भारत आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए नई गाइडलाइंस जारी, यात्रा करने से पहले जान लें ये नियम

प्रतीकात्मक तस्वीर
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भारत आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने गुरुवार को नई गाइडलाइंस जारी की है.

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  • Last Updated: November 5, 2020, 7:30 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना काल में नए नियम और शर्तों के साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा बहाल की गई है. केंद्र सरकार ने वंदे भारत मिशन (Vande Bharat Mission) के तहत विदेशों में फंसे भारतीयों की वतन वापसी और भारत में फंसे विदेशियों को उनके मुल्कों तक पहुंचाने के लिए फ्लाइट सर्विसेज चला रही है. इसके अलावा करीब दो दर्जन देशों के साथ एयर बब्बल (Air Bubble) ट्रैफिक सिस्टम के तहत भी फ्लाइटों का संचालन किया जा रहा है. कोरोना वायरस (Coronavirus) के फैलाव को रोकने के मकसद से केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय लगातार समय-समय पर गाइडलाइंस जारी कर रही है. इसी कड़ी में मंत्रालय ने गुरुवार को नई गाइडलाइंस जारी की है.

भारत यात्रा के लिए योजना बना रहे मुसाफिरों के लिए ये होगा दिशानिर्देश
1. केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने अपने नए दिशानिर्देश मेंं कहा है कि फ्लाइट्स के उड़ान भरने या एयरपोर्ट के हेल्थ काउंटर में पहुंचने के 72 घंटे पहले ऑनलाईन पोर्टल newdelhiairport.in में सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होगा. एयरलाइन्स के जरिए यात्रियों को ऑनलाईन यह भी अंडरटेकिंग देना चाहिए कि वे भारत सरकार के होम क्‍वारंटाइन, 14 दिनों तक स्वयं निगरानी जैसे सभी नियमों का अनुपालन करेंगे.

2. सिर्फ कुछ चुनिंदा कारणों पर ही होम क्‍वारंटाइन की व्यवस्था होगी. गर्भवती महिला,परिवार में किसी का निधन, गंभीर बिमारी और 10 साल के कम उम्र के बच्चों के साथ माता-पिता 14 दिनों तक होम क्‍वारंटाइन रह सकते हैं. अगर कोई यात्री इन नियमों के तहत छूट चाहता है तो उसे फ्लाइट संचालन के 72 घंटे पहले ऑनलाईन पोर्टल में अप्लाई करना होगा.
3. जिन यात्रियों का आरटीपीसीआर टेस्ट नेगेटिव हो वे भी संस्थागत क्‍वारंटाइन से छूट के हकदार हो सकते है. आरटीपीसीआर टेस्ट फ्लाइट उड़ान के 72 घंटे के अंदर का होना चाहिए. ऑनलाईन पोर्टल पर टेस्ट रिपोर्ट को अपलोड करना होगा. रिपोर्ट के साथ यात्रियों को डिक्लेरेशन देना होगा कि रिपोर्ट में किसी तरह की कमी होने पर उनपर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. इसके अलावा टेस्ट रिपोर्ट को भारतीय एयरपोर्ट में भी दिखानी होगी.



4. बिना आरटीपीसीआर नेगेटिव टेस्ट के भी यात्री इंस्टिट्यूशनल क्वारंटिन से छूट ले सकते हैं. बशर्ते उन्हें भारतीय एयरपोर्ट्स में उपलब्ध आरटीपीसीआर टेस्ट कराना होगा. इंस्टिट्यूशनल क्‍वारंटाइन से छूट लेने वाले यात्रियों को अपने स्वास्थ्य की निगरानी खुद करनी होगी.

5. जिन यात्रियों  के पास आरटीपीसीआर टेस्ट का नेगेटिव रिपोर्ट नहीं है और जिन्होंने भारतीय एयरपोर्ट में भी टेस्ट नहीं कराया है उन्हें 7 दिन इंस्टिट्यूशनल क्‍वारंटाइन और 7 दिन होम क्‍वारंटाइन रहना होगा. यह व्यवस्था उन यात्रियों के लिए भी होगा जो ऐसे भारतीय एयरपोर्ट में आगमन किए है जहां इस टेस्ट की व्यवस्था नहीं हैं.

