चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन बोले- नए कृषि कानूनों से किसानों को कई लाभ

केंद्र सरकार सितंबर में बने नए कृषि कानूनों को बड़े कृषि सुधारों के तौर पर पेश कर रही है.

केंद्र सरकार सितंबर में बने नए कृषि कानूनों को बड़े कृषि सुधारों के तौर पर पेश कर रही है.

हाल ही में पारित तीन कृषि कानूनों के विरोध में हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर पिछले कई सप्ताह से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

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नई दिल्ली. तीन नए कृषि कानूनों (Farm Laws) को लेकर जारी विवाद के बीच देश के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन (Krishnamurthy Subramanian) ने शुक्रवार को कहा कि इन कानूनों से किसानों को कई लाभ मिलेंगे.

सुब्रमण्यन ने कहा, ''हम अर्थशास्त्री हैं और अर्थशास्त्र की बात करते हैं और अर्थशास्त्र कहता है कि कृषि कानून के कई लाभ हैं.''

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कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं किसान
गौरतलब है कि है कि हाल ही में पारित तीन कृषि कानूनों के विरोध में हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर पिछले कई सप्ताह से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों का आरोप है कि ये कानून एमएसपी की व्यवस्था खत्म कर देंगे और किसानों को कॉरपोरेट खेती की ओर धकेल देंगे. हालांकि केंद्र सरकार सितंबर में बने इन कृषि कानूनों को बड़े कृषि सुधारों के तौर पर पेश कर रही है. उसका कहना है कि इससे बिचौलिए समाप्त होंगे और किसान अपनी उपज कहीं भी बेचने को आजाद होंगे.

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IMF ने किया कृषि कानूनों का समर्थन



हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा था कि तीनों हालिया कानून भारत में कृषि सुधारों को आगे बढ़ाने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है. हालांकि आईएमएफ ने यह भी जोड़ा कि नई व्यवस्था को अपनाने की प्रक्रिया के दौरान प्रतिकूल प्रभाव झेलने वाले लोगों के बचाव के लिए सामाजिक सुरक्षा का प्रबंध जरूरी है. आईएमएफ के एक संचार निदेशक (प्रवक्ता) गेरी राइस ने कहा था, ''हमारा मानना है कि इन तीनों कानूनों में भारत में कृषि सुधारों को आगे बढ़ाए जाने का प्रतिनिधित्व करने की क्षमता है.''
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