देश के 84 जिलों में हुआ टिड्डियों से किसानों का नुकसान, पाकिस्तान से फिर आए दो झुंड

देश के 84 जिलों में हुआ टिड्डियों से किसानों का नुकसान, पाकिस्तान से फिर आए दो झुंड
दोबारा बढ रहा है टिड्डियों का खतरा (Demo Pic)

22 जून को टिड्डियों के दो झुंड पाकिस्तान से भारत में घुसे, एक बीकानेर और दूसरा श्रीगंगानगर जिले की तरफ बढ़ा

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नई दिल्ली. पिछले 25 साल में हुए टिड्डियों के सबसे बड़े हमले (Locust Attack) की जद में देश के 84 जिले आ चुके हैं. इनमें किसान (Farmers) परेशान हैं. सरकार इनके नियंत्रण की कोशिश में जुटी हुई है. ये जिले राजस्थान, पंजाब, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के हैं. जिनमें सरकार 1,14,026 हेक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण का दावा कर रही है. इस हमले में सबसे ज्यादा नुकसान राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में हुआ है.

इस समय कृषि विभाग, स्थानीय प्रशासन और बीएसएफ के सहयोग से टिड्डी नियंत्रण का काम हो रहा है. पाकिस्तान (Pakistan)  से टिड्डियों के दो झुंडों के भारत (India)  में प्रवेश की सूचना है. जिसमें से एक झुंड ने बीकानेर और दूसरा श्रीगंगानगर जिले में प्रवेश किया है. इनके खिलाफ अभियान शुरू कर दिया गया है.

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काम कर रहे हैं 12 ड्रोन
केंद्रीय कृषि मंत्रालय के मुताबिक दुर्गम क्षेत्रों और ऊंचे पेड़ों के ऊपर टिड्डियों के प्रभावी नियंत्रण के लिए ड्रोन के उपयोग की संभावनाओं का पता लगाया जा रहा है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने टिड्डी नियंत्रण के लिए सशर्त छूट को मंजूरी दी है. ड्रोन सेवा के लिए 5 कंपनियों को काम दिया गया है. इन्होंने बाड़मेर, जैसलमेर, फलोदी, बीकानेर और नागौर में काम शुरू कर दिया है. इस समय 12 ड्रोन (Drone) कार्यरत हैं.

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राजस्थान में टिड्डियों के अटैक से पार पाने के लिए 12 ड्रोन से केमिकल का छिड़काव किया जा रहा है.


इनमें सक्रिय हैं दो तरह की टिड्डियां

अभी राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, जयपुर, नागौर और अजमेर, मध्य प्रदेश के पन्ना जिले और उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में परिपक्व पीले टिड्डों की बड़ी संख्या के साथ ही अपरिपक्व गुलाबी टिड्डियां भी सक्रिय हैं. अपरिपक्व टिड्डी तेजी से फैलते हैं. एक स्थान पर टिड्डी की आबादी को पूरी तरह से नियंत्रण करने में 4 से 5 दिन लगते है.

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टिड्डी नियंत्रण के लिए इंतजाम

राजस्थान सरकार ने टिड्डी नियंत्रण के लिए कुल 2142 ट्रैक्टर, 46 फायर ब्रिगेड वाहन, मध्य प्रदेश ने 83 ट्रैक्टर और 47 फायर ब्रिगेड वाहन, उत्तर प्रदेश सरकार ने 4 ट्रैक्टर और 16 फायर ब्रिगेड वाहन, पंजाब ने 50 ट्रैक्टर और 6 फायर ब्रिगेड वाहन और गुजरात ने 38 ट्रैक्टर तैनात किए हैं.
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