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कोरोना से अपने पैसों को ऐसे रखें सेफ, नहीं होगा नुकसान, हाथ में रहेंगे पैसे

३ महीने तक ईएमआई पर राहत देने की सलाह दी

३ महीने तक ईएमआई पर राहत देने की सलाह दी

कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से ग्लोबल इकॉनमी पर काफी बुरा असर पड़ा है. लोगों के हजारों-करोड़ों रुपये डूब गए हैं. ऐसी परिस्थिति में अपने इमरजेंसी फंड को बढ़ाना जरूरी हो जाता है.

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    नई दिल्ली. पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी से जूझ रही है. कई शहरों में लॉकडाउन की स्थति है. लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगाईं जा रही है. सभी लोगों को पर बैठ के काम करने की सलाह दी जा रही है. ऐसे सबसे जरूरी है कि आप अपनी सेहत का ख्याल रखें, लेकिन इसके साथ-साथ ये भी जरूरी है कि फाइनेंशियल रूप से भी मैनेज रहें, ताकि किसी भी परेशानी पर आपको क़र्ज़ लेने की जरुरत नहीं पड़े.

    इमरजेंसी फंड में जमा पैसों को बढ़ाएं
    कोरोना वायरस की वजह से ग्लोबल इकॉनमी पर काफी बुरा असर पड़ा है. लोगों के हजारों-करोड़ों रुपये डूब गए हैं. ऐसी परिस्थिति में अपने इमरजेंसी फंड को बढ़ाना जरूरी हो जाता है. आमतौर पर आपके इमर्जेंसी फंड में आपके कम से कम 6 महीने के खर्च के बराबर पैसा होना चाहिए, लेकिन ऐसे समय में आप चाहें तो अपने इमर्जेंसी फंड को बढ़ा सकते हैं. अगर आपकी इंश्योरेंस कंपनी, कोरोना वायरस से जुड़े इलाज को कवर करने से इनकार कर देती है, तो उस समय आपका इमरजेंसी फंड आपके बहुत काम आएगा.

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    इन्वेस्टमेंट्स पर नजर डालें
    आप चाहें तो अपने पोर्टफोलियो को रिबैलेंस कर सकते हैं यदि इसका झुकाव, इक्विटी या डेट ऐसेट्स की तरफ बहुत ज्यादा है. आप मार्केट वॉलेटिलिटी के प्रभाव का सामना करने के लिए अपने गोल्ड इन्वेस्टमेंट्स को थोड़ा बढ़ाने का ऑप्शन भी चुन सकते हैं. रिस्क परहेजी इन्वेस्टर्स भी कुछ रिस्क फ्री इंस्ट्रूमेंट्स जैसे PPF और NPS में अपने इन्वेस्टमेंट्स को बढ़ाने का ऑप्शन चुन सकते हैं. लेकिन, यह जरूर देख लें कि आपके इन्वेस्टमेंट सम्बन्धी फैसले, पूरी तरह से आपके फाइनेंशियल लक्ष्यों, रिस्क उठाने की चाहत और लिक्विडिटी संबंधी आवश्यकताओं पर आधारित हैं. कोई संदेह होने पर, अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से बात करें और अफवाहों पर ध्यान न दें.

    EMI चुकाने के लिए डिजिटल तरीका अपनाएं
    अगर आपने होम लोन, पर्सनल लोन या कार लोन जैसा कोई लोन ले रखा है और आप ऑफलाइन तरीके से अपनी EMI का पेमेंट कर रहे हैं, तो आप चाहें तो जल्दी से उसका पेमेंट करने के लिए ऑनलाइन तरीके का इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐसा उस समय करना होगा जब बैंक EMI का पेमेंट करने में असमर्थ होगा, क्योंकि इस प्रकोप के कारण बैंक ऑफिस बंद कर सकते हैं.

    हेल्थ पॉलिसी पर नजर डालें
    जब तक कोरोना वायरस को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा एक महामारी घोषित नहीं किया गया था, तब तक हॉस्पिटलाइजेशन सहित इसके इलाज के खर्च को अधिकांश हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों के तहत कवर किया जाता था. लेकिन इसे महामारी घोषित किए जाने के बाद से जिन पॉलिसियों में महामारी का कवरेज शामिल नहीं हैं, उन पॉलिसियों के तहत ऐसे मामलों के कारण होने वाले क्लेम को सेटल नहीं भी किया जा सकता है.

    इसके अलावा, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, IRDAI ने हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को अपनी-अपनी पॉलिसियों में कोविड-19 के हॉस्पिटलाइजेशन के मामलों का कवरेज बढ़ाने का अनुरोध किया है. इसलिए, अपनी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के कवरेज और एक्सक्लूशंस की लिस्ट के बारे में पूरी तरह जानकारी हासिल करने के लिए अपने पॉलिसी दस्तावेज को अच्छी तरह पढ़ें और अपनी इंश्योरेंस कंपनी से नवीनतम जानकारी भी प्राप्त करें.

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    लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट्स को बंद न करें
    कोरोना वायरस के कारण मार्केट में पहले से ही काफी उथल-पुथल देखने को मिल रहा है. लेकिन, आपको इससे भयभीत होकर इन्वेस्टमेंट सम्बन्धी फैसले नहीं लेने चाहिए. आप चाहें तो अपने लॉन्ग टर्म फाइनैंशल लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अपने म्यूच्यूअल फंड SIP को जारी रख सकते हैं. असल में, मार्केट गिरने का मतलब यह भी हो सकता है कि आपको कम कीमत पर ज्यादा म्यूच्युअल फंड यूनिट्स खरीदने का मौका मिलता है यदि आप अपने SIP को जारी रखते हैं जिससे आपको आगे चलकर ज्यादा रिटर्न मिल सकता है जब मार्केट में फिर से उछाल आएगा.

    रोजमर्रा के खर्चों को ध्यान से करें
    गैर-जरूरी खर्चों को सीमित करें जिससे आप पर्याप्त पैसे बचाकर रख सकें. किसी बड़े शौकिया खर्च पर नियंत्रण रखने से आपको अपने इमर्जेंसी फंड को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी. यह अपने बजट पर फिर से नजर डालने और प्रायॉरिटी के आधार पर अपनी खरीदारी सम्बन्धी जरूरतों की लिस्ट बनाने का समय है.

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