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डरावनी खबर: दिग्गज निवेशक ने कहा- 10 प्रतिशत और गिर सकता है भारतीय बाजार

डरावनी खबर: दिग्गज निवेशक ने कहा- 10 प्रतिशत और गिर सकता है भारतीय बाजार

मार्क मोबियस (Mark Mobius) ने मंगलवार को CNBC-TV18 को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "हमें शेयर बाजार में शायद 10 फीसदी और गिरावट देखने को मिल सकती है."

मार्क मोबियस (Mark Mobius) ने मंगलवार को CNBC-TV18 को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "हमें शेयर बाजार में शायद 10 फीसदी और गिरावट देखने को मिल सकती है."

उभरते हुए बाजारों में निवेश करने के लिए दुनियाभर में जाने जाने वाले निवेशक मार्क मोबियस (Mark Mobius) ने कहा है कि भारतीय शेयर बाजार यहां से 10 प्रतिशत तक और गिर सकता है. हालांकि लंबे समय की अवधि के लिहाज से भारतीय बाजार बुल रन में है.

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नई दिल्ली. भारतीय शेयर बाजार ने अक्टूबर 2021 में अपना रिकॉर्ड हाई बनाया था. उसके बाद से अब तक लगभग 7 प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी है. इस गिरावट में छोटे निवेशकों को तो वैसे ही डर लग रहा है, ऊपर से एक दिग्गज निवेशक ने ऐसी बात कही है, जो छोटे निवेशकों को और डरा सकती है. उभरते हुए बाजारों में निवेश करने के लिए दुनियाभर में जाने जाने वाले निवेशक मार्क मोबियस (Mark Mobius) ने कहा है कि भारतीय शेयर बाजार यहां से 10 प्रतिशत तक और गिर सकता है.

मार्क मोबियस (Mark Mobius) ने मंगलवार को CNBC-TV18 को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “हमें शेयर बाजार में शायद 10 फीसदी और गिरावट देखने को मिल सकती है, लेकिन हम अभी भी लंबी अवधि के लिए बुल मार्केट में हैं.”

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मोबियस कैपिटल पार्टनर्स के फाउंडर मार्क मोबियस ने भारतीय बाजार में विकास (Growth) की अच्छी संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अभी तक भारतीय बाजार में अपना निवेश बनाए रखा है.

कौन कर रहा है भारी बिकवाली?

मोबायिस ने कहा कि उनके हिसाब से विदेशों निवेशकों की तरफ से भारी बिकवाली एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (Exchange-Traded Funds – ETFs) पर आधारित है, जोकि इमर्जिंग मार्केट्स के स्टॉक्स पर नजर रखते हैं. विदेशी निवेशकों ने पिछले करीब साढ़े चार महीने में भारतीय शेयर बाजारों से 1 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की है.

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क्या कारण हैं बिकबाली के

ग्लोबल लेवल पर भी निवेशक इमर्जिंग देशों के शेयर बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं. इसके पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक की तरफ से ब्याज दरों को बढ़ाए जाने की आशंका को वजह बताया जा रहा है. अमेरिका में महंगाई पिछले कई दशकों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जिसको काबू में करने के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से इस साल में चार या पांच बार ब्याज दरें बढ़ाए जाने की उम्मीद की जा रही है.

मोबियस ने रूस और यूक्रेन के बीच पूर्वी यूरोप में जारी तनाव को अमेरिकी फेड की तरफ ब्याज दरों में बढ़ोतरी के साथ एक और चिंता की वजह बताई. उन्होंने कहा, “बाजार में कई तरह की चिंताएं बढ़ती जा रही है. मेरी राय में निवेशकों को इस समय कमाई की अच्छी संभावना वाली कंपनियों के साथ बने रहना चाहिए.”

Tags: BSE Sensex, Share market, Stock market

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