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मोदी सरकार के कार्यकाल में किसानों को कितना मिला MSP? यहां जानिए

मोदी सरकार के कार्यकाल में किसानों को कितना मिला MSP? यहां जानिए

केंद्र सरकार ने खेती से जुड़े तीन नए कानून बनाए हैं.

केंद्र सरकार ने खेती से जुड़े तीन नए कानून बनाए हैं.

किसानों को उनकी फसलों के​ लिए दिए जाने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य बीते 5 साल में तेजी से बढ़ा है. मोदी सरकार ने 2018 में ही स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को लागू करते हुए कम से कम 1.5 गुना MSP देने का ऐलान किया था.

  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. मोदी सरकार (Modi Government) के कार्यकाल में किसानों को उनकी फसलों पर मिलने वाला न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पहले की तुलना में बेहतर हुआ है और इसमें वृद्धि भी हुई है. साल 2006 में स्वामीनाथन कमेटी (National Commission on Farmers)​ सिफारिशों को मोदी सरकार ने 2018 में लागू किया था. इसके तहत किसानों को उनके उत्पादन खर्च का 1.5 गुना MSP मिलना सुनिश्चित हुआ. MSP लागू करने से किसानों को सामान्य समय में या जब बाजार में बहुत उतार-चढ़ाव देखने को मिले, तब उन्हें उनकी फसल की सही कीमत सुनिश्चित होता है.

    कुछ प्रमुख फसलों के लिए साल 2009-14 और बीते 5 साल की तुलना करें तो इसमें करीब इसमें इजाफा हुआ. साथ ही इन फसलों की सरकारी खरीद भी बढ़ी है. आइए जानते हैं कि MSP को लेकर मोदी सरकार द्वारा उठाए गए कदम से किसानों को कैसे लाभ मिल रहा है.

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    >> बीते 5 साल में धान की फसलों पर मिलने वाले MSP में 2.4 गुना इजाफा हुआ है. साल 2009-10 से लेकर 2013-14 में किसानों को 2.06 लाख करोड़ रुपये का एमएसपी पेमेंट हुआ है. जबकि, बीते पांच साल में यह बढ़कर 4.95 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा है.

    >> 2009-10 से लेकर 2013-14 की तुलना में देखें तो बीते 5 साल के दौरान गेहूं की MSP में 1.77 गुना का इजाफा हुआ है. गेहूं की फसलों के लिए पहले जहां 1.68 लाख करोड़ रुपये का पेमेंट हुआ था, वहां बीते 5 साल में यह पेमेंट 2.97 लाख करोड़ रुपये का हुआ है.

    >> इसी प्रकार दालों के लिए MSP में 75 गुना का इजाफा हुआ है. 2009-10 से लेकर 2013-14 के बीच दालों के लिए कुल 645 करोड़ रुपये का MSP पेमेंट हुआ था. लेकिन, बीते पांच साल में यह आंकड़ा 49,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है.

    >> ऑयलसीड्स और कोपरा के लिए MSP पेमेंट में भी 10 गुना का इजाफा हुआ है. साल 2009-10 से लेकर 2013-14 के बीच ऑयलसीड्स और कोपरा पर कुल 2,460 करोड़ रुपये का MSP पेमेंट हुआ था. बीते पांच सालों में देखें तो सरकार ने इसके लिए कुल 25,000 करोड़ रुपये का MSP पेमेंट किया है.

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    रबी 2020 के लिए गेहूं की भी इस साल रिकॉर्ड सरकारी खरीद देखने को मिली है. इस साल सरकारी एजेंसियों ने 382 लाख मिट्रिक टन गेहूं की खरीद की है. इस साल न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत देशभर के कुल 42 लाख किसानों को 73,500 करोड़ रुपये का पेमेंट किया गया है. इस साल मध्य प्रदेश से सबसे ज्यादा 129 लाख मिट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है. मध्य प्रदेश के किसानों के बाद पंजाब के किसानों से भी 127 लाख मिट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है. इस साल सरकारी खरीद में हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के किसानों का भी योगदान रहा है.

    Tags: Business news in hindi, Farmer, Farmer push, MSP of crops, MSP of crops to be fixed one-and-a-half times of cost

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