Loan Moratorium: सुप्रीम कोर्ट में ब्याज पर ब्याज माफी की सुनवाई 18 नवंबर तक टली

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India)
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India)

Loan Moratorium: लोन मोरेटोरियम अवधि के दौरान ब्याज पर ब्याज को माफ किए जाने की मांग को लेकर दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनावई 18 नवंबर 2020 तक टल गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 5, 2020, 1:06 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली.लोन मोरेटोरियम मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) में अब सुनवाई 18 नवंबर को होगी. लोन मोरेटोरियम (Loan Moratorium) अवधि के दौरान ब्याज पर ब्याज को माफ किए जाने की मांग को लेकर याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में सरकार और आरबीआई का धन्यवाद देते हुए कहा, छोटे कर्जदारों का हाथ धामने के लिए आपका सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद.आपको बता दें कि कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन में कई लोगों की नौकरियां चली गईं. ऐसे में लोन की किस्तें चुकाना मुश्किल था. ऐसे में रिजर्व बैंक ने लोन मोरेटोरियम की सहूलियत दी थी. यानी लोन पर किस्तें टाल दी गई थी. किसी लोन पर मोरेटोरियम का लाभ लेते हुए किस्त नहीं चुकाई तो उस अवधि का ब्याज मूलधन में जुड़ जाएगा. यानी अब मूलधन+ब्याज पर ब्याज लगेगा. इसी ब्याज पर ब्याज का मसला सुप्रीम कोर्ट में है.

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से जल्द लागू करने की मांग की-14 अक्टूबर को हुई सुनवाई में SC ने कहा कि ब्याज पर ब्याज माफी स्कीम को जल्द से जल्द लागू करना चाहिए. इस दौरान केंद्र ने सर्कुलर जारी करने के लिए 15 नवंबर तक का वक्त मांगा था. सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि सरकार 15 नवंबर तक इससे जुड़ा सर्कुलर जारी कर देगी. इसे ठुकराते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को 2 नवंबर तक सर्कुलर जारी करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने कहा कि जब फैसला हो चुका है तो उसे लागू करने में इतना समय क्यों लगना चाहिए.





5 नवंबर तक आएगा कैशबैक
आपको बता दें इससे पहले रिजर्व बैंक (RBI) ने मंगलवार को सभी बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस को कहा था कि वे दो करोड़ रुपये तक के कर्ज के लिए हाल ही में घोषित ब्याज पर ब्याज की माफी योजना को लागू करें. सरकार ने सभी बैंकों को 5 नवंबर तक चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के अंतर को कर्जदारों के खाते में जमा करने का निर्देश दिया है. यह फायदा 1 मार्च से 21 अगस्त के बीच यानी 184 दिन के लोन पर मिलेगा. इस योजना को फायदा उन लोगों को भी मिलेगा, जिन्होंने मोरेटोरियम के लिए अप्लाई नहीं किया है.

सरकार चुकाएगी लोन के पैसे
बता दें सरकार बकाया लोन के चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के अंतर का पैसा खुद भरेगी. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि 2 करोड़ रुपए तक के एमएसएमई, एजुकेशन, होम, कंज्यूमर, ऑटो लोन सहित 8 सेक्टर पर लागू कंपाउंड इंटरेस्ट को माफ किया जाएगा. इसके अलावा क्रेडिट कार्ड बकाया पर भी ये ब्याज नहीं वसूले जाएंगे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज