रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 7 साल में हुई दोगुनी, पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कलेक्शन में 459 फीसदी का आया उछाल

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संसद को बताया कि 7 साल में रसोई गैस के दाम दागुने हो चुके हैं.

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संसद को बताया कि 7 साल में रसोई गैस के दाम दागुने हो चुके हैं.

प्राकृतिक गैस व पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने लोकसभा (Lok Sabha) को बताया कि रसोई गैस की कीमतें (LPG Cylinder Prices) सात साल में 819 रुपये प्रति सिलेंडर पर पहुंच गई हैं. दिसंबर 2020 में घरेलू रसोई गैस की कीमत 594 रुपये प्रति सिलेंडर थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 8, 2021, 10:13 PM IST
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नई दिल्‍ली. केंद्र सरकार ने पिछले कुछ समय में रसोई गैस सिलेंडर के दाम में जबरदस्‍त वृद्धि (LPG Prices Hike) की है. केंद्रीय प्राकृतिक गैस व पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने एक सवाल के लिखित जवाब में लोकसभा (Lok Sabha) को बताया कि बीते 7 साल में घरेलू रसोई गैस (LPG Cylinder Prices) की कीमतें दोगुनी होकर 819 रुपये प्रति सिलेंडर पर पहुंच गई हैं. वहीं, पेट्रोल और डीजल (Petrol-Diesel) पर टैक्स में बढ़ोतरी से कलेक्शन (Tax Collection) में 459 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है. प्रधान ने बताया कि घरेलू गैस की खुदरा बिक्री कीमत 1 मार्च 2014 को 410.50 रुपये प्रति 14.2 किग्रा सिलेंडर थी. इस महीने सिलेंडर की कीमत 819 रुपये पर पहुंच गई है.

एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2021 में अब तक बढ़ चुकी है 225 रुपये
केंद्रीय मंत्री प्रधान ने कहा कि घरेलू सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत 2021 में अब तक 225 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ चुकी है. घरेलू एलपीजी सिलेंडर (Domestic Cylinder) की कीमत दिसंबर 2020 में 594 रुपये प्रति सिलेंडर थी, जो अब 819 रुपये पर पहुंच गई है. इसी तरह, पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के जरिये गरीबों को उपलब्‍ध कराए जाने वाले केरोसीन की कीमत मार्च 2014 को 14.96 रुपये प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर 35.35 रुपये पर पहुंच गई है. पेट्रोल और डीजल की कीमतें (Petrol and Diesel Prices) भी पूरे देश में रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं. इस समय पेट्रोल की कीमत 91.17 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 81.47 रुपये प्रति लीटर हैं.

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पेट्रोल-डीजल पर टैक्‍स कलेक्‍शन बढ़कर हुआ 2.94 लाख करोड़


धर्मेंद्र प्रधान ने लोकसभा में बताया कि पेट्रोल की कीमत 26 जून 2010 और डीजल के दाम 19 अक्टूबर 2014 से बाजार निर्धारित कर रहा है. उन्होंने कहा कि उस समय से पब्लिक सेक्टर की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय उत्पाद की कीमतों, एक्सचेंज रेट, टैक्स स्ट्रक्चर, इनलैंड फ्राइट के आधार पर फैसला लेती हैं. उन्‍होंने कहा कि दोनों ईंधन पर जमा टैक्स 2013 में 52,537 करोड़ रुपये था, जो 2019-20 में बढ़कर 2.13 लाख करोड़ रुपये हो गया. वित्त वर्ष 2020-21 के 11 महीनों में टैक्‍स कलेक्‍शन बढ़कर 2.94 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है.
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