बोर्डिंग से पहले इन बातों का रखें ख्याल

6. एयरलाइन्स या एजेंटों के जरिए मिलने वाले टिकटों के साथ क्या करे और क्या नहीं करे की, पूरी सूची यात्रियों को उपलब्ध कराई जाएगी.

7. सभी यात्रियों के लिए आरोग्य सेतू ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी जाएगी.

8. यात्रियों को थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद ही फ्लाइट में बोर्डिंग करने की अनुमति दी जाएगी.

9. एयरपोर्ट में सैनिटाइजेशन और डिसइंफेक्शन की उचित व्यवस्था करना होगा.

10. बोर्डिंग के दौरान सामाजिक दूरी यानी सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन यथासंभव करना होगा.

यात्रा के दौरान यात्रियों को इन बातों का रखना होगा ध्यान.

11. जिन यात्रियों ने ऑनलाईन पोर्टल पर सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म नहीं भरा है उन्हें फ्लाइट में इसी तरह का फोर्म भरना होगा. इसकी एक कॉपी एयरपोर्ट में हेल्थ और इमीग्रेशन अधिकारियों को भी सौंपना होगा.

12. एयरपोर्ट और फ्लाइट में कोविड 19 से संबंधित सभी घोषणाओं का पालन करना होगा.

13. यात्रा के दौरान यात्रियों को मास्क पहने रहना होगा. इसके अलावा एयरलाईन स्टॉफ, क्रू मेंबर्स और यात्रियों को इंवोरमेंटल हाइजिन, रेसिपिरेट्री हाइजिन और हाथों को साफ रखना होगा.

एयरपोर्ट पर पहुंचने पर यात्रियों को इन बातों का भी ख्याल रखना होगा

14. फ्लाइट से डिबोर्ड होने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करना चाहिए.

15. एयरपोर्ट में स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा यात्रियों का थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी. ऑनलाईन पोर्टल पर या फिजिकल सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म को भी इन स्वास्थ्य अधिकारियों को दिखाना होगा.

16. थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान किसी यात्री में कोरोना का लक्षण पाया जाता है तो उसे तुरंत सबसे अलग कर स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत इलाज दिया जाएगा.

17. होम क्‍वारंटाइन की व्यवस्था लेने वाले यात्रियों को सेल्फ डिक्लेरेशन और रिपोर्ट स्टेट काउंटर में दिखाना होगा.

18. थर्मल स्क्रीनिंग के बाद जिनका आरटीपीसीआर टेस्ट नेगेटिव आता है तो उसे अपने स्वास्थ्य की निगरानी अगले 14 दिनों तक करना होगा. ऐसे सभी यात्रियों को नेशनल और स्टेट स्तर के सर्विलांस अधिकारियों की सूची और कॉल सेंटर की नंबर सौंपें जाएंगे. ताकि अगर कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो तुरंत इलाज किया जा सके.

19. शेष सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को 7 दिनों का इंस्टिट्यूशनल क्‍वारंटाइन सुविधा दी जाएगी जिसे राज्य या केंद्र  शासित राज्य व्यवस्था करेंगे. 7 दिनों तक ये यात्री होम  क्‍वारंटाइन में रहेंगे.

यात्रियों को इंस्टिट्यूशनल क्‍वारंटाइन में ये व्यवस्थाएं मिलेगी

20. इन यात्रियों का आईसीएमआर प्रोटोकोल के तहत टेस्ट किया जाएगा.

21. अगर किसी यात्री में मामूली लक्षण या कोरोना होने के पहले वाले लक्षण पाये जाते है तो उन्हें होम आइसोलेशन या कोविड केयर सेंटर में भेजा जायेगा. अगर किसी यात्री में कोरोना के शुरूआती लक्षण या भारी लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें कोविड हेल्थ फेसिलिटी में भेजा जाएगा. अगर इन यात्रियों की कोविड टेस्ट नेगेटिव आता है तो उन्हें अगले 7 दिनों तक अपने स्वास्थ्य की निगरानी करने को कहा जाएगा.

सी-पोर्ट या लैंड पोर्ट आने वाले यात्रियों के लिए ये दिशानिर्देश होगा

इन यात्रियों को भी उपर्युक्त सभी नियम-कानूनों का पालन करना होगा. यात्रियों को अपना सेल्फ डिक्लेरेशन फोर्म सी-पोर्ट या लैंड पोर्ट में मौजूद संबंधित अथॉरिटी को जमा करना होगा.
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