सरचार्ज वापस लेने पर करेंगे भारत में फिर से निवेश, वित्त मंत्री के साथ बैठक में बोले विदेशी निवेशक

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठक में सरचार्ज वापस लेने के मामले पर बड़ी चर्चा हुई है.

News18Hindi
Updated: August 10, 2019, 2:29 PM IST
सरचार्ज वापस लेने पर करेंगे भारत में फिर से निवेश, वित्त मंत्री के साथ बैठक में बोले विदेशी निवेशक
सरचार्ज वापस लेने पर करेंगे भारत में फिर निवेश, वित्त मंत्री के साथ बैठक में बोले विदेशी निवेशक
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Updated: August 10, 2019, 2:29 PM IST
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठक में सरचार्ज वापस लेने के मामले पर बड़ी चर्चा हुई है. निवेशकों ने वित्त मंत्री से उन पर लगने वाले सरचार्ज वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि भारत में निवेश करने में वे तभी सक्षम हो पाएंगे जब टैक्स (Tax) स्थिरता होगी. हालांकि, वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है. आपको बता दें कि वित्त मंत्रालय ने में किए गए बदलाव को लेकर निवेशकों की चिंता जानने के लिए शुक्रवार को एफपीआई और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की एक बैठक बुलाई थी जिसमें एफपीआई के प्रतिनिधियों ने नार्थ ब्लॉक में वित्तमंत्री और सचिवों से मुलाकात की.

 विदेशी निवेशक कर चुके हैं 22 हजार करोड़ की बिकवाली- 5 जुलाई को संसद में पेश आम बजट 2019-20 में सरकार ने दौलतमंद इनकम टैक्सपेयर्स पर सरचार्ज बढ़ाने की घोषणा की थी, जिसके बाद विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा बिकवाली की है.

>> बैठक में सभी प्रमुख विदेशी संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया.हालांकि बैठक में वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने उनके द्वारा दिए गए सुझावों पर कोई बयान नहीं दिया, लेकिन उनके द्वारा उठाए गए मसलों को सुना.

वित्त मंत्री के साथ बैठक में बोले विदेशी निवेशक


>> बैठक में एफपीआई ने वित्त मंत्री से टैक्स स्थिरता की मांग करते हुए कहा कि वे भारत में तभी निवेश करने में सक्षम होंगे जब उन पर लगने वाला सरचार्ज वापस लिया जाएगा.

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>> एएमआरआई (एसोसिएशन ऑफ एसेंट मैनेजमेंट राउंडटेबल ऑफ इंडिया) की प्रेसिडेंट नंदिता पारकर ने कहा, हमने टैक्सेसन और ईज ऑफ डूइंग बिजनस पर बातचीत की.
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>> हमने उनको बताया कि भारत सिर्फ इक्विटी एफपीआई प्रवाह में 25-35 अरब डॉलर निवेश को आकर्षित कर सकता है. इसके लिए स्थिर टैक्स सिस्टम काफी जरूरी है जिससे टैक्स बाधक न बने. यही बड़ा मसला था जिस पर विचार-विमर्श किया गया.'

>> उन्होंने कहा कि भारत में स्टॉक में नई स्फूर्ति लाने के लिए सरल उपाय करने की आवश्यकता है. उनसे जब पूछा गया कि क्या उनको उम्मीद है कि सरकार एफपीआई पर प्रस्तावित कर वापस लेगी तो उन्होंने कहा, मैं सिर्फ उम्मीद ही कर रही हूं.

>> उन्होंने कहा कि यदि एफपीआई कर जारी रहेगा तो इससे भारत में एफपीआई के निवेश को बड़ा नुकसान होगा. पारकर ने कहा, 'हमने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स की वापसी का मसला भी मंत्रालय के पास लाया क्योंकि अधिकांश देशों में यह नहीं है.'

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First published: August 10, 2019, 2:29 PM IST
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