लुधियाना वुलन होजरी इंडस्ट्री को 5 हजार करोड़ रुपये का नुकसान, ये है इसकी बड़ी वजह

वुलन होजरी इंडस्ट्री को कोरोना महामारी से तगड़ा नुकसान हुआ है.
वुलन होजरी इंडस्ट्री को कोरोना महामारी से तगड़ा नुकसान हुआ है.

लॉकडाउन के चलते वुलन होजरी इंडस्ट्री (Vulan Hosiery Industry) में काम पूरी तरह ठप हो गया. जिससे इस बार यहां प्रोडक्शन (Production) 40 से 50 फीसदी कम हुआ है. वहीं वुलन हौजरी इडस्ट्री में जो गर्म कपड़े बने भी है तो वो किसान आंदोलन (Peasant movement) की वजह से बाहर सप्लाई नहीं हो पा रहे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 21, 2020, 1:32 PM IST
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नई दिल्ली. लुधियाना वुलन होजरी इंडस्ट्री कोरोना महामारी और किसान आंदोलन से बुरी तरह प्रभावित हुई है. लॉकडाउन के चलते वुलन होजरी इंडस्ट्री में काम पूरी तरह ठप हो गया. जिससे इस बार यहां प्रोडक्शन 40 से 50 फीसदी कम हुआ है. वहीं वुलन होजरी इडस्ट्री में जो गर्म कपड़े बने भी है तो वो किसान अंदोलन की वजह से बाहर सप्लाई नहीं हो पा रहे. ऐसे में लुधियाना वुलन होजरी इडस्ट्री को इस सीजन में करीब 5 हजार करोड़ रुपये का तकड़ा नुकसान हुआ है. आपको बता दें लुधियाना की वुलन होजरी इडस्ट्री सालाना 10 से 12 हजार करोड़ रुपये का कारोबार करती थी.  

लॉकडाउन में फैक्ट्री हुई बंद- निटवियर एंड अपैरल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ लुधियाना के प्रेसिडेंट सुदर्शन जैन का कहना है कि पहले लॉकडाउन के कारण फैक्ट्रियों में काम बंद रहा, उन्हीं महीनों में प्रोडक्शन आमतौर पर होता है. फिर जब लॉकडाउन खुला तो लेबर नहीं थे, क्योंकि वे अपने-अपने गांव-घर लौट चुके थे. लिहाजा वुलन होजरी का जो प्रोडक्शन जुलाई तक पूरा हो जाता था, वह इस साल सर्दियां आने तक चला और केवल 40-50 फीसदी ही प्रोडक्शन हो पाया. क्योंकि फिर सप्लाई भी शुरू करनी थी. जैन का कहना है कि जो थोड़ा बहुत कच्चा माल अभी पड़ा है, उससे अगले 2 महीने में प्रोडक्ट तैयार हो जाएंगे और उम्मीद है कि बिक भी जाएंगे.

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जैन ने आगे कहा कि हालांकि तैयार माल ठीक बिक रहा है. इस साल सर्दी अच्छी रहने के अनुमान के चलते जितना माल तैयार हुआ है, वह पूरा बिक जाने की उम्मीद है. लेकिन कोविड 19 की दूसरी लहर को देखते हुए अगर दिल्ली जैसे बड़े बाजारों में फिर से लॉकडाउन लग गया तो बिजनेस को और नुकसान हो सकता है.
किसान आंदोलन भी कर रहा नुकसान- निटवियर क्लब, लुधियाना के चेयरमैन विनोद थापर का कहना है किसान आंदोलन के चलते व्यापारी अपना माल पंजाब के बाहर नहीं भेज पा रहे. जिसकी बड़ी वजह किसान आंदोलन है क्योंकि आंदोलकारियों ने रेलवे ट्रैक और हाईवे पर कब्जा कर रखा है. जिससे तैयार किया गया माल सप्लाई नहीं हो रहा. 

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इस बार चीन से नहीं आए वुलन प्रॉडक्ट- निटवियर क्लब के चैयरमैन विनोद थापर का कहना है कि घरेलू वुलन इडस्ट्री को चीन से आए वुलन प्रॉडक्ट का सामना करना  पड़ता था. लेकिन कोरोना और सीमा पर चीन के साथ हुए तनाव के चलते इस बार चीन से वुलन प्रॉडक्ट नहीं आए है. जो घरेलू वुलन इंडस्ट्री के लिए राहत की बात है.
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