Delhi-NCR में गर्मियों के दौरान ऐसे होगी दूध की सप्लाई, जानिए इमरजेंसी प्लान के बारे में सबकुछ

गर्मी में गाय-भैस भी कम दूध देती हैं तो इसके चलते दूध की किल्लत हो जाती है. (Demo Pic)

गर्मी में गाय-भैस भी कम दूध देती हैं तो इसके चलते दूध की किल्लत हो जाती है. (Demo Pic)

दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) ही नहीं गर्मियों के दौरान देशभर में दूध (Milk) की किल्लत होने लगती है. इसकी बड़ी वजह दूध की खपत का बढ़ना तो है ही, लेकिन गाय-भैस भी गर्मियों के दौरान दूध देना कम कर देती हैं.

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नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) ही नहीं गर्मियों के दौरान देशभर में दूध (Milk) की किललत होने लगती है. इसकी बड़ी वजह दूध की खपत का बढ़ना तो है ही, लेकिन गाय-भैस भी गर्मियों के दौरान दूध देना कम कर देती हैं. दिल्ली-एनसीआर में परेशानी इसलिए बढ़ने लगती है कि वहां दूध की खपत को खूब है, लेकिन स्त्रोत बहुत कम हैं. इसी के चलते दिल्ली-एनसीआर दूसरे राज्यों से होने वाली दूध की सप्लाई पर ज़्यादा निर्भर है. दूध कंपनियां भी इसका ख्याल रखती हैं, इसलिए अभी से गर्मियों में दूध की सप्लाई बराबर बनाए रखने के लिए इमरजैंसी प्लान पर काम शुरु हो गया है.

कम होने पर भी ऐसे बनी रहेगी दूध की पूरी सप्लाई

यूपी के डेयरी संचालक एमडी सिंह की मानें तो गर्मियों के मुकाबले सर्दियों में दूध खूब आता है. पशुओं को हरा चारा ज़्यादा मिलने के चलते वो भी दूध ज़्यादा देने लगते हैं. ऐसे में सप्लाई होने के बाद भी डेयरी में दूध बचता है. ऐसे में इस बचे हुए दूध का पाउडर बना लिया जाता है. साथ ही उसमे से मक्खन भी अलग कर लिया जाता है. स्टोरेज क्वालिटी और कैपेसिटी अच्छी होने के चलते मक्खन और दूध पाउडर 18 महीने तक चल जाता है. जब दूध सप्लाई पर कोई संकट आता है या गर्मियों में दूध की सप्लाई कम होने लगती है तो ऐसे में स्टोरेज में पहले से रखे दूध पाउडर और मक्खन को मिलाकर फिर से दूध बना दिया जाता है.



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दिल्ली-एनसीआर में प्रति व्यक्ति चाहिए 600 एमएल दूध

एक सर्वे के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में प्रति व्यक्ति को हर रोज़ 601 एमएल दूध की जरूरत है. इस जरूरत को पूरा करने के लिए अमूल और मदर डेयरी दूध कंपनी बड़ा रोल निभाती हैं. अमूल दिल्ली-एनसीआर में बने 12 डेयरी प्लांट के जरिए दिल्ली-एनसीआर में हर रोज़ 44 लाख लीटर दूध की सप्लाई करती है. वहीं मदर डेयरी सिर्फ दिल्ली में 25 लाख लीटर दूध की सप्लाई रोज़ाना करती है.

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हरियाणा-यूपी में खूब बन रहा है मक्खन और पाउडर

वैसे तो ट्रेन के रास्ते दिल्ली में मध्य प्रदेश और गुजरात से भी दूध आता है. लेकिन हरियाणा और यूपी भी दिल्ली-एनसीआर को दूध की सप्लाई करते हैं. किसान आंदोलन के दौरान भी यह दोनों राज्य दिल्ली-एनसीआर में दूध की सप्लाई को बनाए हुए हैं.

बावजूद इसके बड़ी गाड़ी न आने से सप्लाई प्रभावित हो रही है. ऐसे हालात में बच रहे दूध का कंपनियां दूध पाउडर और मक्खन बनाकर रख रही हैं. जानकारों के मुताबिक हरियाणा की वीटा कंपनी में तो हर रोज़ एक लाख लीटर तक दूध का पाउडर और मक्खन बनाया जा रहा है. यही आगे चलकर इमरजैंसी में काम आएगा.
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