इस दिग्गज निवेशक का गोल्डेन मंत्र: सोने में बेहतर मुनाफे के ​लिए इतना करें निवेश

इस दिग्गज निवेशक का गोल्डेन मंत्र: सोने में बेहतर मुनाफे के ​लिए इतना करें निवेश
मार्क मोबियस

दिग्गज वैश्विक निवेशक मार्क मोबियस (Mark Mobius) ने कहा है कि निवेशकों को सोने में 10 फीसदी तक निवेश करना चाहिए. पैसे की सप्लाई (Money Supply) बढ़ने और सोने की सीमित रहने की वजह से कीमतों में तेजी आ सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 11, 2019, 7:12 PM IST
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नई दिल्ली. इस साल सोन की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है. इसी बीच दुनिया के दिग्गज निवेशक मार्क मोबियस (Mark Mobius) ने कहा है कि वो सोने में आगे भी तेजी की उम्मीद कर रहे हैं. मोबियस ने CNBC-TV18 को एक खास इंटरव्यू में कहा, 'मैं सोने की कीमतों में तेजी की उम्मीद कर रहा है. हालांकि, मैं ये नहीं कह रहा कि इसकी कीमतों में कमी आएगी. इमें इसमें उतार-चढ़ाव देखने को जरूर मिलेंगे.'

10 फीसदी तक सोने में निवेश करें निवेशक
निवेशकों को एसेट एलोकेशन (Asset Allocation) को लेकर उन्होंने सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि लोगों अपने कम से कम 10 फीसदी सोने में निवेश करना चाहिए. उन्होंने बताया कि क्रिप्टोकरंसी (Cryptocurrency) के बढ़ते दौर में पैसे की सप्लाई (Money Supply) बढ़ती जा रही है. उन्होंने कहा, 'किसी को वाकई में नहीं पता है कि पैसे की सप्लाई क्या है. अमेरिका, यूरोप से लेकर दुनिया के कई देश लगातार पैसे की छपाई कर रहे हैं. इसका मतलब है कि पैसे की सप्लाई एक नई ऊंचाई पर पहुंच गया है. ऐसे में सोने की कीमतों में तेजी आएगी क्योंकि यह एक ऐसी कमोडिटी है जिसकी सप्लाई सीमित है.'

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अंतर्राष्ट्रीय बॉन्ड जारी करे भारत
भारत को आर्थिक सुस्ती से निपटने को लेकर उन्होंने कहा कि भारत को इन्फ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) पर होने वाले खर्च को बढ़ाना होगा. भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बॉन्ड (International Bond) जारी करने चाहिए. इससे भारत को ग्रोथ में मदद मिलेगी और निर्यात में बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा कि अधिक जोखिम वाले कई देश बेहद ही कम ब्याज दर पर बॉन्ड जारी कर रहे हैं. यूरोप अब निगेटिव दर की दौर से गुजर रहा है. यहां बैंकों में जमा पूंजी के लिए बैंकों को ही भुगतान करना पड़ रहा है. ऐसे में भारत के लिए यह एक बेहतर मौका है.

विदेशी निवेशकों का इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश के लिए आकर्षि​त करे भारत
बता दें कि पिछले अगस्त माह में ही उन्होंने कहा था कि दोनों, आंतरिक और बाहरी फैक्टर्स की वजह से आर्थिक सुस्ती देखने को मिल रही है. मोबियस ने उस दौरान कहा था, 'भारत की परे​शानियों का 50 फीसदी हिस्सा उसके आंतरिक मसलों की वजह से है. हमें उम्मीद है कि भारत में कम टैक्स देय होगा और विदेशी निवेशकों को इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने का मौका देगा.'

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