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बड़ी खबर! सुप्रीम कोर्ट ने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर मलविंदर और शिविंदर सिंह को अवमानना का दोषी ठहराया

News18Hindi
Updated: November 15, 2019, 1:27 PM IST
बड़ी खबर! सुप्रीम कोर्ट ने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर मलविंदर और शिविंदर सिंह को अवमानना का दोषी ठहराया
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सजा पर फैसला बाद में दिया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) ने दवा कंपनी रैनबैक्सी (Ranbaxy) के पूर्व प्रमोटर मलविंदर सिंह (Malvinder Mohan Singh) और शिविंदर सिंह (Shivinder Mohan Singh) को कोर्ट की अवमानना का दोषी ठहराया गया है.

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  • Last Updated: November 15, 2019, 1:27 PM IST
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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) ने दवा कंपनी रैनबैक्सी (Ranbaxy) के पूर्व प्रमोटर मलविंदर सिंह (Malvinder Mohan Singh) और शिविंदर सिंह (Shivinder Mohan Singh) को कोर्ट की अवमानना का दोषी ठहराया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सजा पर फैसला बाद में दिया जाएगा. आपको बात दें कि सिंह भाइयों (मलविंदर-शिविंदर) के खिलाफ 3,500 करोड़ रुपये के आर्बिट्रेशन अवॉर्ड मामले में जापान की बड़ी दवा कंपनी दायची सांक्यो (Daiichi Sankyo) ने याचिक दायर की थी. इसमें कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद शिविंदर-मलविंदर ने फोर्टिस हेल्थकेयर के शेयर बेचे हैं. दायची सांक्यो (Daiichi Sankyo) रैनबैक्सी डील विवाद में मलविंदर-शिविंदर से आर्बिट्रेशन अवॉर्ड की मांग कर रही है.

आपको बता दें कि मलविंदर सिंह और शिविंदर सिंह ने 2008 में रैनबैक्सी को दायची सांक्यो (Daiichi Sankyo) के हाथों बेच दिया था. बाद में सन फार्मास्यूटिकल्स ने दाइची से 3.2 अरब डॉलर में रैनबैक्सी को खरीद लिया. जापानी दवा निर्माता का आरोप है कि सिंह बंधुओं ने उसे रैनबैक्सी बेचते हुए कई तथ्य छिपाए थे.

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क्या है मामला- सुप्रीम कोर्ट ने देश की दिग्गज दवा कंपनी रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर भाइयों मलिवंदर और शिविंदर सिंह को जापानी कंपनी  दायची सांक्यो (Daiichi Sankyo) मामले में दोषी पाया है.  दायची सांक्यो (Daiichi Sankyo) ने 3,500 करोड़ रुपये नहीं चुकाने पर सिंह बंधुओं के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी.

>> सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिंह बंधुओं ने फोर्टिस हेल्थकेयर में अपने शेयर बेचकर उसके आदेश का उल्लंघन किया है.

>> सिंगापुर की ट्राइब्यूनल ने 2016 में सिंह बंधुओं को कहा था कि वह  दायची सांक्यो (Daiichi Sankyo) को 3,500 करोड़ रुपये दें.

>> दायची सांक्यो (Daiichi Sankyo) ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी कि वह सिंह बंधुओं से ट्राइब्यूनल के आदेश का पालन करवाए.ये भी पढ़ें-जानिए 16 हजार करोड़ के मालिक नारायण मूर्ति के बेटे किस से कर रहे हैं शादी

अब क्या होगा- चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि सिंह बंधुओं ने कोर्ट के पहले आदेश का उल्लंघन किया है, जिसमें उन्हें फोर्टिस समूह के अपने नियंत्रण वाले शेयरों की बिक्री मलयेशियाई कंपनी IAH हेल्थकेयर को नहीं करने के लिए कहा गया था. न्यायालय ने कहा कि वे सजा के सवाल पर सिंह बंधुओं को बाद में सुनेंगे.

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First published: November 15, 2019, 12:45 PM IST
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