नहीं मिल रही दवाई पैक करने के लिए बॉटल और कैप, तो क्या अब कोरोनाकाल में बंद हो जाएगी दवा की सप्लाई?

150 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर पहुंचाई दवा
150 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर पहुंचाई दवा

इसका प्रभाव देश की फार्मास्युटिकल्स इंडस्ट्री को भी करना पड़ रहा है. दवा पैक करने के लिए बॉटल और कैप जैसी चीजों के ट्रांसपोर्टेशन में बड़ी चुनौतियां का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि ये लॉकडाउन से मुक्त जरूरी सेवाओं की श्रेणी में नहीं आती हैं.

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नई दिल्ली. कोरोनावायरस महामारी की वजह से देशभर में लॉकडाउन लगा हुआ है. जिसकी वजह से लगभग सभी इंडस्ट्रीज बंद कर दी गयी हैं. इसका प्रभाव देश की फार्मास्युटिकल्स इंडस्ट्री (Pharma Indstry) को भी करना पड़ रहा है. दवा पैक करने के लिए बॉटल और कैप जैसी चीजों के ट्रांसपोर्टेशन (Transportation) में बड़ी चुनौतियां का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि ये लॉकडाउन से मुक्त जरूरी सेवाओं की श्रेणी में नहीं आती हैं.

नैशनल केमिस्ट ऐंड ड्रगिस्ट असोसिएशन और इंडस्ट्री लॉबी ग्रुप्स ने सरकार से मेडिकल प्रॉडक्शन से जुड़ी सभी चीजों को जरूरी सेवा की श्रेणी में रखने की अपील की है क्योंकि उन्हें आने वाले दिनों में सप्लाई के मोर्चे पर मुश्किलें बढ़ने की आशंका दिखाई दे रही है.

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बिना बॉटल के कैसे होगी दवाई की सप्लाई
एक फार्मा कंपनी के एग्जिक्यूटिव ने अग्रेज़ी वेबसाइट ET को बताया की हम बिना बॉटल या कैप के क्या करेंगे? ये चीजें भी दवाओं जितनी ही जरूरी हैं. असोसिएशन के एक मेंबर ने आगाह किया कि अगर बॉटल और कैप के लॉजिस्टिक्स का मसला सुलझाया नहीं गया तो बहुत जल्द देश के कई हिस्सों में मेडिकल सप्लाई बाधित होने लगेगी.

पुलिस ने लगाई हुई हैं कई पाबंदियां
ET की खबर के मुताबिक फार्मा कंपनियां और केमिस्ट कई चुनौतियों से जूझ रहे हैं. इनमें सप्लाई चेन बाधित होने और मैनपावर की दिक्कत के अलावा सामान की आवाजाही पर पुलिस की पाबंदियां जैसी चीजें शामिल हैं. उन्होंने कहा कि अधिकतर जगहों पर पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन बंद होने से कामगारों को मैन्युफैक्चरिंग प्लांट तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है. इंडस्ट्री के सूत्रों ने कहा कि दवाइयों के लिए पैकेजिंग बनाने वाले प्रिंटर बंद हो गए हैं, पैकेजिंग मटीरियल्स के सप्लायर्स की गाड़ियां रोकी जा रही हैं, फार्मा कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को चलाने के लिए कोयला ले जाने वाले ट्रकों को आवाजाही की अनुमति नहीं है और फ्लाइट्स बंद होने की वजह से देश कई हिस्सों में माल फंस गया है.

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