भारत में 1000 करोड़ रुपये की इन्वेस्टमेंट करने की प्लानिंग में है ये चीनी कार कंपनी, क्या मंजूरी देगी मोदी सरकार?

 भारत में 1000 करोड़ रुपये की इन्वेस्टमेंट करने की प्लानिंग में ये चीनी कंपनी
भारत में 1000 करोड़ रुपये की इन्वेस्टमेंट करने की प्लानिंग में ये चीनी कंपनी

एमजी मोटर्स (MG Motors) की प्लानिंग है कि वह अपने नए मॉडल्स लॉन्च करने के लिए और अपना बिजनस बढ़ाने के लिए 1000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. लेकिन DPIIT की मंजूरी का करना होगा इंतज़ार.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 25, 2020, 2:07 PM IST
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नई दिल्ली. चीन की कार बनाने वाली कंपनी एमजी मोटर्स (MG Motors) को भारत में चल रहे चीनी सामानों के बहिष्कार की वजह से काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है. अब कंपनी ने तय किया है कि वह भारत के प्रमोशन डिपार्टमेंट (DPIIT) से कहेगी कि वह भारत में फिर से कुछ निवेश करना चाहती है. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक एमजी मोटर्स की प्लानिंग है कि वह अपने नए मॉडल्स लॉन्च करने के लिए और अपना बिजनस बढ़ाने के लिए 1000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. FDI के नियमों में बदलाव होने की वजह से अब कंपनी को निवेश से पहले DPIIT से मंजूरी लेनी होगी.

चीन के सामान का बहिष्कार भारत में शॉर्ट टर्म है: एमजी मोटर्स इंडिया के प्रेसिडेंट 
एमजी मोटर्स इंडिया के प्रेसिडेंट और एमडी राजीव छाबड़ा ने कहा कि भारत सरकार को इस बात का फैसला करने का पूरा हक है कि देश के लिए क्या सही है और क्या नहीं. हर सरकार को देश के भले के बारे में सोचना होता है. जब उनसे चीन के सामान के बहिष्कार की भावना की बात कही गई तो वह बोले कि यह सब शॉर्ट टर्म है, लेकिन अगर मीडियम से लॉन्ग टर्म में देखा जाए तो कंपनी की ग्रोथ होगी. उन्होंने बताया कि बहुत सारे ऐसे उदाहरण हैं, जिसमें देशों के बीच तनाव होते हैं, लेकिन उसकी वजह से बिजनेस पर असर नहीं पड़ता है.

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3000 करोड़ रुपये भारत में निवेश कर चुकी है कंपनी 


एमजी मोटर्स ने पहले ही 3000 करोड़ रुपये भारत में निवेश किए हैं. इसने जनरल मोटर्स का प्लांट तक खरीद लिया है. अभी ये कंपनी भारत में हेक्टर प्रीमियम एसयूवी बेच रही है. छाबड़ा ने कंपनी के नए मॉडल ग्लोस्टर की बात भी की, जो कि एक लग्जरी एसयूवी है. उन्होंने कहा भी भारत में एमजी मोटर्स अब लोकलाइजेशन को बढ़ाएगी. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि भारत में चीन की तुलना में पार्ट्स महंगे हैं, लेकिन फिर भी कंपनी लोकलाइजेशन पर जोर देगी.
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