काेराेना और Lockdown का रिटेलर्स पर पड़ेगा बुरा असरः रिपाेर्ट

एक बार फिर रिटेलर्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

एक बार फिर रिटेलर्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

DMart ने पहले से ही मार्च में इसके प्रभाव की जानकारी दी था, इसके अलावा Westlife Development और Shoppers Stop जैसे रिटेलर्स भी इससे प्रभावित हुए हैं.

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नई दिल्ली. पिछले साल काेराेना की शुरुआत के बाद लंबे समय तक चले लॉकडाउन (Lockdown) के बाद धीरे-धीरे उबर रहे रिटेलर्स देश में काेराेना की दूसरी लहर से एक बार फिर परेशान है क्याेंकि कई राज्याें में बाजार 9 बजे ही बंद हाे रहा है ताे दूसरी तरफ कही वीकएंड पर ताे कही कुछ दिनाें के लिए पूरी तरह से दाेबारा लॉकडाउन चल रहा है. वहीं, रोकरेज एडलवाइज सिक्योरिटीज (Edelweiss Securities) की मार्च तिमाही की रिपोर्ट ने और ज्यादा साेचने पर मजबूर कर दिया. रिपाेर्ट के अनुसार देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामले और उसे रोकने के लिए गए प्रतिबंध का परिधान, किराना, आभूषणों और फास्ट-फूड चेन की रिटेल बिक्री पर असर पड़ेगा.



रिपोर्ट के मुताबिक, "कोरोना के मामले कम होने पर हमने दोबारा फैक्टिरिंग शुरू कर दी थी, लेकिन ये चिंताएं फिर से सता रही हैं. महाराष्ट्र के नक्शे कदम पर दूसरे राज्यों में भी लॉकडाउन लागू हो सकता है. विशेषकर महाराष्ट्र केंद्रित खुदरा विक्रेताओं पर इसका काफी असर हुआ है. डीमार्ट ने पहले से ही मार्च में इसके प्रभाव की जानकारी दी था, इसके अलावा Westlife Development और Shoppers Stop जैसे रिटेलर्स भी इससे प्रभावित हुए हैं.



मार्जिन ट्रेजेक्ट्री में सुधार हो रहा हैलेकिन कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी



कुल मिलाकर, रिपोर्ट में कहा गया है, Q4FY21 बाजार में पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले इस साल मार्केट में डिमांड बढ़ने से आय में एक अलग-अलग रिटेलर्स के लिए 25 फीसदी मजबूत सुधार होगा. 8 अप्रैल को एक रिपोर्ट में कहा, "मार्जिन ट्रेजेक्ट्री में सुधार हो रहा है, लेकिन कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, खासकर परिधान के लिए, पिछले कुछ महीनों में यार्न की कीमतों में 30 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है.” 


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रीटेलर्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं



पिछले साल रिटेलर्स को कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ना, जिसमें कैटेगरी के बीच अलग-अलग रुझान देखने को मिले थे. इसमें दूसरों के मुकाबले ग्रेसरी रिटेलर्स के हालात कुछ सही थे. रेस्टोरेंट की डाइन-इन सर्विस भी काफी समय से बंद रहीं और इससे भी काफी असर पड़ा. साल की शुरुआत के दो महीनों में कई रिटेलर्स ने हालात में सुधार की जानकारी दी क्योंकि तब देश में संक्रमण के मामले घटने लगे थे और ग्राहक वापस से बाजार में लौट आए थे. अब एक बार फिर Covid-19 केस बढ़ रहे हैं, जिससे एक बार फिर रिटेलर्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.


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