नौकरियां बढ़ाने के लिए सरकार उठाएगी यह कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट मेक इन इंडिया अभियान के तहत सरकार कुछ ऐसे सेक्टरों के बारे में पॉलिसी बनाने का प्लान कर रही है.

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Updated: November 14, 2017, 11:18 PM IST
नौकरियां बढ़ाने के लिए सरकार उठाएगी यह कदम
मेक इन इंडिया के तहत अब इन सेक्टरों में बढ़ेंगे जॉब के अवसर. (Photo: Getty)
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Updated: November 14, 2017, 11:18 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट मेक इन इंडिया अभियान के तहत सरकार कुछ ऐसे सेक्टरों के बारे में पॉलिसी बनाने का प्लान कर रही है, जिनमें रोजगार के अवसर बनते दिखाई दे रहे हैं. अभी इस अभियान में 25 सेक्टरों पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन सरकार अब 4-5 प्रमुख सेक्टर्स पर अधिक फोकस करने जा रही है.

अब फोकस ऐसे सेक्टरों पर रहने की संभावना है, जिनमें श्रम शक्ति की जरूरत ज्यादा होती है. इन सेक्टरों में लेदर, टेक्सटाइल्स, गारमेंट्स, इंजीनियरिंग, फार्मास्युटिकल्स और ऑटोमोबाइल्स शामिल हो सकते हैं.

ऑटो इंडस्ट्री है ज्यादा संभावनाओं वाला सेक्टर
खबरों के मुताबिक, इस संबंध में नीति आयोग, इंडस्ट्री डिपार्टमेंट और हैवी इंडस्ट्री मिनिस्ट्री में हाई-लेवल मीटिंग हो चुकी हैं ताकि ऑटो इंडस्ट्री के लिए पॉलिसी में बदलाव किया जा सके. इस इंडस्ट्री को ज्यादा संभावना वाले सेक्टर के रूप में देखा जा रहा है. सरकार ऐसे तरीकों पर भी विचार कर रही है, जिनसे ग्लोबल ऑटोमॉटिव कंपनियों को इंडिया में अपने प्रॉडक्ट तैयार करने के लिए प्रेरित किया जा सके, जिनमें से कई अभी यहां केवल असेंबलिंग करती हैं.

ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग में डिजाइन को बढ़ावा देना जरूरी 
निवेश को बढ़ावा देने वाली सरकारी इकाई इनवेस्ट इंडिया ने ऑटो इंडस्ट्री के संबंध में हेवी इंडस्ट्रीज मिनिस्ट्री को कई सुझाव दिए हैं. यह प्रस्ताव भी दिया गया है कि सरकार को ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग में डिजाइन को बढ़ावा देना चाहिए और इसके लिए भारत में टेक्नोलॉजी लाने वाली कंपनियों को इंसेंटिव दिए जाने चाहिए.

इंडिया को चीन जैसे देशों से सबक लेना चाहिए, जो 1999 में हमसे कम कारें बनाता था और आज आगे निकल गया है. ऑटो इंडस्ट्री के मामले में सरकार को डिजाइन और एक्सपोर्ट्स को बढ़ावा देना चाहिए.

इंजीनियरिंग और डिजाइनिंग कंपनियों के लिए बनाए जाएंगे कुछ सख्त प्रस्ताव
कई सेक्टरों के लिए पॉलिसी स्ट्रैटेजी बनाने में रॉथ्सचाइल्ड इनवेस्ट इंडिया के साथ काम करता रहा है. भारत में दिए जाने वाले बेनेफिट्स का लाभ उठाने की मंशा रखने वाली और भारत में अपने गुड्स की इंजीनियरिंग और डिजाइनिंग करने वाली कंपनियों के लिए कुछ सख्त प्रस्तावों की बात भी है.

सरकार ऐसे ज्वाइंट वेंचर्स को भी प्रोत्साहन देगी, जिनसे भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कौशल आए. ऐसे वेंचर्स में महिंद्रा एंड महिंद्रा का फोर्ड मोटर कंपनी के साथ बना उपक्रम गिना जा सकता है. भारत दुनिया में पांचवां बड़ा पैसेंजर व्हीकल और कमर्शियल व्हीकल मार्केट है. अनुमान है कि साल 2020 तक सालाना 60 लाख से ज्यादा हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स यहां बेचे जाएंगे.
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