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कर्ज़ माफी के जवाब में मोदी सरकार का नया प्लान, किसानों को हर महीने मिलेंगे रुपये

कर्ज़ माफी के जवाब में मोदी सरकार का नया प्लान, किसानों को हर महीने मिलेंगे रुपये

सरकार किसानों को न्यू ईयर गिफ्ट दे सकती है. मोदी सरकार यूनिवर्सल बेसिक इनकम (UBI) पर बड़ा ऐलान कर सकती है.

    (लक्ष्मण रॉय)


    किसानों की कर्ज माफी के जवाब में मोदी सरकार अब हर महीने एक तय रकम देने जैसी योजना लाने पर विचार कर रही है. CNBC आवाज़' को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, इसके लिए यूनिवर्सल बेसिक इनकम (UBI) स्कीम के तर्ज पर अलग-अलग विकल्प तलाशे जा रहे हैं.

    किसान कर्जमाफी का जवाबी कदम
    राज्यों में कांग्रेस सरकार की तरफ से किए गए किसान कर्जमाफी के जवाब में क्या कदम उठाने चाहिए. इस पर बुधवार शाम प्रधानमंत्री ने अपने आवास पर अहम बैठक बुलाई. सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में तीन अलग-अलग विकल्पों पर चर्चा हुई. इन विकल्पों पर प्रधानमंत्री के सामने कृषि सचिव ने प्रेजेंटेशन भी दिया.

    विकल्प-1
    इस पर सबसे ज्यादा सहमति के आसार हैं. वो है अनाज की सरकारी कीमत और किसानों को मिली कीमत के बीच का अंतर सीधे किसानों के खाते में दिया जाए. खास बात ये है कि इस स्कीम को पिछली तारीख से लागू किया जा सकता है. यानी खऱीफ सीजन जो खत्म हो चुका है, उस सीजन का अनाज किसानों ने मंडी में बेच दिया है. उसके एवज में भी किसानों को भरपाई करने का प्रस्ताव है. इस हिसाब से हर किसान को प्रति एकड़ करीब 1700 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव है. हो सकता है कि राजनीतिक फैसला लेते हुए इसे 2000 रुपये भी कर दिया जाए. इस तरह सालाना 50 हजार करोड़ रुपये का खर्चा आएगा.

    विकल्प -2
    दूसरा विकल्प ये है कि तेलांगना के तर्ज पर फसलों की बुआई से पहले किसानों के खाते में एक तय रकम डाल दी जाए. इससे सालाना करीब 1 लाख करोड़ रुपये का खर्च आएगा. लेकिन तेलांगना और दूसरे कुछ राज्यों ने इसे लागू कर दिया है. इसलिए इसका श्रेय मोदी सरकार की बजाय इन राज्यों को जा सकता है. इसलिए इस स्कीम के लागू होने की संभावना बहुत मजबूत नहीं है.

    विकल्प -3
    तीसरा विकल्प ये है कि जिन जिन किसानों ने 1 लाख रुपये तक का फसल कर्ज लिया है, उनका कर्ज माफ कर दिया जाए. इस स्कीम का फायदा है कि किसानों को तुंरत लाभ मिलेगा. लेकिन, इस स्कीम की तीन खामियां भी हैं. पहला, इसमें करीब 3.3 लाख करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जो सरकार फिलहाल उठाने के मूड में नहीं है. दूसरा, ये फैसला मोदी सरकार की घोषित नीति के खिलाफ है. और तीसरा, अगर सरकार ने ये फैसला ले भी लिया तो इसका श्रेय कांग्रेस को ज्यादा मिलेगा.

    इसलिए सूत्र बता रहे हैं कि पहले विकल्प पर मुहर लगने की संभावना ज्यादा है. इसका आधिकारिक ऐलान जल्द किया जा सकता है.

    (ये भी पढ़ें: कांग्रेस की कर्जमाफी पर मोदी सरकार का एक्‍शन प्‍लान, किसानों को ऐसे मिलेगी अनाज की पूरी कीमत)

    >> किसान कर्जमाफी का जवाब तलाश रही है सरकार
    >> सरकार का एक हिस्सा यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम के पक्ष में
    >> यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम के अलग अलग विकल्प पर विचार
    >> स्कीम के तहत हर शख्स को हर महीने तय आमदनी
    >> वित्त मंत्रालय को राजस्व घाटा ज्यादा बढ़ने का खतरा
    >> स्कीम के साथ साथ सब्सिडी खत्म करने में राजनैतिक जोखिम का डर
    >> संबंधित मंत्रालयों से सलाह मशविरा किया जा रहा है
    >> प्रधानमंत्री कार्यालय में जल्द हो सकती है बैठक
    >> अगर सहमति बनी तो चुनाव के नजदीक स्कीम का ऐलान संभव

    इस योजना पर भी विचार जारी
    >> सरकारी कीमत से कम में अनाज बेचने पर भरपाई करने का प्रस्ताव -सूत्र
    >> सीधे किसान के खाते में पैसे डालने के प्रस्ताव पर विचार -सूत्र
    >> किसान क्रेडिट कार्ड के तहत लोन की अधिकतम सीमा दोगुना करने पर विचार -सूत्र
    >> अभी किसान क्रेडिट कार्ड के तहत 1 लाख रु तक का लोन
    >> अभी 4 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड हैं
    >> फसल बीमा योजना में बदलाव किया जा सकता है -सूत्र
    >> कृषि लोन में एनपीए की शर्तों को आसान किया जा सकता है

    ये भी पढ़ें: भारत ने नहीं सुनी चीन की! भारतीयों के हित में लगाया इन चीनी प्रोडक्ट्स पर बैन

    क्या है यूनिवर्सल बेसिक इनकम- यूनिवर्सल बेसिक इनकम कोई नया आइडिया नहीं है. 2016-17 के आर्थिक सर्वेक्षण में इस विचार को पेश किया गया था. उस समय इस बारे में कहा गया था कि अगर इसे लागू नहीं किया जा सकता है, तो इस पर चर्चा जरूर होनी चाहिए.

    यूबीआई लागू हो जाने के बाद देश के हर नागरिक के बैंक खाते में सीधे एक फिक्स्ड अमाउंट ट्रांसफर किया जाएगा. इस योजना के तहत लोगों की सामाजिक और आर्थिक अवस्था मायने नहीं रखती है. यूबीआई की सबसे खास बात है कि यह सबके लिए होगा.

    यह किसी खास वर्ग को टारगेट करके नहीं लागू किया जाएगा. यह बिना शर्तों का होगा यानी किसी व्यक्ति को अपनी रोजगार की स्थिति या सामाजिक-आर्थिक स्थिति को साबित करने की जरूरत नहीं होगी. यूबीआई के तहत सिर्फ जीरो इनकम वाले लोगों को ही इस सुविधा का पूरा लाभ मिलेगा. ऐसे लोग जिनकी बेसिक इनकम के अलावा भी आमदनी का जरिया होगी, उनके इनकम पर टैक्स लगाकर सरकार फायदे को कंट्रोल करेगी.

    (पॉलिटिकल-इकोनॉमिक एडिटर- सीएनबीसी आवाज़)

    Tags: Agriculture ministry, Agriculture producers, Business news in hindi, Ministry of Agriculture, Narendra modi

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