VIDEO: जानें मिडकैप और स्मॉलकैप म्युचूअल फंड्स में कितना पैसा लगाना सही!

एक्सपर्ट्स कहते हैं म्‍युचूअल फंड में निवेश से डरने की जरूरत नहीं है. लेकिन किसी भी निवेशक को अपने पोर्टफोलियो में मिडकैप और स्मॉलकैप फंड्स स्कीम में 40 फीसदी से ज्यादा पैसा नहीं लगाना चाहिए.

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म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने वाले कुछ लोग इन‍ दिनों स्मॉलकैप और मिडकैप स्कीम से परेशान हैं. इसकी वजह स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में हाल में आई गिरावट है. जनवरी के बाद से बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स और बीएसई मिडकैप इंडेक्स में गिरावट आई है. जनवरी के बाद से 500 से अधिक शेयरों में 30 से 70 फीसदी तक की कमजोरी दर्ज की जा चुकी है. ऐसे में निवेशकों के बीच डर बना हुआ है. वे समझ नहीं पा रहे हैं कि अब उन्हें क्या करना चाहिए. एक्सपर्ट्स कहते हैं डरने की जरूरत नहीं है. लेकिन किसी भी निवेशक को अपने पोर्टफोलियो में मिडकैप और स्मॉलकैप फंड्स स्कीम में 40 फीसदी से ज्यादा पैसा नहीं लगाना चाहिए.

आनंदराठी प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट के डिप्टी सीईओ फिरोज अजीज कहते हैं कि मिड और स्मॉलकैप शेयरों की कीमतें काफी कमजोर चल रही हैं. कुछ हद तक म्यूचुअल फंड्स के नए वर्गीकरण ने भी इन पर असर डाला है. महंगे कच्चे तेल और कमजोर रुपये ने बाजार के साथ इन शेयरों पर भी असर डाला है.

अब क्या करें निवेशक 
स्मॉल और मिडकैप शेयरों की पिटाई के बाद इन स्कीम्स में रिटर्न कम हो गए हैं. लिहाजा फंड मैनेजर्स निवेशकों को कम से कम एक साल के लिए स्मॉल और मिडकैप शेयरों से दूर रहने की सलाह है. आगे भी  इन दोनों सेक्टर के शेयरों में ज्यादा तेजी देखने को नहीं मिलेगी. हालांकि, सिर्फ इस आधार पर निर्णय नहीं लिए जा सकते हैं. आने वाले समय में चुनावों के चलते भी बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है. कीमतें बढ़ी हैं, इसलिए ज्यादा रिटर्न की उम्मीद करना बेमानी होगी.
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