सरकारी नियमों के बीच अब ऐसे प्लान हो रही हैं सस्ती शादियां, देश में हर साल होती हैं करीब 1.2 करोड़ शादी

कोरोना के चलते वेडिंग मार्केट (Wedding Market) को भी बड़ा झटका लगा है.
कोरोना के चलते वेडिंग मार्केट (Wedding Market) को भी बड़ा झटका लगा है.

एक्सपर्ट के मुताबिक देशभर में करीब एक करोड़ से ज़्यादा शादियां एक साल में होती हैं. लेकिन कोरोना के चलते वेडिंग मार्केट (Wedding Market) को भी बड़ा झटका लगा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 19, 2020, 1:20 PM IST
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नई दिल्ली.  शादी-ब्याह के सबसे बड़े सहलग देवोत्थान के लिए दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने बड़ी राहत दी थी. बंद हॉल में 200 तक और खुले एरिया में चाहें जितने मेहमान (Guest) जमा हो सकते हैं, लेकिन नियमों के तहत. लेकिन कोरोना केस (Corona Case) बढ़ने के चलते अब फिर से सरकार ने मेहमानों की संख्या को 50 कर दिया है. दूसरे राज्यों की बात करें तो वहां भी अधिकतम 100 है. लेकिन वेडिंग प्लॉनर ने इसका भी सस्ता तोड़ निकाल लिया है. एक्सपर्ट के मुताबिक देशभर में करीब एक करोड़ से ज़्यादा शादियां एक साल में होती हैं. लेकिन  कोरोना के चलते वेडिंग मार्केट (Wedding Market) को भी बड़ा झटका लगा है.

शादियों के लिए यह निकाला सरकारी नियम का तोड़-भारत में हर साल करीब 1.2 करोड़ शादियां होती हैं. कई लोग लॉकडाउन में भी शादी कर रहे हैं. इन बुकिंग के दौरान कंपनियां स्पेशल ऑफर भी कस्टमर को दे रही है. हम इसमें कैटरिंग, फोटोग्राफी सर्विस के साथ ही शादी की रस्मों जैसे कि हल्दी, मेहंदी और संगीत घर पर ही आयोजन कर रहे हैं. साथ ही लोगों ने शादियों में सेफ्टी को टॉप प्रायोरिटी पर रखा है.

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 औसतन 5 से 3 लाख पर आ गया एक शादी का खर्च-वेडिंग के जानकारों की मानें तो शादी के मामले में लोग ज्यादातर बजट को लेकर नहीं सोचते हैं. खासकर भारतीय शादियों में बहुत खर्च किया जाता है. एक साधारण शादी में भी 1000-1200 गेस्ट रहते हैं. हालांकि, सोशल डिस्टेंसिंग के नियम और विभिन्न राज्यों में सरकारी दिशानिर्देशों के अनुरूप, 50 से 100 लोगों के बीच एक सीमित गेस्ट आ सकते हैं. इसके चलते शादियों का बजट अपने आप छोटा हो गया है. पहले जहां एक शादी पर औसतन 5 लाख तक खर्च होता था वहीं अब वह 3 लाख पर सिमट गई है.
भारत में हर साल शादियों पर खर्च होते हैं 45 हज़ार करोड़ रुपये-अमेरिका के बाद भारत को दुनिया का दूसरा सबसे महंगा और बड़ा वेडिंग मार्केट माना जाता है. केपीएमजी की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन वेडिंग इंडस्ट्री की साइज 40-50 बिलियन डॉलर के आसपास है. वहीं, अमेरिका का वेडिंग मार्केट 70 बिलियन डॉलर का है.

भारत में एक शादी पर औसतन 5 लाख से लेकर 5 करोड़ रुपए तक का खर्च आता है. भारत में सिर्फ डेस्टिनेशन वेडिंग का सलाना कारोबार 45,000 करोड़ रुपए के आसपास का है.

भारतीय शादियों में प्री-वेडिंग शूट का कल्चर तेजी से बढ़ रहा है. भारत में एक प्री-वेडिंग शूट के साथ वेडिंग फोटोग्राफी पर औसतन 15,000 से लेकर 1 लाख तक का खर्च आता है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि  शादी का फैशन इंडस्ट्री से भी सीधा नाता है.

भारतीय शादियों में ज्यादा खर्च करने पर यकीन रखते हैं. यही वजह है कि भारत में वेडिंग फैशन लग्जरी का 1 बिलियन डॉलर का मार्केट है.
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