बाबा रामदेव की Patanjali को बड़ा झटका! लगा 10 लाख का जुर्माना, जानिए क्या है पूरा मामला?

बाबा रामदेव की Patanjali को बड़ा झटका! लगा 10 लाख का जुर्माना, जानिए क्या है पूरा मामला?
बाबा रामदेव की Patanjali को लगा बड़ा झटका! लगा 10 लाख का जुर्माना, जानिए मामला?

मद्रास हाई कोर्ट (Madras High Court) ने बाबा राम देव की पतंजलि आयुर्वेद ( Patanjali Ayurved Limited) और दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट (Divya Yog Mandir Trust) के खिलाफ 10 लाख रुपये का जुर्माना (fine of Rs 10 lakh) लगाया है.

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नई दिल्ली. मद्रास हाई कोर्ट (Madras High Court) ने बाबा राम देव की पतंजलि आयुर्वेद (Patanjali Ayurved Limited) और दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट (Divya Yog Mandir Trust) के खिलाफ 10 लाख रुपये का जुर्माना (fine of Rs 10 lakh) लगाया है. हाई कोर्ट ने यह जुर्माना Patanjali Ayurved के उस दावे के लिए लगाया गया है, जिसमें कहा गया था कि उनका आयुर्वेदिक सूत्रीकरण Coronil कोरोना वायरस को ठीक कर सकता है. इससे पहले मद्रास हाई कोर्ट ने कोरोना वायरस के इलाज को लेकर पेश की गई Coronil दवा के ट्रेडमार्क के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी.

जुर्माना लगाने के साथ ही हाई कोर्ट ने कहा कि वे महामारी से डरे हुए लोगों का फायदा उठाते हुए कोरोना के इलाज के नाम पर सर्दी, खांसी और बुखार के लिए इम्यूनिटी बूस्टर बेचकर पैसा कमाने की फिराक में लगे हुए थे. कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि इस आपदा की घड़ी में कई ऐसी संस्थाएं हैं जो लोगों की नि:स्वार्थ भाव से मदद कर रही हैं. ऐसे में प्रतिवादी उन संस्थाओं को यह जुर्माने की राशि दें.

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रोजाना Coronil के 10 लाख पैकेट की मांग
रामदेव ने बुधवार को दावा किया था कि पतंजलि आयुर्वेद Coronil की मांग को पूरा करने के लिए जूझ रही है. अभी तक वो फिलहाल रोजाना सिर्फ 1 लाख पैकेट की आपूर्ति कर पा रही है. उन्होंने कहा कि आज रोजोना Coronil के 10 लाख पैकेट की मांग हो रही है, लेकिन हम सिर्फ 1 लाख पैकेट ही दे पा रहे हैं.

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रामदेव ने आगे कहा कि पंतजलि आयुर्वेद ने Coronil की कीमत सिर्फ 500 रुपये रखी है, लेकिन अगर हमने इसकी कीमत 5,000 रुपये रखी होती तो आज हम आसानी से 5 हजार करोड़ रुपये कमा सकते थे, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया. जस्टिस सीवी कार्तिकेयन ने चेन्नई की कंपनी Arudra Engineers Private Limited की याचिका पर 30 जुलाई तक के लिए यह अंतरिम आदेश जारी किया था. Arudra Engineers Private Limited ने दावा किया था कि सन 1993 से उसके पास Coronil ट्रेडमार्क है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, साल 1993 में Coronil-213 एसपीएल और Coronil -92 बी का रजिस्ट्रेशन कराया गया था. वह तब से उसका रिन्युअल करा रही है.
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