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लॉजिस्टिक्स पॉलिसी के अमल का रास्ता साफ, एक कोने से दूसरे कोने तक पार्सल भेजना होगा आसान

देश में माल ढुलाई को आसान बनाने की कोशिश

देश में माल ढुलाई को आसान बनाने की कोशिश

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में लॉजिस्टिक्स पॉलिसी (Logistics Policy) पर अहम बैठक हुई. बैठक में लॉज ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली. नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी (National Logistics Policy) के अमल का रास्ता साफ हो गया है. सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में लॉजिस्टिक्स पॉलिसी (Logistics Policy) पर अहम बैठक हुई. बैठक में लॉजिस्टिक्स पॉलिसी पर आम सहमति बनी. इस बैठक में वित्त मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों से चर्चा हुई. इसके साथ ही स्टील और शिपिंग मंत्रालय से भी चर्चा हुई. इस प्रस्ताव जल्द कैबिनेट के पास भेजा जाएगा.

    देश में माल ढुलाई को आसान बनाने की कोशिश. भारत में सामान को देश के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचाने के लिए लॉजिस्टिक्स कॉस्ट देश के जीडीपी का लगभग 14 फीसदी है. इस पॉलिसी का लक्ष्य देश में लॉजिस्टिक्स कॉस्ट को देश के जीडीपी के 9 फीसदी लाने का है.

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    सरकार देश में लॉजिस्टिक्स कॉस्ट को कम करने के लिए रेलवे या इनलैंड वाटरवेज पर ट्रांसपोर्टेशन को अधिक से अधिक किए जाने पर जोर दे रही है और इसके लिए दोनों दिशा में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को भी तेजी से तैयार कर रही है.

    दूसरे देशों लॉजिस्टिक कॉस्ट कम- चीन, अमेरिका, यूरोप जैसे देशों में बेहद कम लॉजिस्टिक्स कॉस्ट है. चीन, अमेरिका, यूरोप जैसे देशों में लॉजिस्टिक कॉस्ट वहां के जीडीपी का 5 फीसदी से भी कम है. नेशनल लॉजिस्टिकस् पॉलिसी देश में सामानों को बिना किसी रुकावट के ट्रांसपोर्टेशन पर जोर देगा. पॉलिसी के प्रस्ताव के मुताबिक ट्रांसपोर्टेशन की झंझटों को खत्म करने के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस को अपनाया जाएगा.

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    Tags: Business news in hindi, Commerce ministry, Finance ministry, Modi government, PMO

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