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e-Nam: राष्ट्रीय कृषि बाजार से जुड़ेंगी देश की 415 और मंडियां, किसानों को ऐसे होगा फायदा!

e-Nam: राष्ट्रीय कृषि बाजार से जुड़ेंगी देश की 415 और मंडियां, किसानों को ऐसे होगा फायदा!

जानिए, ई-नाम योजना से किसानों को क्या फायदा होगा

जानिए, ई-नाम योजना से किसानों को क्या फायदा होगा

National Agriculture Market: लॉकडाउन के दौरान घर बैठे ई-मंडियों में बेच सकते हैं अपना सामान, इससे जुड़े हैं 1.68 करोड़ किसान, व्यापारी और एफपीओ

नई दिल्ली. मोदी सरकार राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-Nam) से देश की 415 और मंडियों को जोड़ने की तैयारी कर रही है. इसके बाद ई-नाम पोर्टल पर मंडियों की कुल संख्या एक हजार हो जाएगी. देशभर में करीब 2,700 कृषि उपज मंडियां और 4,000 उप-बाजार हैं.  फिलहाल ई-नाम में रजिस्टर्ड 1.68 करोड़ किसान, व्यापारी और एफपीओ (FPO-Farmer Producer Organisation) घर बैठे 585 ई-मंडियों में अपना सामान बेच सकते हैं. संकट की इस घड़ी में लोगों को इस ऑनलाइन बाजार की अहमियम का पता चल रहा है.

दरअसल, यह एक इलेक्ट्रॉनिक कृषि पोर्टल है जो पूरे भारत में मौजूद एग्री प्रोडक्ट मार्केटिंग कमेटी को एक नेटवर्क में जोड़ने का काम करती है. इसका मकसद एग्रीकल्चर प्रोडक्ट के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक बाजार उपलब्ध करवाना है. इस ऑनलाइन मंडी से जुड़े करीब पौने दो करोड़ किसानों को कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान अपना उत्पाद बेचने में मदद मिल रही है.

किसानोंं के लिए क्यों है फायदेमंद 

ई-नाम के तहत देश के विभिन्‍न राज्‍यों में स्थित कृषि उपज मंडी को इंटरनेट के जरिए जोड़ा गया है. इसका टारगेट यह है कि पूरा देश एक मंडी क्षेत्र बने. अगर लखनऊ का कोई किसान अपनी उपज दिल्ली में बेचना चाहता है तो कृषि उपज को लाना-ले जाना और मार्केटिंग करना आसान हो गया है. इसका लाभ न सिर्फ किसानों बल्कि ग्राहकों को भी मिलेगा. किसान और व्यापारियों के बीच के इस कारोबार में स्‍थानीय कृषि उपज मंडी के हित को कोई नुकसान नहीं पहुंचता, क्‍योंकि पूरा व्‍यापार उसके माध्‍यम से ही होता है. लेकिन किसानों को बिचौलियों और आढ़तियों पर निर्भर नहीं होना पड़ता.

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जल्द ही देश की 1000 मंडियों में ऑनलाइन कारोबार होने लगेगा (File Photo)


फिलहाल, इस बाजार से 18 राज्यों के 1,66,06,718 किसान, 942 एफपीओ, 70,910 कमीशन एजेंट और 1,28,015 व्यापारी जुड़े हुए हैं. चार सौ से अधिक और मंडियों के जुड़ने के बाद यह संख्या और बढ़ जाएगी. ज्यादा किसान अपना उत्पाद ऑनलाइन बेचने में सक्षम होंगे. हालांकि, किसान शक्ति संघ के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि इस बाजार का फायदा कृषि कारोबार करने वाले व्यापारियों को ही मिलता है. यही व्यवहारिक सच है. छोटा किसान प्रेक्टिली इस बाजार से जुड़कर लाभ नहीं कमा पाता.

ई-नाम के साथ जुड़ने का ये है तरीका: सबसे पहले आपको इसकी वेबसाइट www.enam.gov.in पर जाना होगा.

>> इसके बाद रजिस्ट्रेशन टाइप करना होगा. वहां किसान (Farmer) का एक ऑप्शन दिखाई देगा.

>> फिर आपको अपनी ई-मेल आईडी देना होगी. इसमें आपको ई-मेल के जरिए लोगिन आईडी ओर पासवर्ड का मेल आएगा.

>> इसके बाद आपको टैंपरेरी ई-मेल आईडी और पासवर्ड भेजा जाएगा. फिर आप www.enam.gov.in की वेबसाइट पर लॉगिन कर डैशबोर्ड पर आप अपने KYC डॉक्युमेंट से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.

जैसे ही APMC आपके KYC को अप्रूव करेगा. वैसे ही आप अपना कारोबार शुरू कर पाएंगे. https://enam.gov.in/web/resources/registration-guideline पर आप इससे जुड़ी अधिक जानकारी ले सकते हैं.

> इसकी शुरुआत 14 अप्रैल, 2016 को की गई थी. इसके तहत रजिस्टर्ड होकर किसान अपनी उपज अच्छी कीमत पर कहीं भी बेच सकते हैं.

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Tags: Farmer, Kisan, Ministry of Agriculture, Modi government

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