इन सरकारी कंपनियों को बंद कर सकती है मोदी सरकार, यहां देखें लिस्ट

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तीन दवा कंपनियों हिंदुस्‍तान एंटीबायोटिक्‍स लिमिटेड, इंडियन ड्रग्‍स एंड फार्मास्‍यूटिकल्‍स लिमिटेड और राजस्‍थान ड्रग्‍स एंड फार्मास्‍यूटिकल्‍स के कर्मचारियों की देनदारी निपटाने के लिए 330.35 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता देने का फैसला किया.

News18Hindi
Updated: July 18, 2019, 3:29 PM IST
इन सरकारी कंपनियों को बंद कर सकती है मोदी सरकार, यहां देखें लिस्ट
इन सरकारी कंपनियों को बंद कर सकती है मोदी सरकार, देखें लिस्ट
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Updated: July 18, 2019, 3:29 PM IST
मोदी सरकार घाटे में चल रही सरकारी कंपनियों को बंद कर सकती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ये फैसला हुआ कि तीन दवा कंपनियों हिंदुस्‍तान एंटीबायोटिक्‍स लिमिटेड (HAL), इंडियन ड्रग्‍स एंड फार्मास्‍यूटिकल्‍स लिमिटेड (IDPL) और राजस्‍थान ड्रग्‍स एंड फार्मास्‍यूटिकल्‍स (RDPL) के कर्मचारियों की देनदारी निपटाने के लिए 330.35 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता देने का फैसला किया. यह सहायता कर्ज के रूप में दी जाएगी. इसके साथ ही चार सार्वजनिक कंपनियों की बिक्री या बंद करने पर फैसला करने के लिए मंत्री स्तरीय समिति बनाने की घोषणा की.

19 कंपनियों को बंद करने का दिया था आदेश
बता दें कि पिछले महीने मोदी सरकार ने घाटे में चल रही 19 बड़ी सरकारी कंपनियों को बंद करने का आदेश दे दिया था. इसमें मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इन कंपनियों तुंगभद्रा स्‍टील प्रोडक्‍ट्स लिमिटेड, HMT वॉचेज लिमिटेड, HMT चिनार वॉचेज लिमिटेड, HMT बियरिंग्‍स लिमिटेड, हिंदुस्‍तान केबल्‍स लिमिटेड, HMT लिमिटेड की ट्रैक्‍टर यूनिट और इंस्‍ट्रूमेंटेशन लिमिटेड की कोटा यूनिट, केंद्रीय अंतर्देशीय जल परिवहन निगम लिमिटेड, इंडियन ड्रग्‍स और राजस्‍थान ड्रग्‍स एंड फार्मास्‍युटिकल्‍स लिमिटेड, IOCL-क्रेडा बायोफ्यूल्स लिमिटेड, क्रेडा HPCL बायोफ्यूल्स लिमिटेड, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह वन और वृक्षारोपण विकास निगम लिमिटेड, भारत वैगन एंड इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड, बर्न स्टैंडर्ड कंपनी लिमिटेड, सीएनए/एन2 ओ 4 प्लांट को छोड़कर हिंदुस्तान ऑर्गेनिक केमिकल्स लिमिटेड की रसायनिक इकाई में सभी संयंत्रों के संचालन को बंद करना, नेशनल जूट मैन्युफैक्चरर्स कॉर्पो. लिमिटेड, बर्ड्स जूट एंड एक्सपोर्ट लिमिटेड और एसटीसीएल लिमिटेड शामिल है.

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VRS देने में मिलेगी मदद
बयान में कहा गया है कि 330.35 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता से IDPL, RDPL और HAL के कर्मचारियों को बकाया वेतन देने और VRS समर्थन देने में मदद मिलेगी. इस फैसले से सार्वजनिक कंपनियों के 1,000 से ज्‍यादा कर्मचारियों की परेशानियां कम होंगी. कुल राशि में से 158.35 करोड़ रुपये कर्मचारियों के बकाया वेतन पर खर्च होंगे और 172 करोड़ रुपये VRS देनदारी के मदद में काम आएंगे.

मंत्रियों की समिति के गठन से आईडीपीएल और आरडीपीएल बंद करने और एचएएल और बंगाल केमिकल एंड फार्मास्‍यूटिकल्‍स लिमिटेड (BCPL) की रणनीतिक बिक्री के लिए 28 दिसंबर 2016 को किए गए मंत्रिमंडल के फैसले को लागू करने की प्रक्रिया में तेजी आएगी.
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First published: July 18, 2019, 2:17 PM IST
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