क्रिकेट और मीठा खाने के शौक़ीन Satya Nadella ऐसे बने Microsoft के CEO, जानिए उनके जीवन से जुड़ी रहस्यमय बातें

क्रिकेट और मीठा खाने के शौक़ीन Satya Nadella ऐसे बने Microsoft के CEO, जानिए उनके जीवन से जुड़ी रहस्यमय बातें
क्रिकेट और मीठा खाने के शौक़ीन Satya Nadella ऐसे बने Microsoft के CEO, जानिए सब

माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के CEO सत्य नडेला (Satya Nadella) आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं. वह भारतीय मूल के अमेरिकी बिजनेस एग्जीक्यूटिव हैं. सत्य को वर्ष 2019 में फाइनेंशियल टाइम्स पर्सन ऑफ द ईयर का खिताब दिया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 19, 2020, 12:54 PM IST
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नई दिल्ली. माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के CEO सत्य नडेला (Satya Nadella) आज अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं. वह भारतीय मूल के अमेरिकी बिजनेस एग्जीक्यूटिव हैं. सत्य को वर्ष 2019 में फाइनेंशियल टाइम्स पर्सन ऑफ द ईयर का खिताब दिया गया था. वहीं, वर्ष 2020 में इन्हें ग्लोबल इंडियन बिजनेस आइकन का सम्मान भी दिया गया है. नडेला का जन्म 19 अगस्त 1967 में हैदराबाद में हुआ था. इनके पिता का नाम बुक्कपुरम नडेला युगंधर और माता का नाम प्रभाती युगंधर है. इनकी पत्नी का नाम अनुपमा नडेला है.

करियर में कैसे बढ़ें आगे
भारत में स्थित इंजीनियरिंग के सबसे प्रतिष्ठित इंस्टिट्यूट मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ’से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग’ में डिग्री हासिल करने के बाद, वह संयुक्त राज्य अमेरिका स्थानांतरित हो गए और वहां उच्च शिक्षा प्राप्त की. यहां, उन्होंने ‘विस्कॉन्सिन विश्वविद्यालय’ और ‘बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस’ जैसे सम्मानित संस्थानों में अध्ययन किया. IT दिग्गज नडेला का जीवन माइक्रोसॉफ्ट ’से जुड़ने के बाद पूरी तरह से बदल गया.

नडेला की सैलरी
सत्य नडेला (Satya Nadella) की वार्षिक आय 2018-19 में 66 प्रतिशत बढ़कर 4.29 करोड़ डॉलर (304.59 करोड़ रुपये) पर पहुंच गई. इस दौरान माइक्रोसॉफ्ट के वित्तीय परिणाम काफी अच्छे रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि नडेला का वेतन 23 लाख डॉलर (16.33 करोड़ रुपये) है. उनकी आय में ज्यादातर हिस्सा शेयरों का रहा है. उन्हें शेयरों पर 2.96 करोड़ डॉलर (210.16 करोड़ रुपये) की कमाई हुई, जबकि 1.07 करोड़ डॉलर (75.97 करोड़ रुपये) गैर-शेयर प्रोत्साहन योजना से प्राप्त हुए. शेष 1,11,000 डॉलर (78.81 करोड़ रुपये) की कमाई अन्य प्राप्तियों से हुई.



सत्य नडेला के कुछ राज़
>> सत्य नडेला क्रिकेट के बहुत बड़े प्रशंसक है और अपने दैनिक जीवन में खेल से प्रेरणा लेते है.
>> वह एक फिटनेस उत्साही हैं और दौड़ने का शौक रखते हैं.
>> उन्हें मीठा खाने का शौक है और पेस्ट्री से उन्हें बहुत प्यार है.
>> वह खुद को आजीवन सीखने वाला कहते है और अपने खाली समय में ऑनलाइन कक्षाएं लेते हैं.
>> माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ को अपने खाली समय में कविता पढ़ना पसंद है और कविता की तुलना कोडिंग से करते हैं.
>> वह सिएटल में स्थित एक पेशेवर अमेरिकी फुटबॉल टीम सीहोक्स के बड़े प्रशंसक हैं.
>> जब नडेला को माइक्रोसॉफ्ट का सीईओ बनाया गया तो उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए बिल गेट्स फिर से माइक्रोसॉफ्ट से जुड़ गए थे.
>> वह पहली बार अपनी पत्नी से 1980 के दशक की शुरुआत में हैदराबाद पब्लिक स्कूल में मिले थे जब वह 10वीं कक्षा में थे.

कैसे बने माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ
नडेला उन कुछ कर्मचारियों में से एक थे जिन्होंने फर्म को क्लाउड कंप्यूटिंग के विकास का सुझाव दिया था. आखिरकार कंपनी ने अपने समय और संसाधनों को इस प्रौद्योगिकी के लिए समर्पित किया. सत्य को बाद में डेवलपमेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट ’विभाग को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी दी गई, जो ऑनलाइन सर्विस डिवीजन’ से संबंधित था और उसे उसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में भी नियुक्त किया गया था. वह 2007 में इस विभाग में शामिल हुए और अगले चार वर्षों तक इसका हिस्सा बने रहे. नडेला तब माइक्रोसॉफ्ट के सिस्टम और टूल डिवीजन में चले गए और उन्हें इसका अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया. सत्य को माइक्रोसॉफ्ट का हिस्सा होने के लिए 7.9 मिलियन डॉलर्स मूल्य के शेयर दिए गए और साथ ही हर वर्ष 700000 डॉलर का वेतन भी मिलता है. 22 वर्ष की अवधि के लिए फर्म में काम करने के बाद, नडेला को 2014 में माइक्रोसॉफ्ट ’के सीईओ के पद पर पदोन्नत किया गया था. 2017 में, सत्य नडेला अपनी पुस्तक ‘हिट रिफ्रेश’ के साथ आए. पुस्तक में उनके जीवन, माइक्रोसॉफ्ट और कैसे प्रौद्योगिकी दुनिया बदल रही है के बारे में बात की गयी है.

व्यक्तिगत जीवन
सत्या की शादी अनुपमा से 1992 में हुई, जो उनके पिता के दोस्त की बेटी थीं. दंपति बाद में तीन बच्चों के माता-पिता बने, जिसमें दो बेटियां और एक बेटा शामिल है. वर्तमान में यह परिवार वाशिंगटन के बेलेव्यू में रहता है. अपने खाली समय में नडेला कविता पढ़ना पसंद करते हैं. वह वास्तव में क्रिकेट के भी शौकीन हैं और खेल को उनकी नेतृत्व क्षमता के पीछे के कारणों में से एक मानते हैं.
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