बैंक खातों और मोबाइल कनेक्शन के लिए AADHAR जरूरी नहीं, आधार संशोधन बिल लोकसभा में पास

लोकसभा में आधार संशोधन बिल 2019 (The Aadhar and Other Laws (Amendment) Bill) पास हो गया है.

News18Hindi
Updated: July 4, 2019, 7:56 PM IST
बैंक खातों और मोबाइल कनेक्शन के लिए AADHAR जरूरी नहीं, आधार संशोधन बिल लोकसभा में पास
आधार संशोधन बिल लोकसभा में पास हुआ
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Updated: July 4, 2019, 7:56 PM IST
लोकसभा में आधार संशोधन बिल 2019 (The Aadhar and Other Laws (Amendment) Billपास हो गया है. केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आधार और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2019 पेश किया और विपक्ष के एक सदस्य की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा कि इसमें कानूनों का अनुपालन किया गया है. विधेयक में नागरिकों की निजता सुरक्षित रखने और दुरुपयोग को रोकने को भी ध्यान में रखा गया है. बैंकों और मोबाइल कंपनियों में केवाईसी फॉर्म में आधार वैकल्पिक होगा. आधार बाध्याकारी नहीं होगा. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी आधार नहीं होने की वजह से सरकारी योजनाओं से वंचित न रह जाए.

सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि देश के 130 करोड़ लोगों में से 123 करोड़ लोगों ने आधार को स्वीकार किया है. आधार के जरिए डायरेक्ट ट्रांसफर के कारण देश को 90 हजार करोड़ रुपये का फायदा हुआ है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह विधेयक सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक पारित किया गया है.

आइए जानें इसके बारे में...

(1) सरकार की ओर से जारी जानकारी में बताया गया है कि इस फैसले के आधार पर अब रेग्युलेटर UIDAI को लोगों के हित में फैसले लेने और आधार के गलत प्रयोग को रोकने में मदद मिलेगी.

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(2) किसी भी व्यक्ति को आधार के जरिये अपनी पहचान प्रमाणित करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा.

(3) संसद की ओर से बनाए गए कानून के तहत कुछ मामलों में अपनी पहचान के लिए इसे पेश करना जरूरी होगा.
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(4) बैंक खाता खोलने के लिए आधार दिखाना जरूरी नहीं होगा और मोबाइल सिम के लिए आधार देना अनिवार्य नहीं होगा. बारह अंकों के वास्तविक आधार नंबर की बजाय एक वर्चुअल आइडेंटिटी से भी अपनी पहचान प्रमाणित कर सकेंगे.

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(5) बच्चों को भी 18 साल के बाद अपना आधार नंबर रद्द कराने का अधिकार है.

(6) केंद्र और राज्य सरकार सिर्फ वहीं पहचान प्रमाणित करने के लिए आधार जरूरी कर सकती है, जहां अथॉरिटी द्वारा निर्धारित सुरक्षा संबंधी चिंताएं हों. यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया फंड के गठन का प्रस्ताव रखा गया है.

(7) आधार एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर 1 करोड़ रुपये तक की सिविल पेनल्टी लगाई जा सकती है.

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First published: July 4, 2019, 7:56 PM IST
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