मोदी सरकार ने टैक्सपेयर्स को दी बड़ी राहत, टैक्स वसूली के लिए नहीं घसीटेगी कोर्ट

सरकार ने बजट में छोटे टैक्सपेयर्स को टैक्स वसूली में राहत दी है. सरकार ने इनकम टैक्स के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है. इसके मुताबिक छोटे टैक्सपेयर्स से टैक्स वसूली के लिए सरकार कोर्ट में नहीं घसीटेगी.

News18Hindi
Updated: July 11, 2019, 7:10 PM IST
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Updated: July 11, 2019, 7:10 PM IST
मोदी सरकार ने छोटे टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है. सरकार ने बजट में छोटे टैक्सपेयर्स को टैक्स वसूली में राहत दी है. सरकार ने इनकम टैक्स के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है. इसके मुताबिक छोटे टैक्सपेयर्स से टैक्स वसूली के लिए सरकार कोर्ट में नहीं घसीटेगी. नए प्रस्ताव के मुताबिक 10 हजार रुपये ज्यादा टैक्स चोरी के मामलों में ही इनकम टैक्स विभाग कोर्ट जाएगा. इसके अलावा टैक्स नोटिस का जवाब नहीं देने पर इनकम टैक्स विभाग को कानूनी कार्यवाही का प्रावधान होगा. बजट में इनकम टैक्स कानून में बदलाव के लिए सरकार ने प्रस्ताव रखा है.

बता दें कि 5 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का बजट पेश किया था. वित्त मंत्री ने बजट भाषण में इनकम टैक्स नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा. इस प्रस्ताव के मुताबिक, सरकार टैक्स वसूली के लिए छोटे टैक्सपेयर्स को कोर्ट में नहीं घसीटेगी.



3 हजार रुपये से कम का टैक्स बकाया वालों को राहत

अब जिन लोगों के खिलाफ भी 3 हजार रुपये से कम का टैक्स बकाया है उनके खिलाफ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट मुकदमा दायर नहीं करेगा. 10,000 रुपये से ज्यादा की टैक्स चोरी पर IT विभाग कोर्ट जाएगा. फिलहाल 3000 से ज्यादा के बकाया पर अदालती कार्रवाई होगी. बता दें कि 3000 रुपये के कम के 22,156 मामले 5 साल से कोर्ट में लंबित हैं. इसके लिए बजट में आयकर कानून में बदलाव का प्रस्ताव. सरकार छोटे मामलों में समय और पैसे की बर्बादी नहीं चाहती.

टैक्स चोरी रोकने के लिए उठाए कदम
वहीं सरकार ने बजट में टैक्स चोरी रोकने के लिए नया कदम उठाया. इसके तहत सरकार अब आपके बैंक खाते के अलावा विदेश यात्रा और बिजली के बिल पर भी नजर रखेगी. अगर आपने 1 लाख रुपये से अधिक या आपने सालभर में बैंक में 1 करोड़ रुपये से अधिक जमा कराए हैं तो भले आपकी टैक्सेबल इनकम 5 लाख रुपये सालाना से कम हो, आपके लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करना अनिवार्य होगा.
आम बजट 2019 में टैक्स की चोरी रोकने और टैक्स बेस बढ़ाने के उद्देश्य से यह प्रस्ताव किए गए हैं. बजट के साथ प्रस्तुत वित्त विधेयक(2)-2019 में आयकर अधिनियम की धारा-139 में कुछ संशोधन के प्रस्ताव हैं. इसके तहत कुछ मदों पर किसी भी शख्स के द्वारा एक निश्चित राशि से अधिक का लेनदेन करने पर आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य होगा.

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(आलोक प्रियदर्शी, संवाददाता- CNBC आवाज़)
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