सुस्त इकॉनमी से निपटने को एक्शन में आई मोदी सरकार, लिया ये बड़ा फैसला

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Updated: September 8, 2019, 1:57 AM IST
सुस्त इकॉनमी से निपटने को एक्शन में आई मोदी सरकार, लिया ये बड़ा फैसला
अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन तक ले जाने के लिए सरकार एक्शन में आ गई है (फाइल फोटो)

भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) को वापस पटरी पर लाने के लिए मोदी सरकार (Modi Government) एक्शन मोड में आ गई है. सरकार ने इसके लिए एक टास्क फोर्स समिति (Task Force Committee) का गठन कर दिया है.

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  • Last Updated: September 8, 2019, 1:57 AM IST
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भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) में इस समय सुस्ती साफ देखी जा सकती है. जिसका असर अब कई सारे सेक्टरों पर पड़ता दिखाई दे रहा है. खासकर ऑटो, टेक्सटाइल और एफएमसीजी सेक्टर (FMCG Sector) के सेल्स और प्रोडक्शन में लगातार गिरावट दिख रही है. GDP सहित अर्थव्यवस्था के दूसरे आंकड़ों के जरिए भी निराशा का माहौल दिख रहा है. ऐसे में देश की अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाने के लिए मोदी सरकार (Modi Government) एक्शन मोड में आ गई है. सरकार ने इसके लिए एक टास्क फोर्स समिति का गठन कर दिया है.

यह टास्क फोर्स समिति (Task Force Committee) भारत में अगले 5 सालों में 1.4 ट्रिलियन डॉलर के निवेश को बढ़ाने के लिए रोडमैप तैयार करेगी ताकि भारत का 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था (5 Trillion Dollar Economy) बनने का सपना सच हो सके.

साल के अंत तक सारी रिपोर्ट्स दे देगी समिति
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, साल 2024-2025 तक देश की जीडीपी (GDP) को 5 ट्रिलियन तक पहुंचाने के लिए देश में 1.4 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 100 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की जरूरत है. इसके लिए एक टास्क फोर्स समिति का गठन किया गया है, जो निवेश (Investment) के लिए रोडमैप तैयार करेगी. यह समिति अपनी पहली रिपोर्ट 31 अक्टूबर तक देगी. इस रिपोर्ट में 2019-20 के निवेश का लक्ष्य होगा. बयान में आगे कहा गया है कि समिति अपनी अंतिम रिपोर्ट 31 दिसंबर तक सरकार को सौंपेगी.

इन मामलों में माने जाएंगे कमेटी के सुझाव
यह टास्क फोर्स समिति जिस रिपोर्ट को तैयार करेगी, उसी के लक्ष्य के हिसाब से 2024-2025 तक के निवेश का लक्ष्य तय किया जाएगा. इस टास्क फोर्स समिति का नेतृत्व डिपार्टमेंट ऑफ इकॉनमी अफेयर्स (DEA) सेक्रेटरी करेंगे. समिति में नीति अयोग (NITI Aayog) और वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) के सीनियर अधिकारी भी शामिल होंगे. ये समिति इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की पहचान करेगी. और इन प्रोजेक्ट्स पर आने वाले खर्चों की रिपोर्ट भी तैयार करके सरकार को देगी. इतना ही नहीं ये संबंधित मंत्रालयों को फंड जुटाने के लिए रास्ते तलाशने में भी मदद करेगी.

बता दें कि फिलहाल आर्थिक आंकड़े निराश करने वाले हैं. ताजा आंकड़ों के मुताबिक साल की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में विकास दर 5.8% से घटकर 5% हो गई है. यह मोदी सरकार के दोनों कार्यकालों में अर्थव्यवस्था की सबसे सुस्त रफ्तार है.
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First published: September 7, 2019, 11:36 PM IST
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