग इससे पूरी तरह अलग है. यहां बैंकों को ज्यादा अधिकार मिल गए हैं. वह यह तय कर सकेंगे कि ईएमआई को घटाना है, लोन का पीरियड बढ़ाना है, सिर्फ ब्याज वसूलना है, या ब्याज दर एडजस्ट करना है.

(2) सभी को लोन रीस्ट्रक्चरिंग का फायदा मिलेगा- यह स्कीम उन सभी पर्सनल और कॉरपोरेट लोन्स (Corporate Loans) के लिए है, जो मौजूदा संकट की वजह से स्ट्रेस में है. इसके लिए कुछ शर्तें हैं. लेकिन फाइनेंशियल सर्विस प्रोवाइडर्स, कुल 25 करोड़ रुपये से कम आउटस्टैंडिंग वाले MSME बॉरोवर्स, फार्म क्रेडिट और सरकारी संस्थाओं को दिए गए लोन इसके लिए योग्य नहीं होंगे. कृषि के लिए प्राइमारी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटीज यानी पीएसीएस या फार्मर्स सर्विस सोसाइटीज को दिए गए लोन रिस्ट्रक्चरिंग के दायरे में आएंगे
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