Alert! इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना भूल गए तो इतना लगेगा जुर्माना

असेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2019 है. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा.
असेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2019 है. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा.

असेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2019 है. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा.

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असेसमेंट ईयर 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2019 है. इस तारीख तक टैक्सपेयर्स को आईटीआर फाइल करना जरूरी है. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको 10,000 रुपये तक जुर्माना भरना पड़ेगा. व्यक्तिगत, हिन्दू अविभाजित परिवारों और जिन लोगों के खातों की ऑडिटिंग की जरूरत नहीं है, या जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये से कम है, उनके लिए आखिरी तारीख 31 जुलाई है.

आखिरी तारीख चूके तो इतना देना होगा जुर्माना
अगर कोई टैक्सपेयर्स अंतिम तारीख तक ITR फाइल नहीं करता है तो उसे जुर्माना देना पड़ेगा. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, 31 जुलाई 2019 के बाद 31 दिसंबर 2019 तक, ITR फाइल करते हैं तो 5,000 रुपये का जुर्माना लगेगा. अगर आप 1 जनवरी 2020 से 30 मार्च 2020 तक आईटीरआर फाइल करते हैं तो आप 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा. जिनकी इनकम 5 लाख रुपये से कम है, उनको लेट फाइन के तौर 1,000 रुपये देने होंगे. ये भी पढ़ें: मोदी सरकार का तोहफा, फसल बीमा लेने में चलेगी किसानों की मर्जी


ITR भरने के लिए कौन से फॉर्म का करें इस्तेमाल-



ITR-1 सहज- ITR-1 फॉर्म ऐसे नागरिकों के लिए हैं जिनकी कुल इनकम 50 लाख रुपये तक है. यह सैलरी, एक हाउस प्रॉपर्टी और ब्याज से होने वाली इनकम होती है. ITR 1 सहज एक पेज का फॉर्म है.

ITR 2- आईटीआर- 2 फॉर्म उन लोगों और अविभाजित हिंदू परिवारों (HUFs) के लिए है, जिन्हें किसी कारोबार या पेशे से कोई प्रॉफिट या लाभ नहीं होता है. आईटीआर-2 में आपको अपने निवास स्थान से जुड़ी जानकारी देनी होगी कि आप वित्त वर्ष 2018-19 में आप वहां के निवासी थे या नहीं. या साधारण निवासी थे और नॉन-रेजिडेंट थे. अगर आपके पास किसी अनलिस्टेड कंपनी के शेयर हैं तो आपको आईटीआर-2 में इसकी जानकारी देनी होगी. इस जानकारी में कंपनी, पैन, शेयरों की संख्या और आपके द्वारा खरीदे या बेचे गए शेयरों की जरूरत होगी.

ITR 3- आईटीआर- 2 फॉर्म उन लोगों और अविभाजित हिंदू परिवारों (HUFs) के लिए है, जिन्हें किसी कारोबार या पेशे से कोई प्रॉफिट या लाभ होता है.

ITR 4 सुगम- आईटीआर- 4 सुगम फॉर्म उन लोगों के लिए जिनकी कारोबार या पेशे से आय हो रही है.

ITR 5- आईटीआर- 5 इंडिविजुअल, एचयूएफ, कंपनी और ITR-7 फॉर्म भरने वालों के अतिरिक्त अन्य टैक्स पेयर्स के लिए है.

ITR 6- आईटीआर- 6 फॉर्म सेक्शन 11 के तहत छूट का दावा करने वाली कंपनियों के अलावा अन्य कंपनियों के लिए है.

ITR 7- ऐसी कंपनियों और लोगों के लिए जिन्हें सेक्शन 139(4A) या 139(4B) या 139(4C) या 139(4D) या 139(4E) या 139(4F) के तहत रिटर्न भरने की जरूरत है.

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