50 करोड़ मज़दूरों को लेकर सरकार ने उठाया बड़ा कदम! अब सीधा खाते में आएगा वेतन

श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने बताया है कि मजदूरों को न्‍यूनतम वेतन और देश के 50 करोड़ कामगारों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है.

News18Hindi
Updated: July 31, 2019, 1:03 PM IST
50 करोड़ मज़दूरों को लेकर सरकार ने उठाया बड़ा कदम! अब सीधा खाते में आएगा वेतन
श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार
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Updated: July 31, 2019, 1:03 PM IST
मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने संबंधित बिल को  लोकसभा में मंजूरी मिल गई है. सदन में बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने बताया है कि मजदूरों को न्‍यूनतम वेतन और देश के 50 करोड़ कामगारों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है. उन्होंने कहा कि यह कदम मजदूरों के जीवन को आसान बनाने, मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने और ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के लिए उठाया गया है. गंगवार ने कहा कि इस बिल में प्रावधान है कि मजदूर तीन वर्ष के भीतर दावा कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि इसमें निरीक्षण की व्यवस्था को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाया गया है. इससे संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के 50 करोड़ मजदूरों को लाभ मिलेगा. मंत्री के जवाब के बाद लोकसभा ने कुछ सदस्यों के संशोधनों को अस्वीकार करते बिल को मंजूरी दे दी. आपको बता दें कि इस बिल में इस बिल में राज्‍यों द्वारा कामगारों को डिजिटल मोड से वेतन के भुगतान करना होगा. अब न्‍यूनतम वेतन मुख्‍य रूप से स्‍थान और कौशल पर आधारित होगा.

खत्म किए 44 श्रम संबंधी कानून- केंद्रीय मंत्री गंगवार ने कहा कि 2002 में इस पर श्रम संबंधी समिति ने विचार किया था और कहा था कि श्रम संबंधी 44 कानूनों को कम किया जाए.

>> साल 2014 में हमारी सरकार आने के बाद इस दिशा में पहल हुई और अब हम इसे लेकर आये हैं. उन्होंने कहा कि इस बारे में श्रम संगठनों, राज्यों, उद्योगपतियों से चर्चा की गई है.

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>> यह वास्तव में मजदूरों के हित में है. बिल के मसौदे में कहा गया है कि न्यूनतम मजदूरी में हर पांच साल में संशोधन किया जाएगा.

आपको बता दें कि इस बिल में इस बिल में राज्‍यों द्वारा कामगारों को डिजिटल मोड से वेतन के भुगतान करना होगा.


>> ये चार संहिताएं वेतन, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक सुरक्षा और कल्याण और औद्योगिक संबंध से जुड़ी हैं.
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>> वेतन पर कोड सभी कर्मचारियों के लिए क्षेत्र और वेतन सीमा पर ध्‍यान दिए बिना सभी कर्मचारियों के लिए न्‍यूनतम वेतन और वेतन के समय पर भुगतान को जरूरी बनाता है.

>> मौजूदा समय में न्‍यूनतम वेतन अधिनियम और वेतन का भुगतान अधिनियम दोनों को एक विशेष वेतन सीमा से कम और अनुसूचित रोजगारों में नियोजित कामगारों पर ही लागू करने के प्रावधान हैं.

>> इस बिल से सभी नौकरी करने वालों को भरण-पोषण का अधिकार सुनिश्चित होगा और मौजूदा लगभग 40 से 100 प्रतिशत कार्यबल को न्‍यूनतम मजदूरी के विधायी संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा.

>> इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि हर कामगार को न्‍यूनतम वेतन मिले, जिससे कामगार की क्रय शक्ति बढ़ेगी और अर्थव्‍यवस्‍था में प्रगति को बढ़ावा मिलेगा.

मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने संबंधित बिल को लोकसभा में मंजूरी मिल गई है.


कंपनियों को भी मिलेगी राहत- इसमें कहा गया है कि विभिन्‍न श्रम कानूनों में वेतन की 12 परिभाषाएं हैं, जिन्‍हें लागू करने में कठिनाइयों के अलावा मुकदमेबाजी को भी बढ़ावा मिलता है. इस परिभाषा को सरल बनाया गया है, जिससे मुकदमेबाजी कम होगी. साथ ही कंपनियों के लिए भी अब आसानी हो गई है. नए बिल में रजिस्‍टरों की संख्‍या, रिटर्न और फॉर्म आदि अब इलेक्‍ट्रॉनिक रूप से भरे जा सकेंगे.
First published: July 31, 2019, 12:58 PM IST
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