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मुंबई में 74% रेस्ट्रोरेंट की किचन गंदी! FDA की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

CNBC आवाज
Updated: December 15, 2018, 2:29 PM IST

मुंबई के 74 फीसदी रेस्ट्रोरेंट की किचन गंदी है और इन सभी में खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं हो रहा है. यह खुलासा महाराष्ट्र एफडीए की रिपोर्ट में हुआ है.

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मुंबई के 74 फीसदी रेस्ट्रोरेंट की किचन गंदी है और इन सभी में खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं हो रहा है. यह खुलासा महाराष्ट्र एफडीए की रिपोर्ट में हुआ है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ये रेस्ट्रोरेंट सफाई, स्वच्छता, वेंटिलेशन, फूड पैकेजिंग के नियमों का खुले आम उल्लंघन कर रहे है. साथ ही, ये इन रेस्ट्रोरेंट के मालिक अपने कर्मचारियों के स्वास्थ की जांच भी नहीं कराता है. एफडीए ने कड़ा कदम उठाते हुए महाराष्ट्र की मगनलाल चिक्की पर लगी रोक लगा दी है. आपको बता दें कि इस रिपोर्ट में मुंबई के  500 बड़े रेस्ट्रोरेंट को शामिल किया गया था.

मगनलाल चिक्की पर लगी रोक-अगर आप चिक्की खाने के शौकीन हैं तो सावधान. अपनी चिक्की के लिए देशभर में प्रसिद्ध लोनावाला की मगनलाल चिक्की पर महाराष्ट्र एफडीए ने तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है. कंपनी की फैक्ट्री जांच में पाया गया है कि वहां पर फूड टेस्टिंग के लिए न तो कोई लैब है नहीं कोई एक्सपर्ट है. इतना ही नहीं कंपनी किसी दूसरी लैब से भी फूड टेस्टिंग नहीं करवाती है. (ये भी पढ़ें-दिवालिया होने की कगार पर आया पाकिस्तान! देश चलाने के लिए बचे हैं डेढ़ महीने लायक पैसे)

नियमों के मुताबिक खाद्य पदार्थों से जुड़ी फैक्ट्री में टेस्टिंग के लिए लैब होना जरूरी है या फिर किसी मान्याता प्राप्त लैब से वक्त वक्त पर टेस्टिंग जरूरी है. लेकिन किसी भी नियम का पालन मगनलाल चिक्की की फैक्ट्री में नहीं हो रहा था. उससे भी खराब बात ये रही की फैक्ट्री में साफ सफाई के मामले में भी भयानक लापरवाही थी. आपको बता दें कि मगनलाल चिक्की का कारोबार बहुत बड़ा और कंपनी का सालाना टर्नओवर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है. (ये भी पढ़ें-पोस्ट ऑफिस के साथ शुरू करें ऑनलाइन बिजनेस, डाकिया करेंगे आपके सामान की डिलीवरी)

मशहूर मगनलाल चिक्की वालों के नागरगांव प्लांट में रोजाना दो हजार किलो से ज्यादा चिक्की का उत्पादन होता था. लेकिन मंगलवार से यहां चिक्की बनना बंद हो गई. दरअसल, महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन को रूटीन चेकिंग के बाद नागरगांव प्लांट में कई खामियां मिलीं. (ये भी पढ़ें-नौकरी करने वालों के लिए खुशखबरी! अब PF से निकाल सकेंगे 75% तक पैसा)

एफडीए का कहना है कि प्लांट में लंबे वक्त से सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी की जा रही थी. चिक्की बनाने वाली जगह बेहद गंदी थी. अधिकारियो को ये भी नहीं पता कि चिक्की बनाने में इस्तेमाल किया जा रहा पानी पीने के लायक भी है या नहीं. (ये भी पढ़ें-22 दिसंबर को होगी GST काउंसिल की बैठक, ये चीजें हो सकती हैं सस्ती!--)

 

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First published: December 15, 2018, 2:26 PM IST
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