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मोदी सरकार ने किसानों को दिया दिवाली तोहफा! रबी फसल की MSP बढ़ाने को मंजूरी, फटाफट करें चेंक

News18Hindi
Updated: October 23, 2019, 5:13 PM IST

कैबिनेट की बैठक में रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी (MSP) को मंजूरी मिल गई है. इस फैसले से सरकार पर 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा.

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  • Last Updated: October 23, 2019, 5:13 PM IST
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नई दिल्ली. दिवाली से पहले केंद्र सरकार (Central Government) ने किसानों (Farmer) को बड़ा तोहफा दिया है. बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी (MSP) बढ़ाने को मंजूरी मिल गई है. गेंहू की एमएसपी में 85 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है. वहीं, बाजरे के दाम में भी 85 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. गेहूं का समर्थन मूल्य 1840 रुपये से बढ़कर 1925 रुपये हो गया है. बाजरे के समर्थन मूल्य में भी 85 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. इससे सरकार पर अतिरिक्त 3,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा.

फटाफट चेक करें रबी फसलों की नई MSP-गेहूं का एमएसपी 85 रुपये बढ़ाकर 1925 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है. जौ का एमएसपी भी 85 रुपये बढ़कर 1525 रुपये प्रति​ क्विंटल हो गया है. सरकार ने दालों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए फसल सत्र 2019-20 के लिए मसूर का समर्थन मूल्य 325 रुपये बढ़ाकर 4800 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है.

 कैबिनेट की बैठक में रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी (MSP) बढ़ाने को मंजूरी मिल गई है.
कैबिनेट की बैठक में रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी (MSP) बढ़ाने को मंजूरी मिल गई है.


पिछले साल यह रेट 4475 रुपये प्रति क्विंटल था. इसी तरह, चने का एमएसपी 255 रुपये बढ़कर 4875 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है, जो पिछले साल 4620 रुपये प्रति क्विंटल था. सरकार ने 2019-20 के लिए सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 225 रुपये बढ़ाकर 4425 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है. वहीं सूरजमुखी का समर्थन मूल्य 270 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 5215 रुपये प्रति क्विंटल हो गया.

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रबी फसल के बारे में जानिए- देश में अक्टूबर से मार्च के बीच होने वाली सभी फसलों को रबी फसल कहा जाता है. रबी को सर्दी की फसलों के रूप में भी जाना जाता है. अक्टूबर में मॉनसून जब वापसी कर हो चुका होता है, तभी इन फसलों की बुवाई की जाती है. वहीं, मार्च एवं अप्रैल माह में रबी फसलों की कटाई की जाती है. इस मौसम के दौरान फसलों को सिंचाई के लिए कम पानी की आवश्यकता होती है.

(असीम मनचन्दा, CNBC आवाज)
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First published: October 23, 2019, 1:25 PM IST
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