Home /News /business /

पैसों के लेन-देने से जुड़े इन चार्जेस को खत्म करने की तैयारी में सरकार, बजट में हो सकता है ऐलान

पैसों के लेन-देने से जुड़े इन चार्जेस को खत्म करने की तैयारी में सरकार, बजट में हो सकता है ऐलान

डिजिटल ट्रांजेक्शन और कंज्प्शन को बढ़ावा देने के लिए इसका ऐलान बजट (Budget 2020) में किया जा सकता है. आपको बता दें कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1 जनवरी 2020 से रूपे डेबिट कार्ड और यूपीआई से भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) नहीं लग रहा है.

अधिक पढ़ें ...
    नई दिल्ली. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार सभी डेबिट कार्ड ट्रांजेक्शन (Transaction) पर लगने वाले MDR चार्ज को पूरी तरह से हटा सकती है. CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, डिजिटल ट्रांजेक्शन और कंज्प्शन को बढ़ावा देने के लिए इसका ऐलान बजट (Budget 2020) में किया जा सकता है. आपको बता दें कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1 जनवरी 2020 से रूपे डेबिट कार्ड और यूपीआई से भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) नहीं लग रहा है.

    क्या होता है एमडीआर (What is MDR) एमडीआर- वह फीस होती है, जो दुकानदार डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर आपसे लेता है. आप कह सकते हैं कि यह डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट की सुविधा पर लगने वाली फीस है. एमडीआर से हासिल रकम दुकानदार को नहीं मिलती है. कार्ड से होने वाले हर पेमेंट के एवज में उसे एमडीआर चुकानी पड़ती है.



    बजट में क्या होगा
    डेबिट कार्ड ट्रांजेक्शन पर MDR चार्ज से राहत देने की तैयारी पूरी हो चुकी है. मर्चेंट डिस्काउंट रेट को लेकर बजट में ऐलान हो सकता है. इस प्रस्ताव पर सरकार NPCI और RBI के साथ विचार कर रही है. इससे सरकार पर करीब 2000 करोड़ का सालाना बोझ बढ़ेगा. इस बोझ को आरबीआई और बैंकों को उठाने को कहा जा सकता है. Rupay और UPI पर से पहले ही ये चार्ज हटाया जा चुका है.

    मर्चेंट को ट्रांजेक्शन पर बैंकों को MDR चार्जेज चुकाने पड़ते हैं. फिलहाल 2000 रुपये से कम के ट्रांसेक्शन पर MDR चार्जेज नहीं लगता है. जबकि 2000 रुपये से ज्यादा के ट्रांसेक्शन पर MDR चार्जेज 0.60% है. अधिकतम चार्ज प्रति ट्रांसेक्शन 150 रुपये तय किया गया है. क्रेडिट या डेबिट कार्ड से पेमेंट पर एमडीआर की रकम तीन हिस्सों में बंट जाती है. सबसे बड़ा हिस्सा क्रेडिट या डेबिट कार्ड जारी करने वाले बैंक को मिलता है.



    इसके बाद कुछ हिस्सा उस बैंक को मिलता है, जिसकी प्वाइंट ऑफ सेल्स (पीओएस) मशीन दुकानदार के यहां लगी होती है. अंत में एमडीआर का कुछ हिस्सा पेमेंट कंपनी को मिलता है. वीजा, मास्टर कार्ड और अमेरिकन एक्सप्रेस प्रमुख पेमेंट कंपनियां हैं.

    ये भी पढ़ें-SBI ने ग्राहकों को किया अलर्ट! न करें ये गलतियां, वरना खाली हो जाएगा अकाउंट

    छोटे दुकानदार को बिल की रकम का अधिकतम 0.40 फीसदी एमडीआर के रूप में चुकाना होता है. दूसरे दुकानदारों के लिए एमडीआर 0.90 फीसदी है. एमडीआर चार्ज बढ़ने से रोकने के लिए आरबीआई ने छोटे दुकानदारों के लिए प्रति बिल अधिकतम 200 रुपये और बड़े दुकानदारों के लिए अधिकतम 1000 रुपये की सीमा तय कर दी है. क्रेडिट कार्ड पर एमडीआर 0 से 2 फीसदी के बीच हो सकता है.

    (आलोक प्रियदर्शी, संवाददाता, CNBC आवाज़)

    Tags: Budget 2020, Business news in hindi, Credit card limit, Kisan credit card

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर