पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने के सवाल पर अनुराग ठाकुर ने दिया क्या जवाब, जानिए

अनुराग ठाकुर (फोटो- पीटीआई)

अनुराग ठाकुर (फोटो- पीटीआई)

पेट्राेल-डीजल (Petrol-Diesel) काे जीएसटी (GST) के दायरे में लाने से केंद्र और राज्य सरकाराें के राजस्व पर एक लाख कराेड़ रुपये का बाेझ पड़ेगा जाे देश की जीडीपी का 0.4 फीसदी हाेगा.

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  • Last Updated: April 11, 2021, 11:20 PM IST
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नई दिल्ली. पेट्राेल-डीजल (Petrol-Diesel) के बढ़ते दामाें के साथ ही इसे जीएसटी (GST) के दायरे में लाने काे लेकर मांग उठ रही है. इसे लेकर कुछ दिनाें पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) का बयान आया था. अब इसको लेकर एक अंग्रेजी चैनल से बात करते हुए वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thaukur) ने भी कुछ संकेत दिए हैं.



पेट्राेल-डीजल पर अलग-अलग राज्याें में ऊंचे टैक्स काे लेकर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि अगर राज्य सहमत हाें ताे उन्हें इस बारे में आगे बढ़कर चर्चा करने का प्रस्ताव लाना चाहिए. उन्हें परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा करके खुशी हाेगी.



ये बाेले अनुराग ठाकुर

टाइम्स नाऊ काे दिए इंटरव्यू में अनुराग ठाकुर ने कहा कि पेट्राेल-डीजल पर टैक्स में केंद्र और राज्य दाेनाें ही हिस्सेदार हैं. जहां तक बात इसे जीएसटी के दायरे में लाने की बात है ताे अभी जीएसटी काउंसिल में इसे लेकर काेई मामला लंबित नहीं है. लेकिन आने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में अगर राज्य इस पर चर्चा करना चाहें ताे हम खुले मन से इसका स्वागत करेंगे. देखा जाए ताे अनुराग ठाकुर ने भी काेई नई बात नहीं कही. वे भी वही कह रहे हैं जाे पहले निर्मला सीतारमण ने कहा था


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...ताे इतने रुपये सस्ता हाे जाएगा पेट्राेल



विशेषज्ञाें का कहना है कि पेट्राेल-डीजल काे वस्तु एवं सेवा कर यानि जीएसटी के दायरे में लाने से आम लाेगाें काे ऊंची कीमताें से राहत मिल सकती है. जीएसटी से पेट्राेल घटकर 75 रुपये प्रति लीटर तक सकता है जबकि डीजल 68 रुपये लीटर



केंद्र पर पड़ेगा इतना भार

पेट्राेल-डीजल काे जीएसटी के दायरे में लाने से केंद्र और राज्य सरकाराें के राजस्व पर एक लाख कराेड़ रुपये का बाेझ पड़ेगा जाे देश की जीडीपी का 0.4 फीसदी हाेगा. अर्थशास्त्रियाें ने कच्चे तेल की कीमत 60 डॉलर प्रति बैरल और डॉलर का मूल्य 73 रुपये प्रति डॉलर के आधार पर यह आकलन किया है. केंद्र और राज्य स्तरीय टैक्स से भारत में पेट्राेलियम पदार्थाें के दाम दुनिया में सबसे उच्चतर बने हुए हैं



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राज्य सरकार की बड़ी आमदनी पेट्राेल-डीजल टैक्स से


जानकार बताते हैं कि पेट्राेल-डीजल काे जीएसटी के दायरे में लाने के खुद केंद्र और राज्य सरकारें इच्छुक नहीं हैं. ऐसा इसलिए क्याेंकि पेट्राेलियम उत्पादाें पर सेल टैक्स, वैट आदि लगाना उनके लिए टैक्स राजस्व जुटाने का प्रमुख स्त्राेत है. वर्तमान में पेट्राेल की खुदरा कीमत में 60 फीसदी तक केंद्र और राज्य के टैक्स का हिस्सा है जबकि डीजल के खुदरा मूल्य में यह 54 फीसदी है. भारत में चार प्राथमिक जीएसटी रेट हैं- 5,12,18 और 28 फीसदी. यदि पेट्राेल-डीजल काे 28 फीसद वाले स्लैब में भी रखे तब भी माैजूदा दराें से काफी कमी सकती है.


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