लाइव टीवी

कैबिनेट का बड़ा फैसला, अब इन दो केंद्र शासित प्रदेशों में भी लागू होगा GST

News18Hindi
Updated: January 22, 2020, 3:33 PM IST
कैबिनेट का बड़ा फैसला, अब इन दो केंद्र शासित प्रदेशों में भी लागू होगा GST
अब यहां भी लागू होगा GST

सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट ने दादरा-नागर हवेली (Dadra and Nagar Haveli) और दमन-दीव (Daman and Diu) में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 22, 2020, 3:33 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की हुई बैठक में बड़ा फैसला हुआ है. कैबिनेट ने दादरा-नागर हवेली (Dadra and Nagar Haveli) और दमन-दीव (Daman and Diu) में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस ने इस बात की जानकारी दी.

केंद्रीय मंत्री ने कहा, कैबिनेट ने दादरा-नागर हवेली और दमन-दीव के विलय के मद्देनजर जीएसटी, वैट और उत्पाद शुल्क से संबंधित अधिनियमों में संशोधन/विस्तार/निरस्त को मंजूरी दी. उन्होंने कहा, दमन को केंद्र शासित प्रदेश दादरा-नागर हवेली और दमन-दीव के मुख्यालय के रूप में भी नामित किया गया है.

बता दें कि सरकार ने जनवरी और फरवरी के लिए जीएसटी कलेक्शन लक्ष्य को 10,000 करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया. हालांकि मार्च लक्ष्य के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है. जीएसटी कलेक्शन के अधिक रहने से सरकार को राजस्व घाटे के मामले में काफी राहत मिलेगी. टैक्स डिपार्टमेंट ने जनवरी और फरवरी दोनों महीनों के लिए जीएसटी कलेक्शन लक्ष्य बढ़ा कर 1.15 लाख करोड़ रुपये कर दिया है. वहीं मार्च के लिए यह 1.25 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है. ये भी पढ़ें: PF के नियमों में हो सकता है बड़ा बदलाव! इन लोगों को होगा फायदा



दिसंबर में जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये के पार
दिसंबर में जीएसटी कलेक्‍शन 1 लाख 3 हजार 184 करोड़ रुपये रहा. यह लगातार दूसरा महीना है जब जीएसटी कलेक्‍शन 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का है. वहीं जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद अब तक 9 बार कलेक्शन सरकार के लक्ष्य 1 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा है. हालांकि, नवंबर 2019 की तुलना में मामूली कमी आई है. सरकार को नवंबर में जीएसटी से 1 लाख 3 हजार 492 करोड़ रुपये मिले थे.



 

अब प्लंबर व इलेक्ट्रिशियन को देना पड़ सकता है GST
केंद्र सरकार (Central Government) एक ऐसी ही नीति पर विचार कर रही है. इनमें केवल वहीं कामगार शामिल होंगे जो ऑनलाइन लिस्टेड हैं. इसको गिग इकोनॉमी वर्कर्स (Gig Economy Workers) को औपचारिक वर्कफोर्स के दायरे में लाने के लिहाज से बेहतर कोशिश माना जा रहा है.​ गि​ग इकोनॉमी वर्कर्स के दायरे में वो लोग आते हैं जो स्वतंत्र रूप से काम करने वाले कामगार होते हैं.

ये भी पढ़ें: इस स्कीम में सेविंग अकाउंट से दोगुना मिल रहा मुनाफा, निवेश का है ये तरीका

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 22, 2020, 1:32 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर