निर्यात में तेजी, अर्थव्यवस्था में रिकवरी से मार्च में 58.50 प्रतिशत का इजाफा

व्यापार घाटा (Trade Deficit) 14.11 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है.

व्यापार घाटा (Trade Deficit) 14.11 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है.

मार्च का भारत का निर्यात (India's Exports) 2020 के मुकाबले 58.50 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 34 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है. दोहरे अंक की बढ़ोतरी सिर्फ निर्यात ही नहीं बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था (Economy) में रिकवरी का संकेत है.

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नई दिल्ली. देश का मासिक निर्यात (Export) मार्च 2020 की तुलना में 58.50 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 34 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है. यह न केवल निर्यात क्षेत्र के लिए बल्कि समग्र अर्थव्यवस्था (Economy) में आगे की रिकवरी का संकेत है. फियो के अध्यक्ष शरद कुमार सराफ (Sharad Kumar Saraf)ने निर्यात आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही.

फियो अध्यक्ष (FIEO President) ने बताया कि ऐसी विपरीत परिस्थिति में तमाम चुनौतियों को पार करते हुए निर्यात के 30 प्रमुख उत्पाद समूह में से 28 में तिहाई अंक तक की प्रभावशाली बढ़ोतरी हुई है. हालांकि चिंता की बात यह है कि मार्च 2021 का आयात पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 53 फीसदी बढ़कर 48.12 अरब डॉलर हो गया है. इससे व्यापार घाटा (Trade Deficit) 14.11 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया. यह मासिक स्तर पर 41.40 प्रतिशत अधिक है.

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इन उत्पादों की वजह से बढ़ा निर्यात
मार्च में अनाज, खली, लौह अयस्क, जूट, फर्श कवरिंग, कालीन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, रत्न और आभूषण, इंजीनियरिंग का सामान, तैयार अनाज और विविध प्रसंस्कृत वस्तुएं, चावल, मसाले, सूती धागे-रेडीमेड कपड़े, हैंडलूम उत्पाद आदि, मांस, डेयरी और पोल्ट्री उत्पाद, सिरेमिक उत्पाद और कांच के बने पदार्थ, ड्रग्स और फार्मास्यूटिकल्स, कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन, प्लास्टिक और लिनोलियम, हस्तशिल्प, हाथ से बने कालीन, समुद्री उत्पाद, मैनमेड यार्न-कपड़े-मेड-अप आदि, मीका, कोयला और अन्य अयस्कों, पेट्रोलियम उत्पाद, सभी वस्त्र, कॉफी, फल और सब्जियां, चमड़ा और चमड़े का उत्पाद, तम्बाकू और चाय ऐसे क्षेत्र थे जिन्होंने निर्यात के इस बेहतरीन प्रदर्शन में अपना प्रमुख योगदान दिया.

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350 अरब डॉलर के लक्ष्य को पाने में मिलेगी मदद

फियो अध्यक्ष ने कहा कि महीने के दौरान निर्यात के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन ने इस चुनौती पूर्ण और कठिन समय में भी कुल निर्यात को 290 अरब डॉलर के पार ले जाने में मदद की. उन्होंने कहा कि निर्यात के इस रफ्तार का फायदा उठाते हुए हमें इस वित्त वर्ष में 350 अरब डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखना चाहिए. इससे अर्थव्यवस्था में भी दहाई अंक की बढ़ोतरी में मदद कर सकेंगे. फियो प्रमुख ने कहा कि इन चुनौतीपूर्ण समय के दौरान सरकार द्वारा विशेष रूप से केंद्रीय वित्त मंत्री और केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री द्वारा प्रदान किया गया समर्थन और मदद सराहनीय है.

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इन कदमों के बाद निर्यात में और आएगी तेजी

फियो अध्यक्ष ने सरकार से जल्द ही रोडटेप दरों को अधिसूचित करने का अनुरोध किया ताकि व्यापार और उद्योग के दिमाग की अनिश्चितता को दूर किया जा सके. इससे विदेशी खरीदारों के साथ नए अनुबंध किए जा सकेंगे. सराफ ने यह भी दोहराया कि सरकार को सितंबर 2021 के बाद नए एफटीपी की घोषणा, कंटेनरों की पर्याप्त उपलब्धता, रोडटेप एवं एमईआईएस के लिए आवश्यक धनराशि जारी करने और एसईआईएस लाभों पर स्पष्टता, माल ढुलाई शुल्क में नरमी सहित कुछ प्रमुख मुद्दों के साथ आईजीएसटी के बाधारहित रिफंड पर ध्यान देना दिया जाना चाहिए. ब्रांड इंडिया उत्पादों की मार्केटिंग के लिए एक निर्यात विकास कोष का निर्माण भी किया जाना चाहिए.
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