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मोदी सरकार ने किसानों के हित में उठाया बड़ा कदम! इथेनॉल की कीमतों में की इतने रुपये की बढ़ोतरी

News18Hindi
Updated: September 3, 2019, 3:32 PM IST
मोदी सरकार ने किसानों के हित में उठाया बड़ा कदम! इथेनॉल की कीमतों में की इतने रुपये की बढ़ोतरी
मोदी सरकार ने किसानों के हित में उठाया बड़ा कदम! इथेनॉल की कीमतों में की इतने रुपये की बढ़ोतरी

केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए इथेनॉल (Ethanol) की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लिया है. कैबिनेट ने इथेनॉल की बढ़ी कीमतों को मंजूरी दे दी है. इस वित्तीय वर्ष (2019-20) के लिए 50 पैसे से 2 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ोतरी को मंजूरी मिली है.

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  • Last Updated: September 3, 2019, 3:32 PM IST
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नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) ने बड़ा फैसला लेते हुए इथेनॉल (Ethanol) की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लिया है. कैबिनेट (Cabinet Decision) ने इथेनॉल की बढ़ी कीमतों को मंजूरी दे दी है. इस वित्तीय वर्ष (2019-20) के लिए 50 पैसे से 2 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ोतरी को मंजूरी मिली है. आपको बता दें कि ये फैसला किसानों (Indian Farmer) के लिए बड़ा मददगार होगा. सरकार के इस फैसले से चीनी (Sugar Stock)  के भारी स्टॉक की समस्या को निपटाने और किसानों का बकाया भुगतान करने में मदद मिलेगी.इस कदम से चीनी मिलों को गन्ना किसानों का बकाया चुकाने में मदद मिलेगी. एथनॉल को पेट्रोल में मिलाने से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटेगी. आपको बता दें कि इस बार गन्ने (Sugarcane) के एफआरपी में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. ऐसे में सरकार (Government) इथेनॉल की कीमतें बढ़ाकर कंपनियों और किसानों की मदद करना चाहती है.

ये होगी कीमत
2019-20 के लिए इथोनॉल की कीमत 59.48 रुपये प्रति लीटर हो गई. 1 दिसंबर 2019 से 30 नवंबर 2020 के लिए C-heavy मोलेस से इथेनॉल की कीमत 43.46 रुपए प्रति लीटर से बढ़कर 43.75 रुपये प्रति लीटर हो गई. वहीं B-heavy मोलेस इथेनॉल की कीमत 52.43 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 54.27 पैसे प्रति लीटर हो गई. इसके अलावा इस पर जीएसटी और ट्रांसपोर्टेशन चार्ज लागू होंगे.

इथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है जिसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. इथेनॉल का उत्पादन यूं तो मुख्य रूप से गन्ने की फसल से होता है लेकिन शर्करा वाली कई अन्य फसलों से भी इसे तैयार किया जा सकता है. इससे खेती और पर्यावरण दोनों को फायदा होता है. भारतीय परिपेक्ष्य में देखा जाए तो इथेनॉल ऊर्जा का अक्षय स्रोत है क्योंकि भारत में गन्ने की उपज बहुत बड़े स्तर पर होती है



क्या होता है Ethanol?
इथेनॉल (Ethanol) एक अलग प्रकार का ईंधन (Fuel) है, जिसके इस्तेमाल प्रदूषण (Pollution) कम होता है यानी कि इसका इस्तेमाल कर वाहन भी चलाया जा सकता है और पर्यावरण को होने वाला नुकसान भी कम किया जा सकता है. इथेनॉल को घरेलू तौर पर बनाया जा सकता है, जिसके जरिए पेट्रोलियम के आयात पर निर्भरता कम की जा सकती है. एनर्जी सिक्योरिटी को बढ़ाया जा सकता है. यह नॉन-टॉक्सिक, बायोडिग्रेडेबल साथ ही सभालने में आसान, स्टोर और ट्रांसपोर्ट के लिए सुरक्षित है. यह रिन्यूएबल प्लांट सोर्स से बनाया जाता है.
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इथेनॉल के फायदे
>> एक ऑक्सीजन युक्त फ्यूल, जिसमें 35 फीसद ऑक्सीजन होता है.
>> इथेनॉल के इस्तेमाल से नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आती है.
>> इसके इस्तेमाल से 35 फीसदी कम कार्बन मोनोऑक्साइड का उत्सर्जन होता है.
>> यह कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जन और सल्फर डाइऑक्साइड को भी कम करता है.
>> पेट्रोल इंजन को इथेनॉल और गैसोलीन के मिश्रण को बदलने के लिए मॉडिफाई किया जा सकता है.
>> इथेनॉल हाइड्रोकार्बन के उत्सर्जन को कम करता है.

इथेनॉल की जरूरत
इथेनॉल फ्यूल इको-फ्रैंडली है और पर्यावरण को जीवाश्म ईंधन से होने वाले खतरों से बचाता है. बायो फ्यूल घरेलू स्तर पर गन्ने के पौधों से तैयार किया जाता है. एल्कोहल बेस्ड फ्यूल गैसोलीन के साथ मिश्रित होकर ई 85 तक तैयार हो गया. कम लागत पर अधिक ऑक्टेन नंबर देता है और MTBE जैसे खतरनाक फ्यूल के लिए विकल्प के तौर पर कार्य करता है. इंजन से हीट को निकालता है.

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इस देश में 100 फीसदी वाहन चलते हैं इथेनॉल से
इथेनॉल के वाहनों में प्रयोग की शुरुआत सबसे पहले करीब 40 साल पहले ब्राजील में की गई थी. 1979 से ब्राजील की ऑटोमोबाइल कंपनियां 10 फीसदी इथेनॉल से चलने वाले वाहनों का निर्माण कर रही हैं. ब्राजील में सबसे ज्यादा इथेनॉल का निर्माण किया जाता है. यहां गन्ने के रस से इथेनॉल तैयार किया जाता है. भारत में पिछले साल इथेनॉल का बाजार करीब 11 हजार करोड़ रुपये का था जिसके इस साल 20 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है.

(असीम मनचंदा, संवाददाता- CNBC आवाज़)

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First published: September 3, 2019, 1:41 AM IST
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