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मोदी सरकार ने बढ़ाई कंज्यूमर की ताकत, अब मिले ये 5 नए अधिकार

News18Hindi
Updated: August 27, 2019, 5:22 PM IST
मोदी सरकार ने बढ़ाई कंज्यूमर की ताकत, अब मिले ये 5 नए अधिकार
कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल 2019 हुआ पास अब मिलेगें ये 5 नए अधिकार

अब सही मायने में कंज्यूमर्स को किंग कहा जा सकेगा. कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल 2019 कल लोकसभा में पास हो चुका है. जानें क्या हुए हैं इस बिल में बदलाव.

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  • Last Updated: August 27, 2019, 5:22 PM IST
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अब सही मायने में कंज्यूमर्स को किंग कहा जा सकेगा. कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल 2019 कल लोकसभा में पास हो चुका है. इस बिल में कई ऐसे बदलाव किए गए हैं जिससे कंज्यूमर्स को सही मायने में ताकत मिलने वाले हैं. इसमें एक बेहद खास प्रावधान शिकायतों के निपटारे को लेकर है. नए बिल में अब सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी यानी सीसीपीए बनाई जाएगी. बिल में नए प्रावधान के मुताबिक, ये सीसीपीए एक राष्ट्रीय स्तर का रेगुलेटर होगा. ये कंज्यूमर मामले को देखेगा. पुराने बिल में ऐसा कोई कानून नहीं था. नए कानून में कुछ बेहद अहम बदलाव किए गए हैं.

कंज्यूमर्स की शिकायतों को जल्द दूर करने के लिए किया जाएगा ये काम
इसमें कंपनियों के भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ शिकायत करने का प्रावधान है. सेलेब्रिटीज को भी विज्ञापन करने से पहले सोचना होगा. उन्हें भी विज्ञापनों के लिए जिम्मेदार माना जाएगा. नए कानून में प्रोजेक्ट लाइबिलिटी का भी क्लॉज जोड़ा गया है. सीसीपीए को बेहद ताकतवर अधिकार दिए गए हैं. उन्हें डीजी की अध्यक्षता वाली एक विंग मिलेगी, जिसके पास जांच और जब्ती का अधिकार भी होगा. नया कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 की जगह लेगा. नए प्रावधान में खतरनाक और असुरक्षित प्रोडक्ट को रीकॉल करने का कंज्यूमर्स को अधिकार होगा.

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अब उपभोक्ताओं को मिलेंगे ये अधिकार
1. प्राधिकरण के पास होगा तलाशी और जब्ती का अधिकार होगा: इसके तहत उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण की स्थापना होगी, जिसका मुख्यालय दिल्ली में होगा. जिला, राज्य स्तर फोरम गठित होंगे. प्राधिकरण में एक जांच शाखा भी होगी, जिसका प्रमुख एक महानिदेशक होगा. जांच शाखा को तलाशी और जब्ती करने का अधिकार भी होगा.

2. खराब सामान पर विक्रेता और निर्माता दोनों फसेंगे: किसी उपकरण या सामान की खराबी पर विक्रेता, निर्माता दोनों पर शिकंजा कसेगा. किसी उत्पाद से काफी संख्या में ग्राहकों को नुकसान पहुंचा है तो क्लॉस सूट एक्शन शुरू किया जाएगा. यानी सभी ग्राहकों की ओर से कंपनी पर मामला चलेगा. जुर्माने के साथ सारे खराब उत्पाद वापस लेने होंगे.
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3. खराब उत्पाद बेचने पर 5 साल तक की सजा होगी: अगर घटिया या डिफेक्टिव उत्पाद से किसी को शारीरिक हानि या मौत होती है तो इसमें विनिर्माता, सेवाप्रदाता और विक्रेता तीनों की जवाबदेही तय की जाएगी. इसमें घटिया उपकरणों के उत्पादन, आपूर्ति और गलत ढंग से इसकी बिक्री को लेकर कंपनी पर शिकंजा कसा जाएगा.

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4. ग्राहकों की शिकायत की सुनवाई लंबी नहीं चलेगी: ग्राहकों की शिकायत की सुनवाई लंबी नहीं चलेगी, जिला, राज्य या राष्ट्रीय स्तर में एक ही जगह सुनवाई होगी. ऊपरी स्तर पर सिर्फ फैसले पर पुनर्विचार हो सकेगा. ग्राहक और आरोपी कंपनी के बीच निपटारे के लिए भी तंत्र होगा, जिससे विवादों का तेजी से निपटारा हो सके.

5. भ्रामक विज्ञापन पर जेल और जुर्माना संभव: विज्ञापन में किसी उत्पाद की गलत गारंटी देना या दावा करना महंगा पड़ेगा. भ्रामक विज्ञापन पर दो साल जेल या दस लाख के जुर्माने का प्रावधान है. विज्ञापन करने वाले सेलेब्रिटी पर भी जुर्माना होगा. कंपनी या विक्रेता की गलत शिकायत पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना होगा.

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First published: July 31, 2019, 12:49 PM IST
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