आपका डेटा बेचकर सरकार कमा रही करोड़ों, जानें कितनी हुई कमाई?

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में दिए गए अपने लिखित जवाब में बताया कि सरकार ने डेटा बेचकर 65 करोड़ रुपये की कमाई की है.

News18Hindi
Updated: July 11, 2019, 4:12 PM IST
आपका डेटा बेचकर सरकार कमा रही करोड़ों, जानें कितनी हुई कमाई?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में दिए गए अपने लिखित जवाब में बताया कि सरकार ने डेटा बेचकर 65 करोड़ रुपये की कमाई की है.
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Updated: July 11, 2019, 4:12 PM IST
मोदी सरकार ने व्हीकल रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस डेटा बेचकर कमाई शुरू कर दी है. इस साल की शुरुआत में व्हीकल डेटा बेचने की पॉलिसी को कैबिनेट की मंजूरी मिली थी. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में दिए गए अपने लिखित जवाब में बताया कि सरकार ने डेटा बेचकर 65 करोड़ रुपये की कमाई की है. सरकार की तरफ से अब तक 87 प्राइवेट कंपनियों और 32 सरकारी कंपनियों को वाहन डेटा बेचा गया है.

बल्क डेटा शेयरिंग पॉलिसी के तहत प्राइवेट कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों को डेटा एक्सेस की इजाजत दी जाती है. इसमें शैक्षणिक संस्थान से एक साल के लिए 3 करोड़ रुपये, सरकारी संस्थानों से 5 करोड़ रुपये लिए जाते हैं.



वाहन और सारथी डाटाबेस बेचकर कमाए
इस योजना के तहत वाहन खरीदने वाली कंपनियों को वाहन (VAHAN) और सारथी (SARATHI) डेटाबेस एक्सेस करने की इजाजत मिल जाती है, जिसका उपयोग अब तक देशभर में आरटीओ करता था. वाहन और सारथी को पहली बार साल 2011 में पेश किया गया था, जिस पर मौजूदा वक्त में बड़े पैमाने पर वाहन डेटा मौजूद है.



वाहन साफ्टवेयर में व्हीकल रजिस्ट्रेशन, टैक्स, फिटनेस, चालान और परमिट का डेटा मौजूद है, जबकि सारथी डेटाबेस में ड्राइविंग लाइसेंस, फीस की डिटेल मौजूद है. इस दोनों प्लेटफार्म पर करीब 25 करोड़ व्हीकल रजिस्ट्रेशन और 15 करोड़ ड्राइविंग लाइसेंस डिटेल मौजूद हैं.

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