लाइव टीवी

किसानों को घर बैठे मिलेंगे 3.75 लाख रुपये, जानिए सरकार की इस स्कीम के बारे में...

News18Hindi
Updated: February 5, 2020, 3:32 PM IST
किसानों को घर बैठे मिलेंगे 3.75 लाख रुपये, जानिए सरकार की इस स्कीम के बारे में...
किसानों को घर बैठे मिलेंगे 3.75 लाख रुपये

कृषि मंत्रालय (Agriculture Ministry) के अधीन मृदा स्वास्थ्य प्रबन्धन योजना (Soil Health Card Scheme) बनाई गई है. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया है कि योजना के अंतर्गत ग्रामीण युवा एवं किसान जिनकी उम्र 18 से 40 वर्ष है , ग्राम स्तर पर मिनी मृदा परिक्षण प्रयोगशाला (Soil Test Laboratory) की स्थापना कर मोटी कमाई कर सकते हैं

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 5, 2020, 3:32 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Government of India) ने ग्रामीण युवाओं (Rural Jobs in India) को रोजगार देने के लिए शुरू की नई योजना का पॉजिटिव असर अब दिखने लगा हैं. राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (एन.पी.सी) द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड पर सिफारिशों के तहत केमिकल फर्टिलाइजर्स के इस्तेमाल में 8 से 10 फीसदी तक की कमी आई है,साथ ही उपज में 5-6 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है. आपको बता दें कि कृषि मंत्रालय (Agriculture Ministry) के अधीन मृदा स्वास्थ्य प्रबन्धन योजना (Soil Health Card Scheme) बनाई गई है. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया है कि योजना के अंतर्गत ग्रामीण युवा एवं किसान जिनकी उम्र 18 से 40 वर्ष है , ग्राम स्तर पर मिनी मृदा परिक्षण प्रयोगशाला (Soil Test Laboratory) की स्थापना कर सकते हैं. प्रयोगशाला को स्थापित करने में 5 लाख रुपए का खर्च आता है , जिसका 75 फीसदी यानी 3 .75 लाख रुपए सरकार देगी.

नई योजना का पॉजिटिव असर अब दिखने लगा

चालू वित्तीय वर्ष के दौरान आदर्श गांवों का विकास नामक पायलेट प्रोजेक्ट के अंतर्गत किसानों की सहभागिता से कृषि जोत आधारित मिट्टी के नमूनों के संग्रहण और परीक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है. प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन हेतु प्रत्येक कृषि जोत पर मिट्टी के नमूनों के एकत्रीकरण एवं विश्लेषण हेतु हरेक ब्लॉक में एक-एक आदर्श गांव का चयन किया गया है. इसके अंतर्गत किसानों को 2019-20 में अब तक 13.53 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा चुके हैं.

Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Scheme, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम, farmer welfare schemes in india, Kisan, Ministry of Agriculture, kailash choudhary, Modi government, mos Agriculture Kailash Choudhary, भारत में किसान कल्याण योजनाएं, कृषि मंत्रालय, कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, मोदी सरकार, कृषि मंत्रालय, PM Narendra Modi visit Tumkur karnataka, पीएम मोदी का कर्नाटक दौरा
किसानों को बड़ा गिफ्ट




मिलते हैं 3.75 लाख रुपये-मृदा स्वास्थ्य प्रबन्धन योजना जहां एक ओर किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है, वहीं ग्रामीण युवाओं के लिए यह रोजगार का माध्यम भी बनी है. योजना के अंतर्गत ग्रामीण युवा एवं किसान जिनकी उम्र 40 वर्ष तक है, मृदा परीक्षण लैब बनाकर कमाई कर सकते हैं. प्रयोगशाला स्थापित करने में 5 लाख रूपए तक का खर्च आता हैं, जिसका 75 प्रतिशत केंद्र एवं राज्य सरकार वहन करती है. स्वयं सहायता समूह, कृषक सहकारी समितियां, कृषक समूह या कृषक उत्पादक संगठनों के लिए भी यहीं प्रावधान है.

ऐसे करें शुरू- मिटटी जांच प्रयोगशाला को दो तरीके से स्टार्ट किया जा सकता है पहले तरीके में प्रयोगशाला एक दुकान किराये पर लेकर खोली जा सकती है. इसके अलावा दूसरी प्रयोगशाला ऐसी होती है जिसे इधर उधर ले जाया जा सकता है इसे अंग्रेजी में MOBILE SOIL TESTING VAN कहते हैं.

क्या हैं मृदा स्वास्थ्य प्रबन्धन योजना- कृषि मंत्री के मुताबिक यदि स्वयं सहायता समूह, कृषक सहकारी समितियां, कृषक समूह या कृषक उत्पादक संगठन इस प्रयोगशाला को स्थापित करता है तो उनको भी यह सहायता मिलेगी. सरकार द्वारा मिट्टी नमूना लेने, परिक्षण करने एवं सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराने के लिए 300 प्रति नमूना प्रदान किया जा रहा है.मंत्री ने बताया कि लैब बनाने के इच्छुक युवा किसान या अन्य संगठन जिले के उपनिदेशक ( कृषि ) , संयुक्त निदेशक (कृषि) या उनके कार्यालय में प्रस्ताव दे सकते हैं.

Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi yojana eligibility, farmer, bank, aadhaar card, Ministry of Agriculture, Modi government, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शर्तें, किसान, बैंक, आधार कार्ड, कृषि मंत्रालय, मोदी सरकार, FAQs of PM-Kisan scheme, प्रधानमंत्री किसान योजना के अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न, beneficiary list of PM-Kisan, पीएम किसान निधि के लाभार्थियों की सूची
सरकार की कोशिश है कि स्कीम का पैसा सही किसानों तक पहुंचे


इच्छुक युवा किसान या संगठन अपने जिले के उपनिदेशक, (कृषि), संयुक्त निदेशक कृषि को अथवा उनके कार्यालय में प्रस्ताव दे सकते हैं. वेबसाइट agricoop.nic.in या soilhealth.dac.gov.in पर या किसान कॉल सेंटर (1800-180-1551) पर सम्पर्क कर भी अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती हैं.

(1) पहले तरीके में कारोबारी ऐसी मिटटी को जांचेगा जो उसकी प्रयोगशाला में किसी के द्वारा भेजी या लायी जाएगी और उसके बाद उसकी रिपोर्ट ईमेल या प्रिंट आउट लेकर ग्राहक को भेज दी जाएगी. हालांकि पहले की तुलना में दूसरा विकल्प काफी फायदेमंद हो सकता है इसलिए जहां तक इसमें निवेश का भी सवाल है वह पहले विकल्प की तुलना में अधिक ही है .

(2) मिटटी जांच प्रयोगशाला में सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला पेश की जा सकती है. इस बिज़नेस को कोराबारी छोटे से स्तर से शुरू कर सकता है और जब उसे पूरा आत्मविश्वास हो जाय तो इस बिज़नेस को उसी आधार पर बढ़ा भी सकता है.

(3) कृषि के अलावा कारोबारी खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) उद्योगों को भी टारगेट कर सकता है. जो कंपनियां बीज, जैव ईधन, उर्वरक, कृषि मशीनरी इत्यादि का मैन्युफैक्चरिंग करते हैं ऐसी कंपनियों को भी बाद में कारोबारी द्वारा सर्विस दी जा सकती है.

5 साल पहले हुई थी शुरू
उर्वरकों के उपयोग से मृदा में मौजूद पोषक तत्‍वों में होने वाली कमी दूर करने के उद्देश्य से वर्ष 2014-15 में मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई 'मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना' के बेहतर परिणाम प्राप्त हो रहे हैं. योजना के दूसरे चरण में बीते दो साल में कृषि मंत्रालय द्वारा किसानों को 11.69 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के निर्देशन में मंत्रालय द्वारा मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं. इन कार्डों की सहायता से देश के किसान अपने खेत की मिट्टी के बेहतर स्वास्थ्य और उर्वरता में सुधार के लिए पोषक तत्वों को उचित मात्रा में उपयोग करने के साथ ही मिट्टी की पोषक स्थिति की जानकारी हासिल कर रहे हैं.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए मनी से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 5, 2020, 3:26 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर